शंभू बॉर्डर पर वार्ता के लिए पहुंचे कृषि मंत्री: इन मांगों पर बनी सहमती, बहादुरगढ़ बाईपास से किसानों की वापसी
किसान नेता सुखजिंदर ने इस दौरान कहा कि वे अमेरिका के साथ किसी भी ट्रेड डील को नहीं होने देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन स्थगित किया गया है, समाप्त नहीं। आगे की रणनीति तय करने के लिए किसान संगठन जल्द ही एक बैठक करेंगे।
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दिल्ली के द्वारका यूईआर 2 के एंट्री पॉइंट पर पिछले कई घंटों से डटे किसान आखिरकार वापस लौट गए हैं। पुलिस के साथ हुई बातचीत के बाद किसान संगठनों ने यह फैसला लिया है। सुबह 6 बजे से ही किसान बहादुरगढ़ बाईपास पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उन्हें न तो आगे जाने दिया गया और न ही पीछे हटने की अनुमति मिली।
सहमति से निकला समाधान
काफी देर तक चले गतिरोध के बाद, पुलिस और किसान नेताओं के बीच हुई बातचीत में सहमति बनी। इस सहमति के बाद, किसानों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है और वे अब अपने घर फिरोजपुर, मोगा और लुधियाना की ओर रवाना हो गए हैं।
किसान नेता का बयान और भविष्य की रणनीति
किसान नेता सुखजिंदर ने इस दौरान कहा कि वे अमेरिका के साथ किसी भी ट्रेड डील को नहीं होने देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन स्थगित किया गया है, समाप्त नहीं। आगे की रणनीति तय करने के लिए किसान संगठन जल्द ही एक बैठक करेंगे।
'देश बचाओ मोर्चा' के बैनर तले था प्रदर्शन
यह प्रदर्शन 'देश बचाओ मोर्चा' के बैनर तले आयोजित किया गया था, जिसमें देशभर के किसान संगठन शामिल थे। किसान घाट पर चल रहे इस प्रोटेस्ट के रद्द होने के बाद, किसानों ने वापस अपने घर जाने का निर्णय लिया।
पंजाब की ओर वापसी
भारतीय किसान यूनियन खोसा से जुड़े लगभग 5-6 बसों में सवार होकर आए किसानों ने बहादुरगढ़ से रोहतक होते हुए पंजाब में अपने घरों की ओर प्रस्थान किया। इस वापसी से बाईपास पर यातायात सामान्य होने की उम्मीद है।
सरकार की तरफ से कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने की बातचीत
सरकार की तरफ से कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा शंभू बॉर्डर पर किसानों से वार्ता करने पहुंचे। उनसे बात करने किसान नेता सरवन सिंह पहुचे। उन्होंने कृषि मंत्री को बताया कि किसानों को हिरासत में लिया गया है। उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्हें छोड़ा जाए। वहीं, किसानों की दूसरी मांग थी कि ट्रेड डील के संबंध में उनकी बात केंद्रीय मंत्रियों के दल से कराई जाए। इस पर श्याम सिंह राणा ने मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।