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बाबरा में देवी का मंदिर तोड़ा, मामला पहुंचा थाने
अमर उजाला ब्यूरो/ झज्जर
Updated Sun, 14 Jun 2015 01:29 AM IST
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कोसली रोड पर स्थित गांव बाबरा में एक प्राचीन देवी मंदिर को तोड़े जाने से गांव में विवाद पैदा हो गया है। यह मामला पुलिस तक पहुंच गया।
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बाद में काफी संख्या में गांव के लोग थाने में पहुंच गए। करीब 3 घंटे तक थाने में दोनों पक्षाें की बहस हुई। एक परिवार का आरोप था कि मंदिर उनके पूर्वजों ने बनाया था।
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बिना उनकी अनुमति के मंदिर कमेटी ने उसे तोड़ दिया। वहीं, मंदिर कमेटी के सदस्यों का कहना था कि मंदिर बहुत ही जीर्ण-शीर्ण हालत में हो चुका था। उसके जीर्णोद्धार के लिए मंदिर को तोड़ा गया था।
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काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच बहस होने के बाद सुलह हो गई। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाया तथा दोनाें पक्षों के बीच राजीनामा कराया।
गांव बाबरा में वर्ष 1962 में इसी गांव के एक व्यक्ति ने देवी का मंदिर बनवाया था, लेकिन कुछ दिन पहले मंदिर प्रबंधक समिति ने इस मंदिर के जीर्णोद्धार करने के लिए इसे तुड़वा दिया।
मंदिर अच्छा व भव्य बने इसके लिए बकायदा गांव से लाखों रुपये चंदा भी एकत्र किया गया था। लेकिन शुरुआत में मंदिर का निर्माण कराने वाले व्यक्ति के वंशजों ने मंदिर तोड़े जाने का विरोध करना शुरू कर दिया।
गांव व मंदिर प्रबंधक समिति के सदस्यों ने जब उसकी बात को अनसुना कर दिया तो उसने घटना की शिकायत पुलिस को दी। उसने आरोप लगाया कि कुछ व्यक्ति विशेष द्वारा ऐसा किए जाने से उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
उसने यह भी आरोप लगाया कि न तो मंदिर निर्माण के लिए पूरे गांव की कोई पंचायत बुलाई गई और न ही मंदिर के तोड़ने व इसका पुनर्निमाण कराने के लिए आपसी सहमति बनाने का प्रयास किया।
लगभग 3 घंटे तक थाने में दोनों पक्षों के बीच बहस होने के बाद थाना प्रभारी दयाचंद ने दोनों पक्षाें को समझाया। काफी देर तक समझाने के बाद उनके बीच आपसी सहमति बन गई।
धार्मिक तरीके से लोगों को मनाया
इस मामले के साथ लोगों की धार्मिक भावनाओं को देखते हुए पुलिस ने भी बड़े ध्यान पूर्वक लोगों को समझाया। एक पुलिसकर्मी ने कहा कि माता रानी को जो मंजूर है, वहीं होता है। वो वहीं करेंगी जो सही है।
इसलिए लोगों को उनके काम में बाधा नहीं बनना चाहिए। पुलिसकर्मी ने ये भी कहा कि भगवान की सेवा करने से सुख मिलता है। इसलिए सबको आपस में प्रेम के साथ रहना चाहिए।
मंदिर तोड़े जाने को लेकर समिति के खिलाफ शिकायत दी गई थी, मगर दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बन गई है। अब दोनों पक्षों में कोई विवाद नहीं है। - दयाचंद, प्रथारी, झज्जर थाना