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बादल किसानों के प्रति नकली प्यार जता रही : मान

Mon, 31 May 2021 12:46 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 31 May 2021 12:46 AM IST
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Governments consider the struggling people as enemies: Mann
बहादुरगढ़। तीन नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर छह महीने से भी अधिक समय से आंदोलन कर रहे किसानों ने रविवार को भी नयागांव चौक के निकट सभा आयोजित की। भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) की सभा को यूनियन के सचिव सिंगारा सिंह मान समेत कई किसान नेताओं ने संबोधित किया।
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मान ने किसानों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि संघर्षशाील लोगों को सरकारें का हमेशा दुश्मन मानती हैं। आंदोलनकारी इन रिश्तों की पहचान कर लें तो ये आंदोलन की बड़ी उपलब्धि होती है। किसान आंदोलन की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को भी किसान आंदोलन ने झुका दिया है। तीन कृषि बिलों के पक्ष में दस्तखत करने वाली सांसद हरसिमरत कौर बादल को भी संघर्ष के दबाव में आकर केंद्रीय मंत्री का पद तक छोड़ना पड़ा। अब दूसरे दलों के नेताओं की तरह उन्हें भी अपने घर पर काला झंडा लहरा कर किसानों से नकली प्यार जताना पड़ा। बेरोजगारी से त्रस्त युवाओं को भी इस आंदोलन से आशा की किरण नजर आने लगी है। किसानों के ट्रैक्टरों, विवाह शादियों में अश्लील फिल्मी गीतों के बजाय अब किसानी के गीत गूंजने लगे हैं और किसान संगठनों के झंडे झूलते हैं।
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संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान का अगला एलान करते हुए मान ने कहा कि ये कृषि कानून बनने के एक साल पूरा होने के मौके पर 5 जून को पूरे भारत में इन कानूनों की कापियां जलाई जाएंगी। भाजपा नेताओं के घरों के सामने सहित कई स्थानों पर रोष प्रदर्शन किए जाएंगे, बड़े बड़े माल घेरे जाएंगे। कॉरपोरेट घरानों के खिलाफ रोष प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, पश्चिमी बंगाल आदि राज्यों के प्यार से मजबूत हुआ है।
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पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी लुधियाना के पूर्व प्रोफेसर हरमनजीत सिंह ने कहा विकसित मुल्कों की सरकारें पानी के स्रोतों का अगली पीढ़ियों को देखते हुए पूरा ख्याल रखती हैं। लेकिन कॉरपोरेट घरानों की पोषक होने के कारण भारत की सरकार इन स्रोतों की कोई चिंता नहीं करती।

यूनियन के जिला संगरूर जनरल सचिव दरबारा सिंह छाजला ने कहा कि यह तीन कानून मेहनती लोगों का जीना मुश्किल कर देंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूरी ईमानदारी के साथ और पूरे जोश होश के साथ लड़ा जा रहा है। रविवार की सभा का संचालन युवा नेता युवराज सिंह ने किया। राम सिंह कोटगुरु, मनप्रीत सिंह बहोना, गुरदेव सिंह किशनपुरा, नवजोध सिंह मानसा, नाहर सिंह गुमटी ने भी संबोधन किया।
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