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कांवड़ में जल और मिट्टी लेकर टीकरी बॉर्डर पहुंचे बेरी के युवा किसान
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बेरी। कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग को लेकर एक तरफ जहां किसान पिछले करीब आठ माह से देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हुए है। वहीं, प्रदेश के युवाओं की ओर से सावन माह में किसानों के हक के लिए किसान डाक कांवड़ यात्रा निकाली जा रही है।
प्रदेश के युवा गांव से मिट्टी और जल लेकर किसान आंदोलन स्थल पर पहुंच रहे है। एक तरफ जहां हरिद्वार से कांवड़ लाने पर रोक लगी हुई है। अब युवाओं ने डाक कांवड़ की तर्ज पर ही गांव से मिट्टी व जल लेकर दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसानों के आंदोलन में पहुंचना शुरू कर दिया है। हालांकि किसान आंदोलन के चलते युवा अलग-अलग जिलों से जल व मिट्टी लेकर टीकरी बॉर्डर पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी मेें बेरी के सैकड़ों युवा किसानों ने कलानौर मार्ग पर स्थित सामीसर धाम से जल व मिट्टी की कांवड़ यात्रा निकाली।
कांवड़ यात्रा सामीसर धाम से चलकर बेरी के भागलपुरी चौकी, शिव चौक, बस स्टैंड, हर्बल पार्क, गोशाला मार्ग से होते बेरी शहर की परिक्रमा लगाकर दुजाना होते हुए टीकरी बॉर्डर पर पहुंची। गांव से काफी संख्या युवा अपने हाथों में तिरंगा और किसान आंदोलन के झंडे थामे हुए दिखाई दिए। कुछ युवा गाड़ी में सवार थे तो वहीं बारी बारी से एक-एक कर युवक दौड़ लगाते हुए भी दिखाई दिए।
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युवाओं का कहना है की किसान लंबे समय से कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगें नहीं मान रही। सरकार को युवाओं का जोश दिखाने के लिए वह डाक कांवड़ यात्रा निकाल रहे हैं। युवाओं का यह भी कहना है कि जब तक तीन कृषि कानून रद्द नहीं हो जाते तब तक वह वापस घर नहीं जाएंगे। जेएसओ के हरियाणा अध्यक्ष अत्तर सिंह कादयान ने बताया कि हर साल हरियाणा के विभिन्न जिलों से शिव भक्त डाक कांवड़ लाते थे, लेकिन कोरोना वैश्विक महामारी के कारण यूपी सरकार की ओर से कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई हुई है तो बेरी के युवा किसान सामीसर धाम से जल व मिट्टी लेकर टीकरी बॉर्डर पहुंचे।
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प्रदेश के युवा गांव से मिट्टी और जल लेकर किसान आंदोलन स्थल पर पहुंच रहे है। एक तरफ जहां हरिद्वार से कांवड़ लाने पर रोक लगी हुई है। अब युवाओं ने डाक कांवड़ की तर्ज पर ही गांव से मिट्टी व जल लेकर दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसानों के आंदोलन में पहुंचना शुरू कर दिया है। हालांकि किसान आंदोलन के चलते युवा अलग-अलग जिलों से जल व मिट्टी लेकर टीकरी बॉर्डर पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी मेें बेरी के सैकड़ों युवा किसानों ने कलानौर मार्ग पर स्थित सामीसर धाम से जल व मिट्टी की कांवड़ यात्रा निकाली।
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कांवड़ यात्रा सामीसर धाम से चलकर बेरी के भागलपुरी चौकी, शिव चौक, बस स्टैंड, हर्बल पार्क, गोशाला मार्ग से होते बेरी शहर की परिक्रमा लगाकर दुजाना होते हुए टीकरी बॉर्डर पर पहुंची। गांव से काफी संख्या युवा अपने हाथों में तिरंगा और किसान आंदोलन के झंडे थामे हुए दिखाई दिए। कुछ युवा गाड़ी में सवार थे तो वहीं बारी बारी से एक-एक कर युवक दौड़ लगाते हुए भी दिखाई दिए।
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युवाओं का कहना है की किसान लंबे समय से कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगें नहीं मान रही। सरकार को युवाओं का जोश दिखाने के लिए वह डाक कांवड़ यात्रा निकाल रहे हैं। युवाओं का यह भी कहना है कि जब तक तीन कृषि कानून रद्द नहीं हो जाते तब तक वह वापस घर नहीं जाएंगे। जेएसओ के हरियाणा अध्यक्ष अत्तर सिंह कादयान ने बताया कि हर साल हरियाणा के विभिन्न जिलों से शिव भक्त डाक कांवड़ लाते थे, लेकिन कोरोना वैश्विक महामारी के कारण यूपी सरकार की ओर से कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई हुई है तो बेरी के युवा किसान सामीसर धाम से जल व मिट्टी लेकर टीकरी बॉर्डर पहुंचे।