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Jhajjar-Bahadurgarh News: मंडी में बारिश में भीगा बाजरा
Sun, 24 Sep 2023 01:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 24 Sep 2023 01:36 AM IST
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झज्जर। मंडी में करीब नौ बजार क्विंटल बाजरा पहुंचा। दोपहर बाद हुई बारिश में काफी बाजरा भीग गया। खुले में रखे बाजरे पर आढ़तियों व मंडी प्रबंधन के कर्मचारियों ने तिरपाल ढककर बाजरे को बचाने की कोशिश की, लेकिन बारिश के चलते तिरपाल के नीचे पानी चला गया और बाजरा भीग गया। टीन शेड से भी पानी रिसाव के कारण बाजारा भीगा।
बाजरे की अभी सरकारी खरीद नहीं शुरू हुई है, लेकिन किसान अपने बाजरे को लेकर मंडी परिसर में रख रहे हैं। अब तक करीब 1700 किसानों की ओर से लगभग 9 हजार क्विंटल बाजरा मंडी में लाया गया है।सैकड़ो की संख्या में किसान ऐसे भी हैं, जिन्होंने नाम दर्ज नहीं करवाया है। हालांकि मंडी प्रबंधन की ओर से गेट पास काटने के लिए गेट पर ऑपरेटर बैठा रखे हैं और सभी किसानों के नाम कितनी फसल ई-नेम पर है, सबको लिख रहे हैं। किसान राजवीर, धर्मवीर,नरेश , जयदेव, ऋषि राज, मनराज ने बताया की सरकार को सरकारी खरीद शुरू कर देनी चाहिए। क्योंकि किसान बारिश के चलते किसानों को काफी परेशानी पहले भी हो चुकी है और अब किसान बारिश के दौरान ही अपना बाजरा मंडी में बेचने के लिए लाएं हैं। बारिश की संभावना को देखते हुए मंडी प्रबंधन की ओर से तिरपाल का प्रबंध करवाया गया है ताकि बाजरे की फसल बारिश में भीग न जाए। बावजूद इसके बारिश का पानी की भेंट बाजरा चढ़ गया है।
किसान बोले सरकारी भाव मिलने पर बेचेंगे
मंडी में बाजरा लेकर पहुंचे किसानों ने बताया कि सरकारी खरीद 2500 रुपये प्रति क्विंटल है, वहीं आढ़ती 1850 के भाव पर बाजरा ले रहे हैं जो सरकारी भाव से काफी कम है। उन्होंने कहा कि सरकार यदि जल्द खरीद करती है तो वह अपना बाजरा बेचने के लिए तैयार हैं।
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वर्जन
किसान बाजरे की सरकारी खरीद शुरू होने पर ही लाए तो अच्छा होगा, क्योंकि बारिश आने से बाजरा खराब होने की संभावना बढ़ जाती है। मंडी प्रबंधन की ओर से किसानों के लिए बिजली-पानी की व्यवस्था कर दी गई। मुख्य गेट पर गेट पास काटने के लिए कर्मचारियों को बैठा दिया गया है।
सविता सैनी,सचिव, माॅकेट कमेटी झज्जर।
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बाजरे की अभी सरकारी खरीद नहीं शुरू हुई है, लेकिन किसान अपने बाजरे को लेकर मंडी परिसर में रख रहे हैं। अब तक करीब 1700 किसानों की ओर से लगभग 9 हजार क्विंटल बाजरा मंडी में लाया गया है।सैकड़ो की संख्या में किसान ऐसे भी हैं, जिन्होंने नाम दर्ज नहीं करवाया है। हालांकि मंडी प्रबंधन की ओर से गेट पास काटने के लिए गेट पर ऑपरेटर बैठा रखे हैं और सभी किसानों के नाम कितनी फसल ई-नेम पर है, सबको लिख रहे हैं। किसान राजवीर, धर्मवीर,नरेश , जयदेव, ऋषि राज, मनराज ने बताया की सरकार को सरकारी खरीद शुरू कर देनी चाहिए। क्योंकि किसान बारिश के चलते किसानों को काफी परेशानी पहले भी हो चुकी है और अब किसान बारिश के दौरान ही अपना बाजरा मंडी में बेचने के लिए लाएं हैं। बारिश की संभावना को देखते हुए मंडी प्रबंधन की ओर से तिरपाल का प्रबंध करवाया गया है ताकि बाजरे की फसल बारिश में भीग न जाए। बावजूद इसके बारिश का पानी की भेंट बाजरा चढ़ गया है।
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किसान बोले सरकारी भाव मिलने पर बेचेंगे
मंडी में बाजरा लेकर पहुंचे किसानों ने बताया कि सरकारी खरीद 2500 रुपये प्रति क्विंटल है, वहीं आढ़ती 1850 के भाव पर बाजरा ले रहे हैं जो सरकारी भाव से काफी कम है। उन्होंने कहा कि सरकार यदि जल्द खरीद करती है तो वह अपना बाजरा बेचने के लिए तैयार हैं।
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किसान बाजरे की सरकारी खरीद शुरू होने पर ही लाए तो अच्छा होगा, क्योंकि बारिश आने से बाजरा खराब होने की संभावना बढ़ जाती है। मंडी प्रबंधन की ओर से किसानों के लिए बिजली-पानी की व्यवस्था कर दी गई। मुख्य गेट पर गेट पास काटने के लिए कर्मचारियों को बैठा दिया गया है।
सविता सैनी,सचिव, माॅकेट कमेटी झज्जर।