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डॉक्टर ने पहले इलाज से किया मना, बाद में लिखी बाहर की दवा, हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
Updated Fri, 23 Oct 2015 12:45 AM IST
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चिकनपॉक्स पीड़ित छात्रा के इलाज में डॉक्टर द्वारा ना नुकर करने पर सिविल अस्पताल में हंगामा हो गया। छात्रा के परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने पहले बेटी को देखने से मना कर दिया।
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बाद में बहुत मिन्नतें करने पर देखा भी तो दवाई बाहर से लाने को बोला। डॉक्टर के लगातार इस अमानवीय व्यवहार को देखकर छात्रा के साथ आया उसका पिता भड़क गया। जिसके बाद डॉक्टर ने पुलिस को बुला लिया।
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यहां तक तो तब भी मामला ठीक ही था, लेकिन विवाद तब और बढ़ गया, जबडॉक्टर के खिलाफ विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी भी अस्पताल में एकजुट हो गए और मरीज और तीमारदार से झगड़ने लगे। मामला बढ़ता देख एसएमओ ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर मामला शांत हुआ।
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जानकारी के अनुसार गांव बेरी निवासी सतबीर की बेटी अंकिता 12वीं में पढ़ती है। छात्रा को चिकनपॉक्स की शिकायत हुई तो बृहस्पतिवार को सतबीर उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल लेकर पहुंचा। आरोप है कि अस्पताल में मौजूद डॉक्टर नेे पहले तो अंकिता का इलाज करने से मनाकर उसे अगले दिन आने को कहा।
अंकिता की तबीयत ज्यादा खराब होने की बात कही गई तो काफी मान मनुहार के बाद डॉक्टर उसे देखने को तैयार हुआ। डॉक्टर ने अंकिता की जांच की और पर्ची पर दवा लिख कर दवाई बाहर से लेने के लिए कह दिया। इसको लेकर छात्रा के पिता व डॉक्टर के बीच विवाद हो गया।
दोनों में बहस बढ़ गई तो डॉक्टर सुनील ने 100 नंबर पर काल कर पुलिस को बुला लिया। डॉक्टर ने छात्रा व उसके पिता पर सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाए। डॉक्टर सुनील ने इसके बाद छात्रा के पिता पर कार्रवाई के लिए दबाव बनाया तो इसकी सूचना पर स्थानीय निवासियों व सामाजिक संस्था, विश्व हिंदू परिषद आदि के पदाधिकारी सिविल अस्पताल पहुंच गए। इस पर हंगामा बढ़ गया।
लोगों ने चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई के लिए हंगामा करना शुरू कर दिया। डॉक्टर के खिलाफ उतरे लोगों का हंगामा करीब डेढ़ घंटे तक चला। इस बीच इसकी सूचना एसएमओ डॉ. शेर सिंह को लगी तो वे भी अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों से मामले की जानकारी ली।
इस बीच सिविल अस्पताल में अन्य कई मरीजों ने भी डॉक्टर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विश्व हिंदू परिषद के पीतांबर शर्मा, संगठन के संदीप जांगड़ा, प्रवीन आदि ने कहा कि डॉक्टरों का व्यवहार मरीजों के प्रति ठीक नहीं है। अस्पताल में कोई सुविधा भी मरीजों को नहीं मिल रही। एसएमओ ने हंगामा कर रहे लोगों को डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया, इसके बाद ही लोग शांत हुए।
मरीज व डॉक्टर के बीच विवाद और पुलिस बुलाने की सूचना के बाद वे अस्पताल पहुंच गए थे। सामाजिक संगठनों के कुछ लोग भी आए थे। दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले की जानकारी ली गई है। मामले से विभाग के उच्च अधिकारियों कोे अवगत कराया जाएगा। अस्पताल में आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की कोई परेशानी का सामना नही करना पड़ेगा। डॉ. शेर सिंह, एसएमओ