फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Hopes for construction of Sainik School in Matanahal, State Sainik Board director inspects land

मातनहेल में सैनिक स्कूल के निर्माण की जगी उम्मीद, राज्य सैनिक बोर्ड के निदेशक ने किया भूमि का निरीक्षण

Wed, 03 Feb 2021 12:56 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 03 Feb 2021 12:56 AM IST
विज्ञापन
Hopes for construction of Sainik School in Matanahal, State Sainik Board director inspects land
सैनिक स्कूल की भूमि के निरीक्षण के लिए आए निदेशक मनीराम शर्मा को जानकारी देते अधिकारी व ग्रामीण। - फोटो : Jhjhar
झज्जर। मातनहेल क्षेत्र के लोगों की सैनिक स्कूल की लंबे समय की मांग अब जल्द पूरी होती दिखाई दे रही है। मंगलवार को राज्य सैनिक बोर्ड के निदेशक ने मातनहेल गांव का दौरा किया और ग्राम पंचायत की तरफ से दी गई भूमि का निरीक्षण किया। निदेशक मनीराम शर्मा संबंधित जमीन देखने मातनहेल नीमली रोड पर पहुंचे। उन्होंने मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों से भी भूमि के बारे में जानकारी ली।
विज्ञापन

राज्य सैनिक बोर्ड के निदेशक ने वन विभाग के अधिकारियों से पूछा कि जो 61 एकड़ जमीन ग्राम पंचायत ने दी है, उस भूमि पर वन विभाग की तरफ से कोई आपत्ति तो नहीं है। क्योंकि इसके पहले सैनिक स्कूल के नाम की गई 312 एकड़ भूमि में से कुछ भूमि पर वन विभाग ने अपना अधिकार जताया था। जिसकी वजह से इसकी कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पा रही थी। लेकिन अब विभाग ने इस भूमि के बारे में बताया है कि इस पर सैनिक स्कूल बनाया जा सकता है। इसके लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र भी विभाग से मांगा गया है। जिसकी कार्यवाही तुरंत प्रभाव से शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन

दो साल पहले दी थी बजट को मंजूरी
वर्ष 2019 में सरकार ने जिले वासियों की दशकों पुरानी मांग पूरी करते हुए गांव मातनहेल में सैनिक स्कूल खोलने की मंजूरी दी थी। सरकार ने सैनिक स्कूल के लिए 50 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर कर दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

वन विभाग ने जताई थी आपत्ति
पिछले साल सैनिक स्कूल के रास्ते में जमीन रोड़ा बनकर खड़ी हो गई थी। स्कूल के नाम से दी गई भूमि पर वन विभाग ने अधिकार जता दिया था। विभाग की तरफ से कहा गया था कि स्कूल के लिए दी जाने वाली भूमि में कुछ हिस्सा वन विभाग का है। सेक्शन 4 व 5 के तहत दी गई भूमि पर स्कूल नहीं बनाया जा सकता। पंचायत की भूमि पर स्कूल का निर्माण कर सकते हैं। जबकि सैनिक स्कूल कमेटी के उप प्रधान गुरदीप का कहना है कि वर्ष 1983 में जमीन पंचायत ने सैनिक स्कूल के नाम की थी। वर्ष 2002 में 312 एकड़ भूमि का इंतकाल भी हो चुका है। लेकिन वन विभाग ने उस जमीन पर अनपा अधिकार भी जता दिया था। अब नीमली रोड पर पंचायत की तरफ 61 एकड़ भूमि का प्रस्ताव सैनिक स्कूल के निर्माण के लिए दिया गया है। उसके बाद निदेशक ने इसके निर्माण के लिए भूमि का निरीक्षण किया है।
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के लिए युवाओं को तैयार करता है सैनिक स्कूल
रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत सैनिक स्कूल सोसायटी द्वारा संचालित सैनिक स्कूलों में कक्षा छह से बारहवीं तक पढ़ाई होती है। बोर्डिंग सुविधाओं से परिपूर्ण सैनिक स्कूलों में केवल लड़कों के लिए ही शिक्षा की सुविधाएं हैं। कक्षा छह व कक्षा नौ में प्रवेश परीक्षा, मेडिकल टेस्ट आदि के माध्यम से दाखिले का प्रावधान है। भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने सेना, नौ सेना व वायु सेना में होनहार युवाओं को बतौर अफसर तैयार करने के लिए देशभर में सैनिक खोले हैं। देशभर में लगभग 25 सैनिक स्कूल हैं, जिनमें से दो हरियाणा के कुंजपुरा व रेवाड़ी में स्थापित किए गए हैं। मातनहेल सैनिक स्कूल प्रदेश का तीसरा सैनिक स्कूल होगा। फिलहाल अभी तक किसी भी राज्य में तीन सैनिक स्कूल नहीं हैं।
दो बार हुआ था शिलान्यास
मातनहेल में सैनिक स्कूल का शिलान्यास वर्ष 2003 में 7 सितंबर को तत्कालीन रक्षा मंत्री जार्ज फर्नांडिस व तत्कालीन मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने किया था। उसके बाद जब स्कूल यहां पर नहीं बना और उसे पाली गोठड़ा में तब्दील कर दिया गया तो भाजपा की पिछली सरकार के समय इसे दोबारा से मंजूरी दी गई। 27 फरवरी को इस स्कूल के निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई। उसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 3 मार्च 2019 को सैनिक स्कूल का शिलान्यास किया था।
हर जगह लगाई गुहार
सैनिक स्कूल कमेटी के उप प्रधान गुरदीप सिंह का कहना है कि उनकी कमेटी तत्कालीन थल सेना अध्यक्ष दलबीर सुहाग से मिली। उसके बाद इसकी कार्यवाही आगे बढ़ी थी। प्रदेश के अधिकांश मंत्रियों व उप मुख्यमंत्री से मिलकर वह स्कूल के निर्माण के लिए गुहार लगा चुके हैं। अब मंगलवार को निदेशक के दौरे के बाद सैनिक स्कूल के निर्माण की उम्मीद जगी है।
ये रहे मौजूद
निदेशक की तरफ से भूमि के निरीक्षण के समय झज्जर की एसडीएम शिखा, मातनहेल की खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, तहसीलदार के अलावा सैनिक स्कूल निर्माण कमेटी के प्रधान संदीप दरोगा, उप प्रधान गुरदीप सिंह, सचिव दिनेश गोयल व सुजीत सुहाग सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

सैनिक स्कूल के निर्माण के लिए ग्राम पंचायत की तरफ से दी गई भूमि पर वन विभाग को कोई आपत्ति नहीं है। ग्राम पंचायत की तरफ से 61 एकड़ भूमि का प्रस्ताव दिया गया है। जल्द ही स्कूल का निर्माण कार्य शुरू करवाने के लिए सरकार को रिपोर्ट भेजेंगे।
- मनीराम शर्मा, निदेशक, राज्य सैनिक बोर्ड, पंचकुला।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed