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Jhajjar-Bahadurgarh News: चिकित्सक हड़ताल पर, भटकते रहे मरीज

Sun, 30 Jul 2023 12:55 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Sun, 30 Jul 2023 12:55 AM IST
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Embarrassing: The incident happened to a woman in the toilet of a government hospital.
झज्जर / बहादुरगढ़। झज्जर समेत चार जिलों के पांच चिकित्सकों को चार्जशीट देने के विरोध में सामान्य अस्पताल के चिकित्सकों ने तीन घंटे की पैन डाउन हड़ताल रखी। मरीजों ने ओपीडी कार्ड तो बना दिए गए लेकिन उपचार न मिलने की वजह से वह भटकते रहे। झज्जर और बहादुरगढ़ दोनों अस्पतालों में मरीज परेशान रहे।
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शनिवार को सुबह ही अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगानी शुरू हो गई थी। मरीज ओपीडी कार्ड बनाकर डॉक्टर को दिखाने ओपीडी में पहुंचे तो वे खाली थी। वहां कोई चिकित्सक नहीं मिला। मरीजों को बताया गया कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं। तीन घंटे तक काम नहीं करेंगे। इसके बाद मरीज तीन घंटे तक डॉक्टर की हड़ताल खत्म होने के इंतजार में बैठे रहे। अधिक बीमार हो रहे मरीजों को उनके तिमारदार प्राइवेट अस्पताल में उपचार के लिए ले गए। चिकित्सक सुबह 8 से 11 बजे तक हड़ताल पर रहे।
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हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेस (एचसीएमएस) एसोसिएशन के राज्य प्रधान राजेश ख्यालिया ने कहा कि सरकार ने करनाल, झज्जर, रोहतक, दादरी के पांच चिकित्सकों को सीधे चार्जशीट कर दिया है। इस कदम से चिकित्सकों में रोष है। एससीएमएस एसोसिएशन के पूर्व प्रांतीय प्रधान डॉ. जसवीर परमार ने कहा कि सरकार चार्जशीट किए गए डॉक्टरों को तुरंत ड्यूटी पर लें। इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को 6 अगस्त तक का समय दिया है। इसके बाद भी समाधान नहीं हुआ तो बड़ा कदम उठाया जाएगा। उधर बहादुरगढ़ के सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों ने तीन घंटे तक हड़ताल रखी। डाक्टरों ने काले बिल्ले लगाकर अपना सांकेतिक रोष भी जताया। सुबह 8 बजे से लेकर 11 बजे तक डाक्टरों की पेन डाउन स्ट्राइक रही। ओपीडी बंद रही। अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को उमस भरी गर्मी में तीन घंटे तक हड़ताल खत्म होने का इंतजार करना पड़ा। इससे न केवल मरीज बल्कि उनके साथ आए तीमारदार भी खासे परेशान रहे।
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दिसंबर में आई टीम की रिपोर्ट पर बिना जांच किया चार्जशीट
एसोसिएशन के संयुक्त सचिव डॉ संदीप दलाल ने बताया कि दिसंबर में पंचकुला से एनएचएम की टीम जांच के लिए आई थी। उस समय झज्जर की दुजाना पीएचसी में डॉ मोहित तैनात थे। उन्हें सीएमओ के आदेश पर बाढ़सा अस्पताल का चार्ज दिया गया था। दो जगह ड्यूटी होने के कारण वे बाढ़सा गए हुए थे। टीम ने न डॉक्टर से बात की, न एसएमओ और न ही सीएमओ से बात की और रिपोर्ट मुख्यालय को दे दी। जिससे उन्हें चार्जशीट कर दिया गया है।

- लोगों प्रतिक्रिया :
पैरों के घुटनों में दर्द है। अस्पताल चक्कर लगा रही हूं लेकिन इलाज नहीं हो रहा। यहां आकर पता चला कि डॉक्टरों की हड़ताल है। अस्पताल में हड़ताल नहीं होनी चाहिए।
- रामरति गांव गिरावड।
सुबह 9 बजे सामान्य अस्पताल में आया था। खांसी, जुकाम की दवा लेनी थी और सुबह से डॉक्टर नहीं बैठे हैं। मुझे दवाई के लिए भटकना पड़ रहा है।
- वेद पाल गांव खेड़ी खुम्मार।
मुझे टायफाइड हो चुका है। सुबह 8:15 बजे अस्पताल में आया था। सुबह से उपचार और दवाई के लिए चक्कर लगा रहा हूं। कार्ड भी ओपीडी में जमा है।
- उमेश सिंह दुबलधन।
सुबह मेरी पत्नी को बंदर ने काट लिया है। उसके इलाज के लिए सुबह अस्पताल में आ था लेकिन आज डाॅक्टर न होने के कारण उपचार के लिए इंतजार करना पड़ा।
- अजीत गांव सिलानी।
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