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टीकरी बार्डर पर किसानों ने डाला डेरा
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Farmers encamped on Tikari border
- फोटो : Bahadurgarh
तीन कृषि कानूनों को लेकर किसानों ने अब दिल्ली कूच करने की बजाय बहादुरगढ़ के टीकरी बार्डर पर डेरा डाल दिया है। एक तरफ दिल्ली पुलिस व अर्ध सैनिक बल है तो दूसरी तरफ किसान डटे हुए। दिल्ली-हरियाणा सीमा पर तनाव पूर्ण माहौल बना हुआ है। टीकरी बार्डर पर शनिवार को किसानों ने सीएम मनोहर लाल का पुतला भी फूंका गया। पुलिस प्रशासन किसानों की हर हरकत पर नजर बनाए हुए है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती वह किसी भी सूरत में यहां से नहीं हटेंगे। किसान दिल्ली में जंतर-मंतर पर जाने पर अड़े हुए हैं तो वहीं पुलिस किसानों को बुराड़ी भेजने को तैयार है। शनिवार को सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी रही। उधर शनिवार को जाट नेता यशपाल मलिक भी किसानों को समर्थन देने के लिए पहुंचे, मगर किसानों ने समर्थन लेने से इंकार कर दिया।
बता दें कि तीन कृषि कानूनों को लेकर किसान निरंतर विरोध जता रहे हैं। किसानों ने स्थानीय स्तर पर प्रदर्शन करने के बाद 26 नवंबर को दिल्ली कूच का फैसला लिया था। इसके बाद पुलिस प्रशासन द्वारा दिल्ली-हरियाणा की सीमाओं को सील करते हुए यहां बैरिकेड के साथ बड़े-बड़े अवरोध लगाए थे। मगर किसानों ने पुलिस प्रशासन के सभी इंतजामों को धता बताते हुए दिल्ली की सीमा में घुस गए। यहां पर पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए जहां वाटर कैनन से पानी की बौछार की थी, वहीं दर्जनों की संख्या में टीयर गैस के गोले भी दागे थे। मगर इसके बाद भी किसान पीछे नहीं हटे तो सरकार ने एक कदम पीछे लेते हुए धरना प्रदर्शन के लिए दिल्ली के बुराड़ी में निरंकारी भवन की जगह निर्धारित की थी। मगर किसानों ने सरकार की इस फैसले को मानने से इंकार करते हुए दिल्ली-हरियाणा सीमा पर ही डेरा डाल दिया है। किसानों ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती वह यहां से नहीं हटेंगे, क्योंकि सरकार ने जो तीन कानून बनाए है वह किसानों हक में तो बिल्कुल भी नहीं है। ऐसे में सरकार को तीनों कानूनों का रद्द कर किसानों को राहत देनी चाहिए।
टीकरी बार्डर बना तनाव पूर्ण माहौल
किसानों के टीकरी बार्डर पर डेरा डालने के बाद एक तरफ पुलिस ने बैरिकेड और बड़े-बड़े पत्थर लगा दिए हैं तो वहीं दूसरी तरफ से किसानों की तरफ भी पुलिस ने बैरिकेड लगाए हैं। ऐसे में स्थिति तनाव पूर्ण बन गई। किसान नेताओं द्वारा धरने को संबोधित करने के साथ-साथ शांति बनाए रखने की अपील भी की जा रही है।
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पुलिस हर स्थिति से निपटने को तैयार
किसानों की तैयारी के साथ दिल्ली पुलिस भी पूरी मुस्तैदी के साथ टीकरी बॉर्डर पर तैनात है। वाटर कैनन के साथ जेसीबी मशीन भी खड़ी हुई है। स्थिति जस की तस बनी होने के कारण पुलिस कर्मी भी इधर उधर टहलते नजर आए। उधर, किसान भी अपनी रणनीति बनाने में जुटे रहे। वे जंतर-मंतर पर बैठने के लिए जिद्द पर अड़े हैं। किसानों का कहना है कि चाहे कितना ही लंबा समय क्यों न लग जाए वह पीछे कदम नहीं लेंगे।
अभी बहादुरगढ़ से सवारियां नहीं ले रही मेट्रो
