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एनजीटी के मानकों पर खरा नहीं उतर रहे झज्जर के ट्रीटमेंट प्लांट
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मुकेश शर्मा
झज्जर। शहर में मल शोधन के लिए स्थापित किए गए दोनों ट्रीटमेंट प्लांट एनजीटी के मानकों पर खरा नहीं उतर रहे हैं। सीवर के पानी को ट्रीटमेंट करने के बाद भी बीओडी की मात्रा 30 आ रही है, जबकि एनजीटी के आदेशानुसार पानी में बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) की मात्रा 10 से नीचे होनी चाहिए।
फिलहाल झज्जर के ट्रीटमेंट प्लांटों की बीओडी की मात्रा 30 से नीचे नहीं आ रही है। दोनों प्लांटों को अपग्रेड करने के लिए 5 करोड़ 70 लाख रुपये के बजट के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने मंजूरी मांगी है। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद विभाग की तरफ से टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी और इन प्लांटों में अपग्रेड करने का कार्य शुरू किया जाएगा।
शहर में 5 एमएलडी और दूसरा 5.5 एमएलडी का ट्रीटमेंट प्लांट
शहर के सीवर के पानी को ट्रीटमेंट करने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की तरफ से 30 साल में बढ़ने वाली आबादी के हिसाब से प्लांट स्थापित किया गया था। इनमें कोसली रोड पर स्थित ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 5.5 एमएलडी है, जबकि सांपला रोड पर स्थित ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 5 एमएलडी है। फिलहाल इन प्लांट तक सीवर का पानी पूरा नहीं पहुंच पा रहा है। इन प्लांटों में करीब 7 एमएलडी पानी ही पहुंच पा रहा है। रेवाड़ी रोड पर स्थित पंप हाउस के माध्यम से इस पानी को ड्रेन नंबर आठ तक पहुंचाया जाता है। जबकि नाले के आसपास के किसान इस पानी से सिंचाई भी करते हैं। पानी में बीओडी की मात्रा अधिक होने के कारण इस पानी से सिंचाई करने से बीमारी फैलने का भय भी बना रहता है। (संवाद)
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वर्जन
ट्रीटमेंट प्लांटों को अपग्रेड करने के लिए सरकार के पास बजट की मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इनका काम शुरू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगा।
- फैजल इब्राहिम, एसई, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, झज्जर।
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झज्जर। शहर में मल शोधन के लिए स्थापित किए गए दोनों ट्रीटमेंट प्लांट एनजीटी के मानकों पर खरा नहीं उतर रहे हैं। सीवर के पानी को ट्रीटमेंट करने के बाद भी बीओडी की मात्रा 30 आ रही है, जबकि एनजीटी के आदेशानुसार पानी में बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) की मात्रा 10 से नीचे होनी चाहिए।
फिलहाल झज्जर के ट्रीटमेंट प्लांटों की बीओडी की मात्रा 30 से नीचे नहीं आ रही है। दोनों प्लांटों को अपग्रेड करने के लिए 5 करोड़ 70 लाख रुपये के बजट के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने मंजूरी मांगी है। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद विभाग की तरफ से टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी और इन प्लांटों में अपग्रेड करने का कार्य शुरू किया जाएगा।
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शहर में 5 एमएलडी और दूसरा 5.5 एमएलडी का ट्रीटमेंट प्लांट
शहर के सीवर के पानी को ट्रीटमेंट करने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की तरफ से 30 साल में बढ़ने वाली आबादी के हिसाब से प्लांट स्थापित किया गया था। इनमें कोसली रोड पर स्थित ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 5.5 एमएलडी है, जबकि सांपला रोड पर स्थित ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 5 एमएलडी है। फिलहाल इन प्लांट तक सीवर का पानी पूरा नहीं पहुंच पा रहा है। इन प्लांटों में करीब 7 एमएलडी पानी ही पहुंच पा रहा है। रेवाड़ी रोड पर स्थित पंप हाउस के माध्यम से इस पानी को ड्रेन नंबर आठ तक पहुंचाया जाता है। जबकि नाले के आसपास के किसान इस पानी से सिंचाई भी करते हैं। पानी में बीओडी की मात्रा अधिक होने के कारण इस पानी से सिंचाई करने से बीमारी फैलने का भय भी बना रहता है। (संवाद)
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ट्रीटमेंट प्लांटों को अपग्रेड करने के लिए सरकार के पास बजट की मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इनका काम शुरू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगा।
- फैजल इब्राहिम, एसई, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, झज्जर।