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लेटर का जवाब नहीं आया, पीएम के गांव तक पैदल निकला पर्वतारोही
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
Updated Sun, 27 Nov 2016 12:50 AM IST
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हरिओम सिलवाल
- फोटो : bureau
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पर्वतारोहण के प्रति इसे लगाव कहें या फिर गांधीगिरी से सिस्टम के साथ लड़ाई। रोहतक जिले के हरिओम सिलवाल ने पर्वतारोहण के लिए मांगी मदद के पत्र का पीएमओ की ओर से जवाब नहीं आने पर पीएम के गांव मेहसाणा तक पैदल यात्रा शुरू कर दी है।
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अपनी यात्रा के दूसरे दिन वे रोहतक से झज्जर पहुंचे, जहां उन्होंने बताया कि पर्वतारोहण में मदद के लिए पीएमओ को दो बार पत्र लिखा, लेकिन उसका कोई जवाब नहीं आया। इस पर उन्होंने मोदी के पैतृक गांव में उनके घर जाकर उनके परिवार के सदस्यों को अपना मांगपत्र सौंपने का मन बनाया। पैदल यात्रा के दूसरे दिन वे झज्जर पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे रेवाड़ी, जयपुर, अजमेर, ब्यावर, उदयपुर से मेहसाणा पहुंचेंगे।
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पर्वतारोहण के लिए कर चुके हैं कोर्स
माउंट एवरेस्ट फतह करने की चाह रखने वाले सिलवाल ने बताया कि उन्होंने पर्वतारोहण के बेसिक और एडवांस कोर्स भी पूरे कर लिए हैं। इसके बावजूद सरकार उनके साथ भेदभाव कर रही है। जब सरकार हर पर्वतारोही को इतना मान-सम्मान दे रही है तो उसे भी न्याय मिलना चाहिए।
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उन्होंने प्रदेश सरकार से भी मदद के लिए गुहार लगाई थी, लेकिन मदद नहीं मिली तो पीएमओ को पत्र लिखा। जब वहां से भी जवाब नहीं आया तो वे विरोध स्वरूप ये यात्रा कर रहे हैं।