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मोहक पर मोहित हुई अमेरिकी मां, मिलेगी ममता की छांव
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बाल भवन में चार वर्षीय बच्चे को अमेरिकन दंपती को सौंपने के उपरांत बच्चे को आशीर्वाद देते डीसी श्य
- फोटो : Jhjhar
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मुकेश शर्मा
झज्जर। चार साल पहले झज्जर शहर में मिले नवजात बच्चे की अब तकदीर बदल गई है। अमेरिका के टेक्सास शहर निवासी डायकिन फ्रैकलिन शसे व हैले शसे ने मोहित को गोद ले लिया है। अब उसे अमेरिका में मां के ममता की छांव मिल सकेगी।
असल माता-पिता से बिछड़ने के चार साल बाद मोहक को विदेशी माता-पिता का संरक्षण मिला है। करीब दो साल पहले ही एक बच्चे को गोद लेने के लिए इस अमेरिकी दंपती ने ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन कोरोना के कारण इसमें अड़चन आ गई थी। डायकिन फ्रैकलिन शसे मार्केटिंग का कार्य करते हैं। जबकि उनकी पत्नी हैले शसे अमेरिका की एक कंपनी में एचआर विभाग में कार्यरत हैं।
सावन के महीने में चार साल पहले सड़क किनारे मिली प्रसव पीड़ा से कराह रही एक गर्भवती महिला को कांवड़ियों ने अस्पताल में भर्ती कराया था। उस समय उसकी मां उसे अस्पताल में ही छोड़कर चली गई थी। 16 दिन बाद बच्चे को जिला बाल कल्याण विभाग को सौंपा गया था।
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कोरोना काल बना बाधक
अमेरिकन दंपती पिछले साल कोरोना काल से पहले बच्चे को देखकर गए थे, लेकिन कोरोना काल के दौरान अदालत से कानूनी प्रक्रिया पूरी न होने के कारण बच्चा विदेश नहीं जा पाया था। अब सभी कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद बच्चे को गोद ले लिया गया है। फिलहाल उसके पासपोर्ट की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए दंपती दिल्ली में रुका हुआ है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही अमेरिकन दंपती बच्चे को लेकर अमेरिका के लिए रवाना होंगे।
अब तक 13 बच्चे लिए गए हैं गोद
जिला बाल परिषद से अब तक 13 बच्चे गोद दिए गए हैं। इनमें से यह पहला बच्चा है जो विदेश जाएगा। बाकी बच्चे भारत के विभिन्न राज्यों की दंपतियों की तरफ से गोद लिए गए हैं। यह चार वर्षीय बच्चा दत्तक ग्रहण एजेंसी में पिछले चार साल से रह रहा था। एक गंभीर बीमारी से पीड़ित होने के कारण स्टाफ ने स्वास्थ्य का बहुत ध्यान रखते हुए बच्चे का पालन पोषण किया।
डीसी ने बच्चे को अमेरिकन दंपती को सौंपा
डीसी एवं चेयरमैन जिला बाल कल्याण परिषद झज्जर श्याम लाल पूनिया ने जिला बाल कल्याण परिषद के अंतर्गत चल रहे विशेष दत्तक ग्रहण प्राधिकरण में रह रहे चार वर्षीय इस बच्चे को नियमानुसार अमेरिकन दंपती को सौंपा है। डीसी ने बच्चे के नए अभिभावकों को शुभकामनाएं दीं और एक गिफ्ट भेंट करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने बच्चे को आशीर्वाद देते हुए कहा कि अमेरिका में जाकर खूब पढ़ाई करना। इस मौके पर जिला बाल कल्याण अधिकारी ओमप्रकाश, जिला बाल संरक्षण अधिकारी लतिका, सीडब्ल्यूसी सदस्य नवीन कुमार, कार्यक्रम अधिकारी ऋतु, एसएसए कॉर्डिनेटर मनदीप कौर सोमबीर आदि उपस्थित रहे। संवाद
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झज्जर। चार साल पहले झज्जर शहर में मिले नवजात बच्चे की अब तकदीर बदल गई है। अमेरिका के टेक्सास शहर निवासी डायकिन फ्रैकलिन शसे व हैले शसे ने मोहित को गोद ले लिया है। अब उसे अमेरिका में मां के ममता की छांव मिल सकेगी।
असल माता-पिता से बिछड़ने के चार साल बाद मोहक को विदेशी माता-पिता का संरक्षण मिला है। करीब दो साल पहले ही एक बच्चे को गोद लेने के लिए इस अमेरिकी दंपती ने ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन कोरोना के कारण इसमें अड़चन आ गई थी। डायकिन फ्रैकलिन शसे मार्केटिंग का कार्य करते हैं। जबकि उनकी पत्नी हैले शसे अमेरिका की एक कंपनी में एचआर विभाग में कार्यरत हैं।
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सावन के महीने में चार साल पहले सड़क किनारे मिली प्रसव पीड़ा से कराह रही एक गर्भवती महिला को कांवड़ियों ने अस्पताल में भर्ती कराया था। उस समय उसकी मां उसे अस्पताल में ही छोड़कर चली गई थी। 16 दिन बाद बच्चे को जिला बाल कल्याण विभाग को सौंपा गया था।
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कोरोना काल बना बाधक
अमेरिकन दंपती पिछले साल कोरोना काल से पहले बच्चे को देखकर गए थे, लेकिन कोरोना काल के दौरान अदालत से कानूनी प्रक्रिया पूरी न होने के कारण बच्चा विदेश नहीं जा पाया था। अब सभी कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद बच्चे को गोद ले लिया गया है। फिलहाल उसके पासपोर्ट की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए दंपती दिल्ली में रुका हुआ है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही अमेरिकन दंपती बच्चे को लेकर अमेरिका के लिए रवाना होंगे।
अब तक 13 बच्चे लिए गए हैं गोद
जिला बाल परिषद से अब तक 13 बच्चे गोद दिए गए हैं। इनमें से यह पहला बच्चा है जो विदेश जाएगा। बाकी बच्चे भारत के विभिन्न राज्यों की दंपतियों की तरफ से गोद लिए गए हैं। यह चार वर्षीय बच्चा दत्तक ग्रहण एजेंसी में पिछले चार साल से रह रहा था। एक गंभीर बीमारी से पीड़ित होने के कारण स्टाफ ने स्वास्थ्य का बहुत ध्यान रखते हुए बच्चे का पालन पोषण किया।
डीसी ने बच्चे को अमेरिकन दंपती को सौंपा
डीसी एवं चेयरमैन जिला बाल कल्याण परिषद झज्जर श्याम लाल पूनिया ने जिला बाल कल्याण परिषद के अंतर्गत चल रहे विशेष दत्तक ग्रहण प्राधिकरण में रह रहे चार वर्षीय इस बच्चे को नियमानुसार अमेरिकन दंपती को सौंपा है। डीसी ने बच्चे के नए अभिभावकों को शुभकामनाएं दीं और एक गिफ्ट भेंट करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने बच्चे को आशीर्वाद देते हुए कहा कि अमेरिका में जाकर खूब पढ़ाई करना। इस मौके पर जिला बाल कल्याण अधिकारी ओमप्रकाश, जिला बाल संरक्षण अधिकारी लतिका, सीडब्ल्यूसी सदस्य नवीन कुमार, कार्यक्रम अधिकारी ऋतु, एसएसए कॉर्डिनेटर मनदीप कौर सोमबीर आदि उपस्थित रहे। संवाद