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हरियाणा संयुक्त किसान मोर्चा का गठन, चढ़ूनी बनाए गए अध्यक्ष
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गुरनाम सिंह चढ़ूनी।
- फोटो : Bahadurgarh
संयुक्त किसान मोर्चा की हरियाणा प्रांतीय इकाई का वीरावर को गठन किया गया है। हरियाणा संयुक्त किसान मोर्चा के नाम से बनाई गई कमेटी में 14 संगठन शामिल हुए हैं। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी को हरियाणा संयुक्त किसान मोर्चा का अध्यक्ष चुना गया है।
हरियाणा संयुक्त किसान मोर्चा के गठन को लेकर वीरवार को किसान संगठनों की बैठक सेक्टर-9 के साथ बने खेती बचाओ संघर्ष समिति हरियाणा (रतिया) के टेंट में हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए खेती बचाओ संघर्ष समिति मल्लवाला के अध्यक्ष जरनैल सिंह मल्लवाला ने बताया कि भाकियू (चढ़ूनी) के गुरनाम सिंह चढ़ूनी समेत 16 संगठनों ने इसमें भाग लिया। बैठक में सरकार द्वारा एमएसपी सुनिश्चित करने और कृषि कानूनों को लेकर कमेटी बनाने के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श किया गया। सभी किसान नेताओं ने हरियाणा के किसानों को संगठित रखने पर जोर दिया। प्रस्ताव पास कर तीनों कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताते हुए उन्हें वापस लेने की मांग की।
चढ़ूनी ने सरकार द्वारा कुछ समय तक कानूनों को ठंडे बस्ते में डालने के प्रस्ताव को छलावा बताया। उन्होंने कहा कि सरकार 26 जनवरी को किसान परेड टालने के लिए ऐसा प्रस्ताव लेकर आई है। उन्होंने कहा कि एमएसपी और तीनों कृषि कानूनों पर जो कमेटी बनाने का प्रस्ताव सरकार ने किसानों को दिया है, उससे उम्मीद है कि कमेटी तीनों कानूनों को रद्द कर सकती है, पर एमएसपी हमें नहीं देगी। इससे किसानों को ज्यादा नुकसान होगा। इस पर बैठक में शामिल किसान नेताओं ने कहा कि हमें एमएसपी पर कमेटी स्वीकार नहीं है। सरकार कमेटी बनाने से पहले एमएसपी के लिए एक अध्यादेश जारी करे। सभी किसान नेताओं ने कहा कि कमेटी से पहले हर हाल में एमएसपी लागू किया जाए। जब तक एमएसपी की गारंटी का अध्यादेश जारी नहीं होगा तब तक हम आंदोलन से वापस नहीं जाएंगे।
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चढ़ूनी ने बताया कि सरकार के प्रस्ताव पर अंतिम चर्चा संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में होगी। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी को सरकार के साथ बैठक में समाधान निकलने की उम्मीद कम है, इसलिए 26 जनवरी को दिल्ली में आउटर रिंग रोड पर ट्रैक्टर परेड अवश्य निकलेगी। गांव-गांव से किसान और महिलाओं के जत्थे परेड में शामिल होंगे।
जरनैल सिंह मल्लवाला ने गुरनाम सिंह को गुलिया खाप के गांव जहांगीरपुर के निवासी सुनील गुलिया के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज होने की जानकारी दी। इस पर चढ़ूनी ने कहा कि अगर हमें एमएसपी पर गारंटी और तीनों कृषि कानूनों के वापस होने की जीत मिलती है तो ये सभी मुकदमे रद्द हो जाएंगे। अगर हम हार जाते हैं तो सभी अपने-अपने मुकदमों को भुगतना। सुनील गुलिया से उन्होंने कहा कि वे अपना मुकदमा नंबर और थाने का नाम लिखकर उन्हें दें। वह निंदा प्रस्ताव में इस बात को रखेंगे। अगर पुलिस उन्हें तंग करे तो हम सभी उनके साथ खड़े होंगे।
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हरियाणा संयुक्त किसान मोर्चा के गठन को लेकर वीरवार को किसान संगठनों की बैठक सेक्टर-9 के साथ बने खेती बचाओ संघर्ष समिति हरियाणा (रतिया) के टेंट में हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए खेती बचाओ संघर्ष समिति मल्लवाला के अध्यक्ष जरनैल सिंह मल्लवाला ने बताया कि भाकियू (चढ़ूनी) के गुरनाम सिंह चढ़ूनी समेत 16 संगठनों ने इसमें भाग लिया। बैठक में सरकार द्वारा एमएसपी सुनिश्चित करने और कृषि कानूनों को लेकर कमेटी बनाने के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श किया गया। सभी किसान नेताओं ने हरियाणा के किसानों को संगठित रखने पर जोर दिया। प्रस्ताव पास कर तीनों कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताते हुए उन्हें वापस लेने की मांग की।
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चढ़ूनी ने सरकार द्वारा कुछ समय तक कानूनों को ठंडे बस्ते में डालने के प्रस्ताव को छलावा बताया। उन्होंने कहा कि सरकार 26 जनवरी को किसान परेड टालने के लिए ऐसा प्रस्ताव लेकर आई है। उन्होंने कहा कि एमएसपी और तीनों कृषि कानूनों पर जो कमेटी बनाने का प्रस्ताव सरकार ने किसानों को दिया है, उससे उम्मीद है कि कमेटी तीनों कानूनों को रद्द कर सकती है, पर एमएसपी हमें नहीं देगी। इससे किसानों को ज्यादा नुकसान होगा। इस पर बैठक में शामिल किसान नेताओं ने कहा कि हमें एमएसपी पर कमेटी स्वीकार नहीं है। सरकार कमेटी बनाने से पहले एमएसपी के लिए एक अध्यादेश जारी करे। सभी किसान नेताओं ने कहा कि कमेटी से पहले हर हाल में एमएसपी लागू किया जाए। जब तक एमएसपी की गारंटी का अध्यादेश जारी नहीं होगा तब तक हम आंदोलन से वापस नहीं जाएंगे।
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चढ़ूनी ने बताया कि सरकार के प्रस्ताव पर अंतिम चर्चा संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में होगी। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी को सरकार के साथ बैठक में समाधान निकलने की उम्मीद कम है, इसलिए 26 जनवरी को दिल्ली में आउटर रिंग रोड पर ट्रैक्टर परेड अवश्य निकलेगी। गांव-गांव से किसान और महिलाओं के जत्थे परेड में शामिल होंगे।
जरनैल सिंह मल्लवाला ने गुरनाम सिंह को गुलिया खाप के गांव जहांगीरपुर के निवासी सुनील गुलिया के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज होने की जानकारी दी। इस पर चढ़ूनी ने कहा कि अगर हमें एमएसपी पर गारंटी और तीनों कृषि कानूनों के वापस होने की जीत मिलती है तो ये सभी मुकदमे रद्द हो जाएंगे। अगर हम हार जाते हैं तो सभी अपने-अपने मुकदमों को भुगतना। सुनील गुलिया से उन्होंने कहा कि वे अपना मुकदमा नंबर और थाने का नाम लिखकर उन्हें दें। वह निंदा प्रस्ताव में इस बात को रखेंगे। अगर पुलिस उन्हें तंग करे तो हम सभी उनके साथ खड़े होंगे।