फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Even if a cloth gets stuck in the gate, the metro will not run.

Jhajjar-Bahadurgarh News: गेट में कपड़ा भी फंसा तो नहीं चलेगी मेट्रो

Sat, 15 Jun 2024 03:53 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Sat, 15 Jun 2024 03:53 AM IST
विज्ञापन
Even if a cloth gets stuck in the gate, the metro will not run.
बहादुरगढ़। मेट्रो ट्रेन में किसी भी यात्री के साथ चढ़ते-उतरते समय कोई हादसा न हो, इसको लेकर डीएमआरसी मेट्रो ट्रेन के गेट पर एंटी ड्रैग फीचर लगवाएगी। इसके बाद गेट में कपड़ा भी फंसा तो मेट्रो नहीं चलेगी।
विज्ञापन

पिछले दिनों साड़ी फंसने और मेट्रो चलने की वजह से एक महिला की मौत हो गई थी। इस समस्या को दूर करने के लिए डीएमआरसी ने यह फीचर लगवाने का निर्णय लिया है। शुरूआत में यह 8 कोचों वाली 5 मेट्रो ट्रेन में लगवाया जाएगा। इस पर लगभग 3.55 करोड़ रुपये की लागत आएगी। बता दें कि कुछ महीनों पहले इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन पर एक महिला की साड़ी मेट्रो ट्रेन के गेट में फंस गई थी। मेट्रो चल पड़ी और महिला घिसटती रही। इससे उनकी मौत हो गई थी। हालांकि डीएमआरसी की ओर से उन्हें मुआवजा दिया गया था।
विज्ञापन

डीएमआरसी के अधिकारियों के अनुसार, नए फीचर के लगने में सवा साल का वक्त लगेगा। इस फीचर को पांच ट्रेनों में लगाया जाएगा। यह एंटी ड्रैग फीचर पहली बार लगाया जाएगा। अभी यह पायलट प्रोजेक्ट के तहत लग रहा है। इन पांच ट्रेनों में इस सिस्टम की रेट्रो-फिटमेंट के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। पायल प्रोजेक्ट के तहत इसे आठ कोच वाली पांच ट्रेनों यानी कुल 40 कोच के दरवाजों में लगाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन



इन रूट की ट्रेनों में लगेगा एंटी ड्रैग फीचर

डीएमआरसी के अनुसार, एंटी ड्रैग फीचर अभी दिलशाद गार्डन से रिठाला तक जाने वाली तीन ट्रेनों और येलो लाइन की गुरुग्राम से समयपुर बादली पर चलने वाली दो ट्रेनों में लगाया जा रहा है।




किस तरह काम करेगा सिस्टम

डीएमआरसी के अनुसार, एंटी ड्रैग सिस्टम लगने के बाद अगर यात्रियों का सामान दरवाजे में फंस जाता है तो ट्रेन आगे नहीं बढ़ पाएगी। इसकी वजह से घसीटे जाने से होने वाली चोटों और खतरों को रोकने में मदद मिलेगी। इस सिस्टम को इसी तरह से डिजाइन किया गया है। यह ट्रेन दरवाजे के बीच फंसने वाले पतले सामान जैसे साड़ी, दुपट्टा, बैग स्टै्प, बेल्ट और दूसरे कपड़े की पहचान कर लेगा। मौजूदा समय में मेट्रो के दरवाजों में 15 एमएम से पतला सामान चिन्हित नहीं हो पाता और दरवाजे बंद हो जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed