Haryana: सरकार नई टेक्सटाइल नीति बनाने पर कर रही विचार, उपमुख्यमंत्री बोले- उद्यमियों और जनता की ली जाएगी राय
बहादुरगढ़ के छारा गांव में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने पहुंचे उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। रूई की खरीद और तैयार माल एक ही छत के नीचे लाने के प्रयास होंगे।
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उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा रूई उत्पादन में न केवल सक्षम है बल्कि अपनी जरूरतें पूरी करके दूसरे राज्यों को भी रूई देता है। रूई उत्पादन में समर्थ होने के बाद अब सरकार नई टेक्सटाइल नीति बनाने पर विचार कर रही है। इसमें उद्यमियों और आम लोगों की राय लेकर काम होगा। सरकार का प्रयास है कि रुई खरीद और इससे तैयार माल की बिक्री एक छत के नीचे भी सके।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला गुरुवार को गांव छारा में एक सामाजिक और एक जजपा के एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में प्रदेश की टेक्सटाइल नीति आई थी, लेकिन उसकी योजनाएं पूरी तरह तैयार नहीं हो सकी। इस बीच केंद्र सरकार ने अपनी टेक्सटाइल नीति बदल दी।
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राज्य की नई टेक्सटाइल नीति को लेकर फिलहाल मंथन चल रहा है। आज के दौर में सामान्य कपड़े के अलावा पॉलीहाउस में लगने वाले फाइबर और पीपीई किट समेत हजारों तरह के आइटम हैं जो टेक्सटाइल का भाग हैं। हरियाणा सरकार ने नई टेक्सटाइल नीति के संबंध में उद्योग जगत और आम जनता के भी विचार लिए हैं और सरकार कृषि क्षेत्र में औद्योगीकरण के लिए आने वाले दिनों में सरकार महत्वपूर्ण कदम उठाएगी।
जिसमें कपास की खेती का बड़ा हिस्सा रहेगा। सरकार चाहती है कि टेक्सटाइल क्षेत्र में रूई की खरीद से लेकर तैयार वस्तुओं तक सभी काम एक ही छत के नीचे हों। इससे पूर्व दुष्यंत चौटाला ने छारा के पूर्व सरपंच जितेंद्र उर्फ बबलू को पार्टी में शामिल किया। बबलू इनेलो के महासचिव थे।
पिछले दिनों बहादुरगढ़ आए अभय चौटाला द्वारा उन्हें लक्ष्य बनाकर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में दुष्यंत चौटाला ने कहा कि चलो इसी बहाने से ही सही कम से कम उन्हें मेरा नाम तो याद रहता है।
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विशेष गिरदावरी कराकर दिया जाएगा मुआवजा
खेतों में बारिश का पानी भरने से किसानों को हुए नुकसान के बारे में उन्होंने कहा कि झज्जर हिसार और जींद जिलों समेत कई जिलों में एक ही बार में जरूरत से ज्यादा बरसात होने से खेती में हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार विशेष गिरदावरी करा कर किसानों को उचित मुआवजा देगी।