हरियाणा: केमिकल फैक्ट्री में बॉयलर फटने से हादसा, मरने वालों की संख्या हुई पांच, 34 घायल
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आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र में एक दिन पहले केमिकल फैक्ट्री में बॉयलर फटने के बाद से मौके पर बचाव कार्य जारी है। हादसे के दूसरे दिन शनिवार को एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने मलबे में दबा एक और शव मिला। अबतक मरने वालों की संख्या पांच हो गई है। मलबे से मिले शव की पहचान सरोज के रूप में हुई है।
शव नागरिक अस्पताल में रखवाया गया है। सरोज के शव की पहचान उसके भाई मनोज ने हाथ में पहने कड़े से की है। मलबे में अभी कई और शव दबे होने का अनुमान है। उधर, पुलिस ने 1815 नंबर फैक्ट्री के संचालक की शिकायत पर केमिकल फैक्ट्री के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। शाम साढ़े 6 बजे अचानक आई बारिश के बाद बचाव कार्य भी रुक गया।
आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र में हुए फैक्ट्री हादसे में राहत और बचाव का कार्य लगातार जारी है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार मलबे को हटाने में जुटी रही। हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और करीब 34 लोग घायल हुए हैं। घायलों में केमिकल फैक्ट्री का मालिक राजन भी शामिल है।
गंभीर रूप से घायल फैक्टरी मालिक को इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। फैक्टरी हादसे में चार फैक्ट्रियां पूरी तरह ध्वस्त हो गई। जबकि चार फैक्ट्रियों में आग लगने के कारण करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। हादसे के बाद से ही श्रमिकों के परिजन अपनों की तलाश में जुटे हुए हैं। शनिवार को बचाव कार्य के दौरान शनिवार शाम 6 बजे एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने एक शव को बाहर निकाला। शव दो टुकड़ों में बंटा हुआ था।
शव की पहचान सरोज निवासी नवाबगंज, जिला हरदोई उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। पहचान उसके भाई मनोज ने हाथ में पहने कड़े के आधार पर की है। आशंका जताई जा रही है कि अभी मलबे में कई और लोगों के शव दबे हो सकते हैं, लेकिन जब तक सारा मलबा साफ नहीं हो जाएगा।
इससे पहले कुछ भी कह पाना मुश्किल है। हादसे के बाद से पांच लोग लापता थे जिनमें से एक का शव शनिवार को मलबे में मिल गया। अभी तीन युवक लापता हैं उनमें एक दामोदर है तो दूसरा विवेक कुमार और तीसरा राजकुमार शामिल है। बचाव कार्य में जुटी टीमों को शव निकालने में चार घंटे का समय लगा।