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Jhajjar-Bahadurgarh News: धर्मशाला से मिला छुटकारा, अब अपने स्कूल के नए भवन में पढ़ेंगे छात्र
Wed, 06 Sep 2023 01:57 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 06 Sep 2023 01:57 AM IST
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झज्जर। कानूनगो मोहल्ले के प्राथमिक विद्यालय दो के छात्र अब नए भवन में बैठकर पढ़ने लगे हैं। नौ महीने बाद 65 लाख की लागत से ये बनकर तैयार हुआ है। इसके लिए स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों ने काफी प्रयास किए थे। नए भवन में जाने से बच्चे बहुत खुश है।
कानूनगो मोहल्ला स्थित प्राथमिक पाठशाला 1946 में बनी थी। समय के साथ साथ इसका भवन जर्जर होता गया। बच्चे मजबूरन इसके खस्ताहाल भवन में पढ़ रहे थे। एक झोपड़ी नमा शेड में बैठकर पढ़ रहे थे। गर्मी में ये तपने लगी और बच्चों का बुरा हाल होने लगा। बारिश में इसमें पानी रिसता था। इसके बाद इसे पास की एक रविदास धर्मशाला में स्थानांतरित किया गया। यहां भी बच्चे जैसे तैसे पढ़ते रहे। स्कूल की दुर्दशा के कारण अभिभावक भी यहां बच्चों के प्रवेश कराने से कतराते रहे। यहां के स्टाफ और ग्रामीणों ने काफी प्रयास किए। भागदौड़ के बाद इसके भवन को बनवाने की मंजूरी कराई। सरकार ने इसके भवन के लिए 65 लाख रुपये की मंजूरी दी। करीब नौ महीने बाद ये भवन बनकर तैयार हुआ। स्कूल के हेड मास्टर परविंदर कुमार ने बताया की काफी मेहनत और लगन के बाद स्कूल का निर्माण हो पाया है। कुछ दिन धर्मशाला से नए भवन में बच्चों को शिफ्ट कर दिया गया है। भवन काफी अच्छा बना है। बच्चे भी बेहद खुश हैं। बच्चों के लिए डेस्क आदि की व्यवस्था है। हालांकि अभी स्कूल में शिक्षकों की आवश्यक्ता है। बिजली कटौती के दौरान बिजली और पंखे चलाने के लिए इन्वर्टर या सोलर पैनल आदि की आवश्यक्ता होगी।
वर्जन:
शहर के प्राथमिक विद्यालय दो का नया भवन बनकर तैयार हो गया है। इमसें बच्चे पढ़ेंगे। अब यहां नामांकन भी बढ़ेगा। पाठशाला में दो अध्यापक अध्यापन कार्य बडे़ ही लग्न व मेहनत से करवा रहे है। शहर के प्रबुद्ध लोगों का भी सहयोग रहता है। शिक्षकों को भी भेजा जाएगा।
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सुभाष भारद्वाज, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, झज्जर।
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कानूनगो मोहल्ला स्थित प्राथमिक पाठशाला 1946 में बनी थी। समय के साथ साथ इसका भवन जर्जर होता गया। बच्चे मजबूरन इसके खस्ताहाल भवन में पढ़ रहे थे। एक झोपड़ी नमा शेड में बैठकर पढ़ रहे थे। गर्मी में ये तपने लगी और बच्चों का बुरा हाल होने लगा। बारिश में इसमें पानी रिसता था। इसके बाद इसे पास की एक रविदास धर्मशाला में स्थानांतरित किया गया। यहां भी बच्चे जैसे तैसे पढ़ते रहे। स्कूल की दुर्दशा के कारण अभिभावक भी यहां बच्चों के प्रवेश कराने से कतराते रहे। यहां के स्टाफ और ग्रामीणों ने काफी प्रयास किए। भागदौड़ के बाद इसके भवन को बनवाने की मंजूरी कराई। सरकार ने इसके भवन के लिए 65 लाख रुपये की मंजूरी दी। करीब नौ महीने बाद ये भवन बनकर तैयार हुआ। स्कूल के हेड मास्टर परविंदर कुमार ने बताया की काफी मेहनत और लगन के बाद स्कूल का निर्माण हो पाया है। कुछ दिन धर्मशाला से नए भवन में बच्चों को शिफ्ट कर दिया गया है। भवन काफी अच्छा बना है। बच्चे भी बेहद खुश हैं। बच्चों के लिए डेस्क आदि की व्यवस्था है। हालांकि अभी स्कूल में शिक्षकों की आवश्यक्ता है। बिजली कटौती के दौरान बिजली और पंखे चलाने के लिए इन्वर्टर या सोलर पैनल आदि की आवश्यक्ता होगी।
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वर्जन:
शहर के प्राथमिक विद्यालय दो का नया भवन बनकर तैयार हो गया है। इमसें बच्चे पढ़ेंगे। अब यहां नामांकन भी बढ़ेगा। पाठशाला में दो अध्यापक अध्यापन कार्य बडे़ ही लग्न व मेहनत से करवा रहे है। शहर के प्रबुद्ध लोगों का भी सहयोग रहता है। शिक्षकों को भी भेजा जाएगा।
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सुभाष भारद्वाज, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, झज्जर।