टीकरी बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन को देखते हुए हालात काफी तनावपूर्ण है। एक तरफ पुलिस बल है तो दूसरी तरफ किसान हैं। किसानों के रोष को देखते हुए डीएमआरसी ने बहादुरगढ़ सहित चार मेट्रो स्टेशन पर जो सेवाएं प्रभावित थी, उन्हें बहाल जरूर कर दिया है। मगर बहादुरगढ़ के तीनों मेट्रो स्टेशनों से सवारियों के लिए अभी भी व्यवस्था नहीं हुई है। दिल्ली के अंदर बने मेट्रो स्टेशनों से ही सवारियां ली जा रही हैं।
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बता दें कि तीन कृषि कानूनों को लेकर किसान निरंतर विरोध जता रहे हैं। किसानों ने स्थानीय स्तर पर प्रदर्शन करने के बाद 26 नवंबर को दिल्ली कूच का फैसला लिया था। इसके बाद पुलिस प्रशासन द्वारा दिल्ली-हरियाणा की सीमाओं को सील करते हुए यहां बैरिकेड के साथ बड़े-बड़े अवरोध लगाए थे। मगर किसानों ने पुलिस प्रशासन के सभी इंतजामों को धता बताते हुए दिल्ली की सीमा में घुस गए। यहां पर पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए जहां वाटर कैनन से पानी की बौछार की थी, वहीं दर्जनों की संख्या में टीयर गैस के गोले भी दागे थे। मगर इसके बाद भी किसान पीछे नहीं हटे तो सरकार ने एक कदम पीछे लेते हुए धरना प्रदर्शन के लिए दिल्ली के बुराड़ी में निरंकारी भवन की जगह निर्धारित की थी। मगर किसानों ने सरकार की इस फैसले को मानने से इंकार करते हुए दिल्ली-हरियाणा सीमा पर ही डेरा डाल दिया है। किसानों ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती वह यहां से नहीं हटेंगे, क्योंकि सरकार ने जो तीन कानून बनाए है वह किसानों हक में तो बिल्कुल भी नहीं है। ऐसे में सरकार को तीनों कानूनों का रद्द कर किसानों को राहत देनी चाहिए।
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टीकरी बार्डर बना तनाव पूर्ण माहौल
किसानों के टीकरी बार्डर पर डेरा डालने के बाद एक तरफ पुलिस ने बैरिकेड और बड़े-बड़े पत्थर लगा दिए हैं तो वहीं दूसरी तरफ से किसानों की तरफ भी पुलिस ने बैरिकेड लगाए हैं। ऐसे में स्थिति तनाव पूर्ण बन गई। किसान नेताओं द्वारा धरने को संबोधित करने के साथ-साथ शांति बनाए रखने की अपील भी की जा रही है।
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पुलिस हर स्थिति से निपटने को तैयार
किसानों की तैयारी के साथ दिल्ली पुलिस भी पूरी मुस्तैदी के साथ टीकरी बॉर्डर पर तैनात है। वाटर कैनन के साथ जेसीबी मशीन भी खड़ी हुई है। स्थिति जस की तस बनी होने के कारण पुलिस कर्मी भी इधर उधर टहलते नजर आए। उधर, किसान भी अपनी रणनीति बनाने में जुटे रहे। वे जंतर-मंतर पर बैठने के लिए जिद्द पर अड़े हैं। किसानों का कहना है कि चाहे कितना ही लंबा समय क्यों न लग जाए वह पीछे कदम नहीं लेंगे।
अभी बहादुरगढ़ से सवारियां नहीं ले रही मेट्रो
टीकरी बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन को देखते हुए हालात काफी तनावपूर्ण है। एक तरफ पुलिस बल है तो दूसरी तरफ किसान हैं। किसानों के रोष को देखते हुए डीएमआरसी ने बहादुरगढ़ सहित चार मेट्रो स्टेशन पर जो सेवाएं प्रभावित थी, उन्हें बहाल जरूर कर दिया है। मगर बहादुरगढ़ के तीनों मेट्रो स्टेशनों से सवारियों के लिए अभी भी व्यवस्था नहीं हुई है। दिल्ली के अंदर बने मेट्रो स्टेशनों से ही सवारियां ली जा रही हैं।

Farmers encamped on Tikari border- फोटो : Bahadurgarh