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पश्चिम बंगाल से आए किसानों ने टीकरी बार्डर पर किया प्रदर्शन
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बहादुरगढ़। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के बैनर तले पश्चिम बंगाल से आए किसानों ने टीकरी बार्डर पर प्रदर्शन करके तीनों नए कृषि कानून वापस लेने की मांग की।
संगठन के नेता रेणुपद हलधर ने टीकरी बार्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा की सभा में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि वे बंगाल के किसानों का संदेश लेकर यहां आए हैं। पश्चिम बंगाल के किसान-खेत मजदूर आंदोलन में उनके साथ हैं। हलधर ने कहा कि पश्चिम बंगाल के किसान व खेत मजदूर एआईकेकेएमएस के झंडे के नीचे दूसरे संगठनों के साथ मिलकर पिछले साल जून से ही इन तीनों कृषि कानूनों व बिजली बिल संशोधन-2020 के खिलाफ अपने प्रदेश में लगातार आंदोलन चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार कॉर्पोरेट घरानों के हित में ये कानून लेकर आई है। ये किसानों, खेत मजदूरों व आम आदमी के हितों के खिलाफ हैं।
पश्चिम बंगाल में फसलों के एमएसपी तो दूर, उससे आधे भी नहीं मिलते। पूरे देश में यही हाल है इसलिए इन कानूनों का पूरे देश के किसान और खेत मजदूर विरोध कर रहे हैं। आज नहीं तो कल मोदी सरकार को किसानों की मांगें माननी ही पड़ेंगी। उन्होंने कहा कि हम आप लोगों की हिम्मत व जज्बे के संदेश को पश्चिम बंगाल में लेकर जाएंगे और घर-घर यह संदेश देंगे। इन कानूनों के बारे में जानकारी देंगे, अपने हकों के लिए लोगों को जागरूक करेंगे और संगठित होकर आंदोलन को अधिक तेज करेंगे।
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इससे पहले मेट्रो पिलर नंबर-786 स्थित संगठन के कैंप ऑफिस से सभा स्थल तक जुलूस निकाला गया। जुलूस में पश्चिम बंगाल के किसान शंकर नुसको, अजय नायक, नारायण हलधर, बाप्पी माइकी, हरेराम सद्दर, याह्या अखंद, इंसान लश्कर, तारक गायन के साथ जयकरण मांडोठी, शारदा दीक्षित, सतीश कुमार, लालजी व शिव प्रसाद मौर्य भी साथ थे। जयकरण मांडोठी ने भी सभा में अपनी बात रखी और कहा कि मिलकर लड़ेंगे और जीतेंगे।
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संगठन के नेता रेणुपद हलधर ने टीकरी बार्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा की सभा में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि वे बंगाल के किसानों का संदेश लेकर यहां आए हैं। पश्चिम बंगाल के किसान-खेत मजदूर आंदोलन में उनके साथ हैं। हलधर ने कहा कि पश्चिम बंगाल के किसान व खेत मजदूर एआईकेकेएमएस के झंडे के नीचे दूसरे संगठनों के साथ मिलकर पिछले साल जून से ही इन तीनों कृषि कानूनों व बिजली बिल संशोधन-2020 के खिलाफ अपने प्रदेश में लगातार आंदोलन चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार कॉर्पोरेट घरानों के हित में ये कानून लेकर आई है। ये किसानों, खेत मजदूरों व आम आदमी के हितों के खिलाफ हैं।
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पश्चिम बंगाल में फसलों के एमएसपी तो दूर, उससे आधे भी नहीं मिलते। पूरे देश में यही हाल है इसलिए इन कानूनों का पूरे देश के किसान और खेत मजदूर विरोध कर रहे हैं। आज नहीं तो कल मोदी सरकार को किसानों की मांगें माननी ही पड़ेंगी। उन्होंने कहा कि हम आप लोगों की हिम्मत व जज्बे के संदेश को पश्चिम बंगाल में लेकर जाएंगे और घर-घर यह संदेश देंगे। इन कानूनों के बारे में जानकारी देंगे, अपने हकों के लिए लोगों को जागरूक करेंगे और संगठित होकर आंदोलन को अधिक तेज करेंगे।
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इससे पहले मेट्रो पिलर नंबर-786 स्थित संगठन के कैंप ऑफिस से सभा स्थल तक जुलूस निकाला गया। जुलूस में पश्चिम बंगाल के किसान शंकर नुसको, अजय नायक, नारायण हलधर, बाप्पी माइकी, हरेराम सद्दर, याह्या अखंद, इंसान लश्कर, तारक गायन के साथ जयकरण मांडोठी, शारदा दीक्षित, सतीश कुमार, लालजी व शिव प्रसाद मौर्य भी साथ थे। जयकरण मांडोठी ने भी सभा में अपनी बात रखी और कहा कि मिलकर लड़ेंगे और जीतेंगे।