{"_id":"58e7e7894f1c1bf8335b67c3","slug":"food-distribution-department-canceled-14-furnaces-licenses-jhajjar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाद्य आपूर्ति विभाग ने रद्द किए 14 भट्ठों के लाइसेंस ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खाद्य आपूर्ति विभाग ने रद्द किए 14 भट्ठों के लाइसेंस
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
Updated Sat, 08 Apr 2017 12:54 AM IST
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झज्जर।
खाद्य आपूर्ति विभाग ने शुक्रवार को बिना दस्तावेज पूरे किए चल रहे भट्ठों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 14 भट्ठों के लाइसेंस रद्द कर दिए। 14 भट्ठों के संचालक विभाग के पास अन्य विभाग से ली जाने वाली एनओसी जमा नहीं करवा पाए। जिले में अब तक 421 भट्ठे थे, जो कि अब लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद घटकर 408 रह गए हैं। विभाग ऐसी कार्रवाई पहले ही भी 11 भट्ठों के खिलाफ कर चुका है। विभाग के अनुसार इन भट्ठा मालिकों ने अपने दस्तावेज समय पर जमा नहीं करवाए, जिसके चलते इनके खिलाफ यह कार्रवाई हुई है। विभाग के द्वारा इन भट्ठों के लाइसेंस रद्द करने के लिए भेजी गई थी, जिस पर डीसी के द्वारा मोहर लगा दी गई है।
इन भट्ठों के लाइसेंस हुए रद्द
लाइसेंस रद्द होने वालों में दुल्हेड़ा की मैसर्ज रणबीर भट्ठा कंपनी, लडरावण का मैसर्ज राणा भट्ठा कंपनी, बादली का मैसर्ज केआर राणा भट्ठा कंपनी, लडरावण का मैसर्ज रणबीर सिंह एंड संस, कानौंदा का मैसर्ज राकेश खत्री भट्ठा कंपनी, लडरावण का मैसर्ज श्रीराम भट्ठा कंपनी, बादली का मैसर्ज अमर भट्ठा कंपनी, भदानी का मैसर्ज बजरंग ब्रिक्स कंपनी, बादली का मैसर्ज श्रीराम भट्ठा कंपनी, बुपनिया का मैसर्ज विजय भट्ठा कंपनी व मैसर्ज अंकित भट्ठा कंपनी, बादली के मैसर्ज अंकित भट्ठा कंपनी व मैसर्ज केआर भट्ठा कंपनी के अलावा गोयला कलां के मैसर्ज राणा भट्ठा कंपनी शामिल हैं।
अब ये हो सकता है आगे
लाइसेंस रद्द किए गए भट्ठों के मालिक विभागों की एनओसी के साथ विभाग के निदेशालय चंडीगढ़ में अपील कर सकते हैं। अगर इनके पूरे कागजात सही पाए जाते हैं तो वहां से इनको राहत भी मिल सकती है। वहीं अगर इन लोगों ने बिना विभाग से लाइसेंस रिन्यू हुए भट्ठे चलाए तो विभाग इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा सकता है।
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इन विभाग से लेनी होती है एनओसी
भट्ठा मालिकों को हर साल अपने लाइसेंस को रिन्यू करवाना होता है। जिसके लिए उन्हें 5 सरकारों विभागों से एनओसी लेनी होती है। इसमें प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड, खनन विभाग, सैल्ट टैक्स विभाग, जिला नगर योजनाकार शामिल हैं। इसके अलावा भट्ठा जमीन का वैध पट्टानामा जमा करवाना होता है। इसके बाद ही खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के द्वारा लाइसेंस रिन्यू किया जाता है।
वर्जन
विभाग ने समय पर कागजात पूरे नहीं किए जाने के चलते 14 भट्ठों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। अगर ऐसे में कोई भट्ठा मालिक भट्ठा चलाता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। वहीं अब ये भट्ठा मालिक चंडीगढ़ निदेशालय में अपील कर सकते हैं।
अशोक शर्मा, डीएफएससी, झज्जर।
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खाद्य आपूर्ति विभाग ने शुक्रवार को बिना दस्तावेज पूरे किए चल रहे भट्ठों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 14 भट्ठों के लाइसेंस रद्द कर दिए। 14 भट्ठों के संचालक विभाग के पास अन्य विभाग से ली जाने वाली एनओसी जमा नहीं करवा पाए। जिले में अब तक 421 भट्ठे थे, जो कि अब लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद घटकर 408 रह गए हैं। विभाग ऐसी कार्रवाई पहले ही भी 11 भट्ठों के खिलाफ कर चुका है। विभाग के अनुसार इन भट्ठा मालिकों ने अपने दस्तावेज समय पर जमा नहीं करवाए, जिसके चलते इनके खिलाफ यह कार्रवाई हुई है। विभाग के द्वारा इन भट्ठों के लाइसेंस रद्द करने के लिए भेजी गई थी, जिस पर डीसी के द्वारा मोहर लगा दी गई है।
इन भट्ठों के लाइसेंस हुए रद्द
लाइसेंस रद्द होने वालों में दुल्हेड़ा की मैसर्ज रणबीर भट्ठा कंपनी, लडरावण का मैसर्ज राणा भट्ठा कंपनी, बादली का मैसर्ज केआर राणा भट्ठा कंपनी, लडरावण का मैसर्ज रणबीर सिंह एंड संस, कानौंदा का मैसर्ज राकेश खत्री भट्ठा कंपनी, लडरावण का मैसर्ज श्रीराम भट्ठा कंपनी, बादली का मैसर्ज अमर भट्ठा कंपनी, भदानी का मैसर्ज बजरंग ब्रिक्स कंपनी, बादली का मैसर्ज श्रीराम भट्ठा कंपनी, बुपनिया का मैसर्ज विजय भट्ठा कंपनी व मैसर्ज अंकित भट्ठा कंपनी, बादली के मैसर्ज अंकित भट्ठा कंपनी व मैसर्ज केआर भट्ठा कंपनी के अलावा गोयला कलां के मैसर्ज राणा भट्ठा कंपनी शामिल हैं।
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अब ये हो सकता है आगे
लाइसेंस रद्द किए गए भट्ठों के मालिक विभागों की एनओसी के साथ विभाग के निदेशालय चंडीगढ़ में अपील कर सकते हैं। अगर इनके पूरे कागजात सही पाए जाते हैं तो वहां से इनको राहत भी मिल सकती है। वहीं अगर इन लोगों ने बिना विभाग से लाइसेंस रिन्यू हुए भट्ठे चलाए तो विभाग इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा सकता है।
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इन विभाग से लेनी होती है एनओसी
भट्ठा मालिकों को हर साल अपने लाइसेंस को रिन्यू करवाना होता है। जिसके लिए उन्हें 5 सरकारों विभागों से एनओसी लेनी होती है। इसमें प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड, खनन विभाग, सैल्ट टैक्स विभाग, जिला नगर योजनाकार शामिल हैं। इसके अलावा भट्ठा जमीन का वैध पट्टानामा जमा करवाना होता है। इसके बाद ही खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के द्वारा लाइसेंस रिन्यू किया जाता है।
वर्जन
विभाग ने समय पर कागजात पूरे नहीं किए जाने के चलते 14 भट्ठों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। अगर ऐसे में कोई भट्ठा मालिक भट्ठा चलाता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। वहीं अब ये भट्ठा मालिक चंडीगढ़ निदेशालय में अपील कर सकते हैं।
अशोक शर्मा, डीएफएससी, झज्जर।