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जश्न में डूबे किसान, बोले-सत्य की हुई जीत
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बेरी/झज्जर। तीनों कृषि कानून वापसी की घोषणा के बाद जिले के किसान जश्न में डूब गए हैं। बेरी में किसानों ने लड्डू बांटकर और एक-दूसरे के गले लगकर खुशी मनाई। उन्होंने कहा कि यह सत्य की जीत है। लंबे संघर्ष के बाद विजय प्राप्त हुआ।
इस दौरान अनाज मंडी में किसान नेता तेजबीर ने लड्डू बांटकर खुशी मनाई और कहा कि कृषि कानून वापस होने पर किसानों की जीत हुई है। इस मौके पर रामेहर, राजपाल सुहाग, ईश्वर सुहाग, सुरेंद्र कादयान, बलवान, ओमप्रकाश, सुबेदार धीर सिंह, उमराव, रमेश चिमनी, ब्रह्मानंद आदि किसान मौजूद रहे।
किसान सुरेंद्र कादयान ने बताया कि प्रधानमंत्री की ओर से कृषि कानून के वापस लेने के फैसले का स्वागत करते हैं। पिछले करीब 10 माह दिल्ली की सीमाओं पर धरने पर बैठे किसानों की जीत हुई है। यह ऐतिहासिक है। किसानों के आंदोलन ने सरकार को झुकने के लिए मजबूर कर दिया
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किसानों के हकों की हुई जीत
भारतीय किसान यूनियन की महिला जिला अध्यक्ष ममता कादयान ने बताया कि देश का किसान अपनी हकों की लड़ाई करीब एक साल से लड़ रहा था। सर्दी-गर्मी व बारिश के मौसम में भी आंदोलन में डटे रहे। आज किसानों के हकों की नहीं बल्कि 36 बिरादरी के लोगों की जीत हुई है। प्रधानमंत्री के फैसले का स्वागत है और जल्द इन तीनों कृषि कानूनों संसद में रद्द करवाकर सह सम्मान दिया जाए। आंदोलन में शहीद हुए किसानों को शहीद का दर्जा व उचित मुआवजा दिया जाए।
कादयान खाप ने प्रधानमंत्री के निर्णय का किया स्वागत
कादयान खाप के प्रधान बिल्लु पहलवान ने प्रधानमंत्री के निर्णय का स्वागत करते हुए खुशी जाहिर की और लड्डू बांटकर खुशी मनाई। उन्होंने बताया कि किसान मांगों को लेकर पिछले करीब एक साल से बॉर्डरों पर डटे हुए थे। आज उनके हकों की जीत हुई है।
लिखित में कृषि कानून को रद्द करवाने की मांग तक डटे रहेंगे किसान
अहलावत खाप के प्रधान जयसिंह अहलावत ने बताया कि कृषि कानून वापस लेने के निर्णय का स्वागत करते हैं, लेकिन सरकार की ओर से जब तक इसे संसद में रद्द नहीं किया जाएगा, तब तक किसानों का धरना जारी रहेगा।
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इस दौरान अनाज मंडी में किसान नेता तेजबीर ने लड्डू बांटकर खुशी मनाई और कहा कि कृषि कानून वापस होने पर किसानों की जीत हुई है। इस मौके पर रामेहर, राजपाल सुहाग, ईश्वर सुहाग, सुरेंद्र कादयान, बलवान, ओमप्रकाश, सुबेदार धीर सिंह, उमराव, रमेश चिमनी, ब्रह्मानंद आदि किसान मौजूद रहे।
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किसान सुरेंद्र कादयान ने बताया कि प्रधानमंत्री की ओर से कृषि कानून के वापस लेने के फैसले का स्वागत करते हैं। पिछले करीब 10 माह दिल्ली की सीमाओं पर धरने पर बैठे किसानों की जीत हुई है। यह ऐतिहासिक है। किसानों के आंदोलन ने सरकार को झुकने के लिए मजबूर कर दिया
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किसानों के हकों की हुई जीत
भारतीय किसान यूनियन की महिला जिला अध्यक्ष ममता कादयान ने बताया कि देश का किसान अपनी हकों की लड़ाई करीब एक साल से लड़ रहा था। सर्दी-गर्मी व बारिश के मौसम में भी आंदोलन में डटे रहे। आज किसानों के हकों की नहीं बल्कि 36 बिरादरी के लोगों की जीत हुई है। प्रधानमंत्री के फैसले का स्वागत है और जल्द इन तीनों कृषि कानूनों संसद में रद्द करवाकर सह सम्मान दिया जाए। आंदोलन में शहीद हुए किसानों को शहीद का दर्जा व उचित मुआवजा दिया जाए।
कादयान खाप ने प्रधानमंत्री के निर्णय का किया स्वागत
कादयान खाप के प्रधान बिल्लु पहलवान ने प्रधानमंत्री के निर्णय का स्वागत करते हुए खुशी जाहिर की और लड्डू बांटकर खुशी मनाई। उन्होंने बताया कि किसान मांगों को लेकर पिछले करीब एक साल से बॉर्डरों पर डटे हुए थे। आज उनके हकों की जीत हुई है।
लिखित में कृषि कानून को रद्द करवाने की मांग तक डटे रहेंगे किसान
अहलावत खाप के प्रधान जयसिंह अहलावत ने बताया कि कृषि कानून वापस लेने के निर्णय का स्वागत करते हैं, लेकिन सरकार की ओर से जब तक इसे संसद में रद्द नहीं किया जाएगा, तब तक किसानों का धरना जारी रहेगा।