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मालगाड़ी की चपेट में आया बुजुर्ग, मौत
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Elderly death hit by goods train
- फोटो : Jhjhar
डीघल व दीमाना गांव के बीच में एक बुजुर्ग मालागाड़ी की चपेट में आ गया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना रेलवे पुलिस को दी गई। रेलवे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का जायजा लिया और शव का कब्जे में नागरिक अस्पताल के शव गृह में रखवा। पुलिस ने मृतक बुजुर्ग की पहचान डीघल गांव निवासी सुभाष पुत्र भीम सिंह के रूप में की है। बताया जा रहा है कि दीमाना अंडर पास में बारिश का पानी भरने के कारण बुजुर्ग रेलवे लाइन को क्रॉस कर रहा था और उसे कम सुनाई देता था। जब वह रेलवे लाइन को क्रॉस करने लगा तो मालगाड़ी की चपेट में आ गया।
जानकारी के अनुसार शनिवार को दोपहर बाद डीघल व दीमाना गांव के बीच एक बुजुर्ग रोहतक से रेवाड़ी की तरफ जा रही एक मालगाड़ी की चपेट आ गया। लोगों ने जब घटना देखी तब इसकी सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद मामले की जानकारी रेलवे पुलिस को दी गई। रेलवे पुलिस की टीम ने घटना स्थल का जायजा लेने के बाद मौके पर बुजुर्ग की पहचान के प्रयास किए। काफी प्रयास के बाद बुजुर्ग की पहचान डीघल गांव निवासी 65 वर्षीय सुभाष पुत्र भीम सिंह के रूप में हुई। रेलवे पुलिस ने शव की पोस्टमार्टम के लिए शव को शनिवार शाम को नागरिक अस्पताल में रखवाया है।
रविवार को बुजुर्ग के शव का नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। बुजुर्ग मानसिक रूप से परेशान था। उसे सुनाई भी कम देता था। - सत्यवान, जांच अधिकारी, रेलवे पुलिस झज्जर।
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बारिश के दिनों में रेलवे लाइन के नीचे बनाए गए अंडर पास लोगों के लिए परेशानी बन रहे हैं। बरसात के दौरान इनमें से पानी की निकासी के लिए को व्यवस्था न होने के कारण इनमें पानी भर जाता है। जिससे लोगों को इनके अंदर से निकलने में काफी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। वहीं वाहनों को निकालने में भी वाहन चालकों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। करीब 75 किलोमीटर लंबी रेवाड़ी-झज्जर-रोहतक रेलवे लाइन के नीचे रेलवे के आंकड़ों के अनुसार 34 अंडरपास बनाए गए हैं। इनमें तीन बड़े और 31 छोटे अंडर पास हैं। 31 छोटे अंडरपास रेलवे लाइन के निर्माण के दौरान वर्ष 2013 से पहले बनाए गए थे। जबकि तीन बड़े अंडरपास रेलवे लाइन के निर्माण के करीब पांच साल बाद बनाए गए थे। रेलवे की तरफ से अंडरपास का निर्माण तो कर दिया गया। लेकिन बारिश के दौरान इनमें भरने वाले पानी की निकासी के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई। अधिकांश अंडरपास के अंदर से गुजरने वाले रास्ते विभिन्न गांवों की तरफ व खेतों में जाने के लिए बनाए गए थे।
अंडरपास में भरा पानी बुजुर्ग की मौत का बन गया कारण
दीमाना व डीघल गांव के बीच बनाया गए अंडर पास में बारिश के कारण पानी व कीचड़ भरा हुआ था। शनिवार को डीघल गांव का एक बुजुर्ग इस अंडर पास में पानी भरा होने के कारण रेलवे लाइन को क्रास कर रहा था। वह लाइन को क्रास करते समय मालगाड़ी की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। अगर अंडर पास में पानी नहीं होता तो बुजुर्ग की जान बच सकती थी।
तीन बड़े अंडर पास बनाए, चौथा नहीं हुआ है चालू
