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Jhajjar-Bahadurgarh News: चारा, पराली के स्टॉक में लगी आग, डेढ़ करोड़ का नुकसान
Tue, 05 Dec 2023 01:46 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Tue, 05 Dec 2023 01:46 AM IST
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बादली (झज्जर)। बाढ़सा गांव में दो किसान भाईयों द्वारा गोदाम में स्टॉक किए गए पराली और चारे में रविवार रात आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थी की दूर तक नजर आ रही थी। कई स्थानों से दमकल की आठ गाड़ियां 14 घंटे से आग पर काबू पाने में जुटी हैं। रात तक ये काम चल रहा था। पीड़ित किसान का दावा है कि आग से करीब डेढ़ करोड़ का नुकसान हुआ है।
बाढ़सा गांव के सतबीर और हरिओम ने अपने खेतों में पराली और चारा रखने के लिए गोदाम बना रखा है। इसमें दोनों ने काफी मात्रा में धान की पराली खरीदकर स्टॉक कर रखा था, जबकि कुछ उनकी अपने खेतों की पराली थी। जिसे गुरुग्राम और अन्य बड़े शहरों में बेचा जाना था, लेकिन इससे पहले ही रविवार की रात आग लग गई। सूचना मिलने पर बहादुरगढ़ से डीएसपी धर्मबीर सिंह, नायब तहसीलदार सतबीर कुंडू, पुलिस थाना प्रभारी रमेशचंद मौके पहुंचे।
ग्रामीणों की सूचना पर रात को ही दमकल की आठ गाड़ियां मौके पर पहुंची। रात भर आग बुझाने का काम चला जो सोमवार देर शाम तक जारी था। मशीनों की सहायता से कुछ तूड़े को बचा लिया गया, लेकिन पराली पूरी तरह से जलकर राख हो गई। गोदाम मालिक सतबीर और हरिओम ने बताया कि गोदाम में 650 एकड़ की पराली और 8 हजार क्विंटल तूड़ा रखा था। जिसकी कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये थी। आग लगने की वजह पता नहीं चली है। पुलिस ने सतबीर और हरिओम की शिकायत पर कार्रवाई शुरू की है। बाढ़सा पुलिस चौकी प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि रात के समय ही दमकल विभाग की गाड़ियां आग पर काबू करने में लग गई थी। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। फिलहाल किसानों की शिकायत पर जांच की जा रही है।
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आग बुझाने दौड़े ग्रामीण
आग इतनी भयंकर रही कि पूरे क्षेत्र धुएं में काला हो गया। हर काई आग पर काबू करने में अपने अपने स्तर पर जुट गया। ग्रामीण अपने ट्रैक्टरों से पानी कैन में भरकर ला रहे थे। हर कोई आग बुझाने में मदद कर रहा था। बहादुरगढ़ और झज्जर से 8 गाड़ियां आग पर काबू करने के लिए पहुंची। वहीं क्षेत्र के सभी जेसीबी मशीनों से पराली और तूड़े को निकालने का प्रयास किया गया।
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बाढ़सा गांव के सतबीर और हरिओम ने अपने खेतों में पराली और चारा रखने के लिए गोदाम बना रखा है। इसमें दोनों ने काफी मात्रा में धान की पराली खरीदकर स्टॉक कर रखा था, जबकि कुछ उनकी अपने खेतों की पराली थी। जिसे गुरुग्राम और अन्य बड़े शहरों में बेचा जाना था, लेकिन इससे पहले ही रविवार की रात आग लग गई। सूचना मिलने पर बहादुरगढ़ से डीएसपी धर्मबीर सिंह, नायब तहसीलदार सतबीर कुंडू, पुलिस थाना प्रभारी रमेशचंद मौके पहुंचे।
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ग्रामीणों की सूचना पर रात को ही दमकल की आठ गाड़ियां मौके पर पहुंची। रात भर आग बुझाने का काम चला जो सोमवार देर शाम तक जारी था। मशीनों की सहायता से कुछ तूड़े को बचा लिया गया, लेकिन पराली पूरी तरह से जलकर राख हो गई। गोदाम मालिक सतबीर और हरिओम ने बताया कि गोदाम में 650 एकड़ की पराली और 8 हजार क्विंटल तूड़ा रखा था। जिसकी कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये थी। आग लगने की वजह पता नहीं चली है। पुलिस ने सतबीर और हरिओम की शिकायत पर कार्रवाई शुरू की है। बाढ़सा पुलिस चौकी प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि रात के समय ही दमकल विभाग की गाड़ियां आग पर काबू करने में लग गई थी। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। फिलहाल किसानों की शिकायत पर जांच की जा रही है।
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आग बुझाने दौड़े ग्रामीण
आग इतनी भयंकर रही कि पूरे क्षेत्र धुएं में काला हो गया। हर काई आग पर काबू करने में अपने अपने स्तर पर जुट गया। ग्रामीण अपने ट्रैक्टरों से पानी कैन में भरकर ला रहे थे। हर कोई आग बुझाने में मदद कर रहा था। बहादुरगढ़ और झज्जर से 8 गाड़ियां आग पर काबू करने के लिए पहुंची। वहीं क्षेत्र के सभी जेसीबी मशीनों से पराली और तूड़े को निकालने का प्रयास किया गया।