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Jhajjar-Bahadurgarh News: उद्यमियों ने जीएसटी राहत, सस्ती जमीन व बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की उठाई मांग
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फोटो-64: बहादुरगढ़ के गणपति धाम में औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं को लेकर विचार-विमर्श करते उद्यम
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बहादुरगढ़। कन्फेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्री की बैठक में स्थानीय औद्योगिक इकाइयों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और मांगों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उद्यमियों ने सरकार से जीएसटी में राहत, सस्ती औद्योगिक जमीन, बेहतर बिजली आपूर्ति, ड्राई पोर्ट और औद्योगिक अवसंरचना को मजबूत करने की मांग उठाई।
श्रमिकों के बच्चों के लिए कौशल विकास केंद्र स्थापित करने, ब्रिगेडियर होशियार सिंह मेट्रो स्टेशन से सांपला टोल तक मेट्रो विस्तार, आधुनिक अग्निशमन केंद्र, ट्रांसपोर्ट नगर और ड्राई पोर्ट सुविधा स्थापित करने की मांग भी बैठक में प्रमुखता से उठाई गई।
बैठक में कोबी के अध्यक्ष प्रवीण गर्ग ने बताया कि बहादुरगढ़ में फुटवियर उद्योग के साथ-साथ पैकेजिंग से जुड़ी करीब 500 इकाइयां कार्यरत हैं। पैकेजिंग उद्योग में कच्चे माल पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगती है जबकि तैयार माल पर मात्र 5 प्रतिशत टैक्स है। इससे उद्योगों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
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उद्यमियों ने मांग की कि कच्चे व तैयार माल पर जीएसटी दर समान हों। ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी करीब 200 इकाइयों ने भी जीएसटी में राहत की मांग की है। उनका कहना है कि कई कंपोनेंट्स और सप्लाई चेन टूल्स पर ज्यादा टैक्स होने के कारण भारत में तैयार माल की लागत चीन के मुकाबले अधिक पड़ती है जिससे आयात बढ़ रहा है।
उद्यमियों ने कहा कि बहादुरगढ़ में जमीन की कीमत करीब 50 हजार रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंच चुकी है जिसके कारण कई निवेशक दूसरे राज्यों में उद्योग स्थापित कर रहे हैं। उद्यमियों ने जिला स्तर पर मासिक सिंगल विंडो प्रणाली लागू करने का सुझाव दिया।
औद्योगिक क्षेत्रों में पर्याप्त बिजली आपूर्ति, नए सब-स्टेशन, फिक्स चार्ज में कमी, सड़कों, सीवर, पेयजल और ईएसआईसी अस्पताल जैसी मूलभूत सुविधाओं की जरूरत भी उठाई गई। मौके पर उपाध्यक्ष विपिन बजाज, महासचिव प्रदीप कौल, कोषाध्यक्ष अशोक कुमार मित्तल, संयुक्त सचिव सुरेंद्र वशिष्ठ समेत कई सदस्य मौजूद रहे।
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श्रमिकों के बच्चों के लिए कौशल विकास केंद्र स्थापित करने, ब्रिगेडियर होशियार सिंह मेट्रो स्टेशन से सांपला टोल तक मेट्रो विस्तार, आधुनिक अग्निशमन केंद्र, ट्रांसपोर्ट नगर और ड्राई पोर्ट सुविधा स्थापित करने की मांग भी बैठक में प्रमुखता से उठाई गई।
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बैठक में कोबी के अध्यक्ष प्रवीण गर्ग ने बताया कि बहादुरगढ़ में फुटवियर उद्योग के साथ-साथ पैकेजिंग से जुड़ी करीब 500 इकाइयां कार्यरत हैं। पैकेजिंग उद्योग में कच्चे माल पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगती है जबकि तैयार माल पर मात्र 5 प्रतिशत टैक्स है। इससे उद्योगों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
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उद्यमियों ने मांग की कि कच्चे व तैयार माल पर जीएसटी दर समान हों। ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी करीब 200 इकाइयों ने भी जीएसटी में राहत की मांग की है। उनका कहना है कि कई कंपोनेंट्स और सप्लाई चेन टूल्स पर ज्यादा टैक्स होने के कारण भारत में तैयार माल की लागत चीन के मुकाबले अधिक पड़ती है जिससे आयात बढ़ रहा है।
उद्यमियों ने कहा कि बहादुरगढ़ में जमीन की कीमत करीब 50 हजार रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंच चुकी है जिसके कारण कई निवेशक दूसरे राज्यों में उद्योग स्थापित कर रहे हैं। उद्यमियों ने जिला स्तर पर मासिक सिंगल विंडो प्रणाली लागू करने का सुझाव दिया।
औद्योगिक क्षेत्रों में पर्याप्त बिजली आपूर्ति, नए सब-स्टेशन, फिक्स चार्ज में कमी, सड़कों, सीवर, पेयजल और ईएसआईसी अस्पताल जैसी मूलभूत सुविधाओं की जरूरत भी उठाई गई। मौके पर उपाध्यक्ष विपिन बजाज, महासचिव प्रदीप कौल, कोषाध्यक्ष अशोक कुमार मित्तल, संयुक्त सचिव सुरेंद्र वशिष्ठ समेत कई सदस्य मौजूद रहे।