झज्जर जिला की सीमा में रेलवे की तरफ से तीन बड़े अंडर पास बनाए गए हैं। इनमें तलाव रोड, बाबरा रोड व माछरौली के पास करीब तीन साल पहले बड़े अंडर पास बनाए गए थे। अब कोसली रोड पर पुल के साथ अंडरपास का भी निर्माण किया गया है। लेकिन इस अंडरपास का पूर्ण रूप से फिलहाल चालू नहीं किया गया है।
बरसात के दौरान अगर किसी अंडरपास में पानी भरने की शिकायत आती है तो पानी को निकालने की व्यवस्था की जाती है। - आरके तनेजा, आरडब्ल्यू, रेलवे विभाग।
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जानकारी के अनुसार शनिवार को दोपहर बाद डीघल व दीमाना गांव के बीच एक बुजुर्ग रोहतक से रेवाड़ी की तरफ जा रही एक मालगाड़ी की चपेट आ गया। लोगों ने जब घटना देखी तब इसकी सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद मामले की जानकारी रेलवे पुलिस को दी गई। रेलवे पुलिस की टीम ने घटना स्थल का जायजा लेने के बाद मौके पर बुजुर्ग की पहचान के प्रयास किए। काफी प्रयास के बाद बुजुर्ग की पहचान डीघल गांव निवासी 65 वर्षीय सुभाष पुत्र भीम सिंह के रूप में हुई। रेलवे पुलिस ने शव की पोस्टमार्टम के लिए शव को शनिवार शाम को नागरिक अस्पताल में रखवाया है।
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रविवार को बुजुर्ग के शव का नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। बुजुर्ग मानसिक रूप से परेशान था। उसे सुनाई भी कम देता था। - सत्यवान, जांच अधिकारी, रेलवे पुलिस झज्जर।
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बारिश के दिनों में रेलवे लाइन के नीचे बनाए गए अंडर पास लोगों के लिए परेशानी बन रहे हैं। बरसात के दौरान इनमें से पानी की निकासी के लिए को व्यवस्था न होने के कारण इनमें पानी भर जाता है। जिससे लोगों को इनके अंदर से निकलने में काफी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। वहीं वाहनों को निकालने में भी वाहन चालकों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। करीब 75 किलोमीटर लंबी रेवाड़ी-झज्जर-रोहतक रेलवे लाइन के नीचे रेलवे के आंकड़ों के अनुसार 34 अंडरपास बनाए गए हैं। इनमें तीन बड़े और 31 छोटे अंडर पास हैं। 31 छोटे अंडरपास रेलवे लाइन के निर्माण के दौरान वर्ष 2013 से पहले बनाए गए थे। जबकि तीन बड़े अंडरपास रेलवे लाइन के निर्माण के करीब पांच साल बाद बनाए गए थे। रेलवे की तरफ से अंडरपास का निर्माण तो कर दिया गया। लेकिन बारिश के दौरान इनमें भरने वाले पानी की निकासी के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई। अधिकांश अंडरपास के अंदर से गुजरने वाले रास्ते विभिन्न गांवों की तरफ व खेतों में जाने के लिए बनाए गए थे।
अंडरपास में भरा पानी बुजुर्ग की मौत का बन गया कारण
दीमाना व डीघल गांव के बीच बनाया गए अंडर पास में बारिश के कारण पानी व कीचड़ भरा हुआ था। शनिवार को डीघल गांव का एक बुजुर्ग इस अंडर पास में पानी भरा होने के कारण रेलवे लाइन को क्रास कर रहा था। वह लाइन को क्रास करते समय मालगाड़ी की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। अगर अंडर पास में पानी नहीं होता तो बुजुर्ग की जान बच सकती थी।
तीन बड़े अंडर पास बनाए, चौथा नहीं हुआ है चालू
झज्जर जिला की सीमा में रेलवे की तरफ से तीन बड़े अंडर पास बनाए गए हैं। इनमें तलाव रोड, बाबरा रोड व माछरौली के पास करीब तीन साल पहले बड़े अंडर पास बनाए गए थे। अब कोसली रोड पर पुल के साथ अंडरपास का भी निर्माण किया गया है। लेकिन इस अंडरपास का पूर्ण रूप से फिलहाल चालू नहीं किया गया है।
बरसात के दौरान अगर किसी अंडरपास में पानी भरने की शिकायत आती है तो पानी को निकालने की व्यवस्था की जाती है। - आरके तनेजा, आरडब्ल्यू, रेलवे विभाग।