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किसानों ने कॉल कर दी तो मुश्किल हो जाएगी : अभिमन्यु
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बादली। ढांसा बॉर्डर के धरने पर मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा की केंद्रीय कमेटी के सदस्य अभिमन्यु कोहाड़ पहुंचे। उन्होंने प्रधानमंत्री के एक कॉल की दूरी वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी कॉल का अब तक पता नहीं चला। जबकि, संयुक्त किसान मोर्चा एक कॉल कर देगा तो हर धरने पर हजारों, लाखों की संख्या में लोग एकत्रित हो जाएंगे।
पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणाम पर किसान नेता अभिमन्यु ने कहा कि कहा कि पश्चिम बंगाल में हार ने भाजपा के घमंड को मिट्टी में मिला दिया है। यह ममता की जीत नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल के किसानों की जीत है। अगर यह ममता की जीत होती तो वह अपनी सीट से हारती नहीं, बल्कि बड़े अंतर से अपनी सीट जीत जाती।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को तीनों कृषि कानून वापस लेने होंगे और एमएसपी पर गारंटी कानून बनाना होगा। अगर मंडियों का प्राइवेटाइजेशन होगा तो दलित व गरीब व्यक्ति को अनाज नहीं मिलेगा। आज लोग जो ऑक्सीजन की कमी के कारण मर रहे हैं, फिर अनाज की कमी से मरेंगे।
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अभिमन्यु ने कहा कि पिछले साल जब कोरोना की महामारी आई थी तो प्रधानमंत्री रिलीफ फंड में जो पैसा आया था वह कहां गया। सरकार जो 9 प्रतिशत ब्याज देने की बात कह रही थी वह नहीं दिया। अब कटाई का काम खत्म हो चुका है। ढांसा बॉर्डर धरने की संख्या ज्यादा से ज्यादा बढ़ाएं। इस अवसर पर किसान आंदोलन की अध्यक्षता कर रहे विनोद बादली, किसान यूनियन के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र डागर, जयप्रकाश बेनीवाल, सरजीत गुलिया, सतबीर दरियापुर, प्रीतम, हिम्मल पहलवान, बेदन ठेकेदार और धर्मेंद्र यादव सहित सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे।
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पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणाम पर किसान नेता अभिमन्यु ने कहा कि कहा कि पश्चिम बंगाल में हार ने भाजपा के घमंड को मिट्टी में मिला दिया है। यह ममता की जीत नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल के किसानों की जीत है। अगर यह ममता की जीत होती तो वह अपनी सीट से हारती नहीं, बल्कि बड़े अंतर से अपनी सीट जीत जाती।
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को तीनों कृषि कानून वापस लेने होंगे और एमएसपी पर गारंटी कानून बनाना होगा। अगर मंडियों का प्राइवेटाइजेशन होगा तो दलित व गरीब व्यक्ति को अनाज नहीं मिलेगा। आज लोग जो ऑक्सीजन की कमी के कारण मर रहे हैं, फिर अनाज की कमी से मरेंगे।
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अभिमन्यु ने कहा कि पिछले साल जब कोरोना की महामारी आई थी तो प्रधानमंत्री रिलीफ फंड में जो पैसा आया था वह कहां गया। सरकार जो 9 प्रतिशत ब्याज देने की बात कह रही थी वह नहीं दिया। अब कटाई का काम खत्म हो चुका है। ढांसा बॉर्डर धरने की संख्या ज्यादा से ज्यादा बढ़ाएं। इस अवसर पर किसान आंदोलन की अध्यक्षता कर रहे विनोद बादली, किसान यूनियन के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र डागर, जयप्रकाश बेनीवाल, सरजीत गुलिया, सतबीर दरियापुर, प्रीतम, हिम्मल पहलवान, बेदन ठेकेदार और धर्मेंद्र यादव सहित सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे।