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कैमरे में कैद हुआ खौफनाक मंजर: प्रत्यक्षदर्शी युजविन्द्र बोले- मेरी आंखों के सामने डूबे 3 युवक, दो शव बरामद
Sat, 26 Sep 2026 10:14 AM IST
Naveen
संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)
Published by: Naveen
Updated Sat, 26 Sep 2026 10:14 AM IST
सार
गांव बरहाना निवासी प्रत्यक्षदर्शी युजविन्द्र अहलावत ने बताया कि वह शाम को बहादुरगढ़ ऑफिस से लौट रहे थे और नहर किनारे जागरूकता के उद्देश्य से विसर्जन का वीडियो बना रहे थे। उसी दौरान उनकी नजर प्रतिमा विसर्जित कर रहे युवकों पर पड़ी।
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मौके की तस्वीर
- फोटो : संवाद
विस्तार
गणेश प्रतिमा विसर्जन की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं जब रोहद के पास से गुजर रही एनसीआर नहर में तीन युवक गहरे पानी में समा गए। हादसे के वक्त का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक जान बचाने के लिए हाथ-पांव मारते दिख रहे हैं, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण कुछ ही सेकंड में ओझल हो गए। अब तक दो युवकों मध्य प्रदेश निवासी अजय (24) और बिहार निवासी नीतीश (21) के शव निकाले जा चुके हैं, जबकि उत्तर प्रदेश निवासी शिवकांत (21) की तलाश के लिए गोताखोर और एसडीआरएफ की टीमें जुटी हुई हैं।
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साथी को बचाने में गहरे पानी में उतरे, तीनों डूबे
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार शाम करीब 16-17 लोगों का एक समूह ढोल-नगाड़ों के साथ गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए एनसीआर नहर पर पहुंचा था। शाम करीब 6:20 बजे अजय प्रतिमा को लेकर नहर में उतरा, लेकिन पैर फिसलने और पानी की गहराई अधिक होने से वह डूबने लगा। अजय को छटपटाता देख किनारे खड़े उसके दो साथी—नीतीश और शिवकांत उसे बचाने के लिए बिना सोचे-समझे नहर में कूद पड़े। दुर्भाग्यवश, नहर का बहाव इतना तेज था कि तीनों ही पानी के भंवर में फंस गए और देखते ही देखते आंखों से ओझल हो गए।
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अफरा-तफरी के बीच चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसा होते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। साथ आए लोगों ने शोर मचाकर राहगीरों को जुटाया और पुलिस को सूचना दी। थाना आसौदा पुलिस और गोताखोरों की टीम ने तत्काल पहुंचकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद अजय का शव पानी से निकाला गया, वहीं करीब साढ़े तीन घंटे बाद नीतीश का शव बरामद हुआ। तेज बहाव और रात के अंधेरे के चलते बचाव कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बाद में एसडीआरएफ की टीम को भी मोर्चे पर लगाया गया।
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एक ही फैक्ट्री में साथ काम करते थे युवक
हादसे का शिकार हुए तीनों युवक रोहद स्थित 'टेक फूड प्रोडक्ट' कंपनी (चॉकलेट फैक्ट्री) में काम करते थे और रोजी-रोटी के सिलसिले में यहां रह रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही कंपनी के सहकर्मी और स्थानीय लोग भारी संख्या में नहर किनारे जमा हो गए।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया आंखों देखा हाल
गांव बरहाना निवासी प्रत्यक्षदर्शी युजविन्द्र अहलावत ने बताया कि वह शाम को बहादुरगढ़ ऑफिस से लौट रहे थे और नहर किनारे जागरूकता के उद्देश्य से विसर्जन का वीडियो बना रहे थे। उसी दौरान उनकी नजर प्रतिमा विसर्जित कर रहे युवकों पर पड़ी। देखते ही देखते युवक गहरे पानी में जाने लगे और डूबने लगे। वहां मौजूद लोगों ने एक युवक को तो किसी तरह खींचकर बचा लिया, लेकिन बाकी तीन साथी पानी में समा गए और पूरा वाकया मोबाइल कैमरे में कैद हो गया।
थाना आसौदा के एसएचओ जयभगवान ने बताया कि दोनों बरामद शवों को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल बहादुरगढ़ भेज दिया गया है। तीसरे युवक शिवकांत की तलाश के लिए नहर में व्यापक स्तर पर सर्च अभियान चलाया जा रहा है।