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यूपी चुनाव में हार के डर से भाजपा सरकार ने लिए तीनों कृषि कानून वापस : चौटाला
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पत्रकारों से बातचीत करते ओमप्रकाश चौटाला। संवाद
- फोटो : Bahadurgarh
बहादुरगढ़। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) नेता ओमप्रकाश चौटाला ने कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा देश में कई जगह हुए उपचुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा और अब यूपी चुनाव में भी हार का भय सता रहा है। इसीलिए भाजपा सरकार ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का निर्णय लिया, लेकिन देश की जनता ने भाजपा को सबक सिखाकर सत्ता से बाहर करने का मन बना लिया है।
एक विवाह समारोह में भाग लेने आए चौटाला ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हरियाणा में मनोहर लाल के नेतृत्व वाली सरकार के नौकरियों में योग्यता व पारर्दिशता बरतने और खर्ची-पर्ची नहीं होने के दावे नाकाम हो गए हैं। आए दिन सरकार के नए-नए घोटाले उजागर हो रहे हैं। एचपीएससी के घोटाले से तस्वीर बिल्कुल साफ हो गई है कि ‘न पर्ची-न खर्ची’ की बात करने वाली भाजपा गठबंधन सरकार नौकरियां बेचने के साथ-साथ योग्य युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
उन्होंने कहा कि जब एक साल से किसान इन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर सड़कों पर बैठे हैं, तब सरकार इन कानूनों को वापस नहीं ले रही थी, मगर हिमाचल, राजस्थान व हरियाणा में हुए उप चुनाव में भाजपा की हार से अब इन्हें यूपी चुनाव में भी अपनी हार दिखाई दे रही है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा संसद में तीनों कृषि कानून वापस लेने के साथ ही किसान आंदोलन में शहीद हुए 700 किसानों को शहीद का दर्जा देने की मांग की।
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इस मौके पर इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी, मोहित चतर सिंह, राजबीर परनाला, जगबीर सुहाग, सतबीर मास्टर, आजाद, सुरेश, सुंदर, वीरेंद्र कादियान, राज जून, निवर्तमान पार्षद शशि कुमार, राजेंद्र पूनिया सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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एक विवाह समारोह में भाग लेने आए चौटाला ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हरियाणा में मनोहर लाल के नेतृत्व वाली सरकार के नौकरियों में योग्यता व पारर्दिशता बरतने और खर्ची-पर्ची नहीं होने के दावे नाकाम हो गए हैं। आए दिन सरकार के नए-नए घोटाले उजागर हो रहे हैं। एचपीएससी के घोटाले से तस्वीर बिल्कुल साफ हो गई है कि ‘न पर्ची-न खर्ची’ की बात करने वाली भाजपा गठबंधन सरकार नौकरियां बेचने के साथ-साथ योग्य युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
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उन्होंने कहा कि जब एक साल से किसान इन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर सड़कों पर बैठे हैं, तब सरकार इन कानूनों को वापस नहीं ले रही थी, मगर हिमाचल, राजस्थान व हरियाणा में हुए उप चुनाव में भाजपा की हार से अब इन्हें यूपी चुनाव में भी अपनी हार दिखाई दे रही है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा संसद में तीनों कृषि कानून वापस लेने के साथ ही किसान आंदोलन में शहीद हुए 700 किसानों को शहीद का दर्जा देने की मांग की।
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इस मौके पर इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी, मोहित चतर सिंह, राजबीर परनाला, जगबीर सुहाग, सतबीर मास्टर, आजाद, सुरेश, सुंदर, वीरेंद्र कादियान, राज जून, निवर्तमान पार्षद शशि कुमार, राजेंद्र पूनिया सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।