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Jhajjar-Bahadurgarh News: रात का डिजिटल नशा, बिगाड़ रहा सेहत की दशा...

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 03 Feb 2026 02:26 AM IST
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Digital addiction at night is ruining our health...
-फोटो 81 : नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे विभिन्न बीमारियों व समस्या से परेशान लोग। संवा
बहादुरगढ़।
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बढ़ता स्क्रीन टाइम और देर रात तक मोबाइल चलाने की लत से शरीर थक रहा है। केवल युवा ही नहीं बल्कि बच्चे और बुजुर्ग भी इसकी चपेट में हैं। मेलाटोनिन हार्मोन पर असर होने से नींद चक्र भी बिगड़ गया है। रात का डिजिटल नशा, बिगाड़ रहा है सेहत की दशा।
अस्पताल में इस तरह की समस्या से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों की ओर से उन्हें स्क्रीन टाइम कम करने और रात को समय से सोने और सुबह सूर्योदय से पहले उठने की सलाह दी जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल में प्रतिदिन इस तरह की समस्या को लेकर 5-6 लोग पहुंच रहे हैं।
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नागरिक अस्पताल के फिजिशयन डॉ. सुंदरम ने बताया कि मोबाइल और डिजिटल उपकरणों का बढ़ता उपयोग अब सेहत के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। खासकर रात के समय सोने से पहले मोबाइल फोन, टैबलेट और लैपटॉप का अत्यधिक इस्तेमाल डिजिटल नशा का रूप लेता जा रहा है।
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इसका सीधा असर लोगों की नींद और स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। डॉ. सुंदरम ने बताया कि सोने से पहले मोबाइल का प्रयोग शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन के स्राव को प्रभावित करता है। मेलाटोनिन हार्मोन नींद को नियंत्रित करता है लेकिन स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी इसके स्तर को कम कर देती है।
इसके कारण नींद आने में देरी होती है और पूरा चक्र बिगड़ जाता है। सिरदर्द, आंखों में जलन, चिड़चिड़ापन, थकान और एकाग्रता में कमी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। बच्चों में पढ़ाई पर असर पड़ रहा है जबकि युवाओं में तनाव, अनिद्रा और मानसिक थकावट के मामले सामने आ रहे हैं।

किताब पढ़ना व हल्का संगीत सुनना बेहतर विकल्प
डॉ. सुंदरम ने कहा कि लंबे समय तक यह आदत बनी रहने पर हृदय रोग और मोटापे जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है। सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों का उपयोग बंद कर देना चाहिए। इसके अलावा किताब पढ़ना, हल्का संगीत सुनना या ध्यान करना बेहतर विकल्प हो सकते हैं। अभिभावकों को भी बच्चों की स्क्रीन टाइम पर नजर रखनी चाहिए। डिजिटल तकनीक जीवन का अहम हिस्सा है लेकिन इसका संतुलित उपयोग ही स्वस्थ जीवन की कुंजी है। शांत वातावरण में नियमित समय पर सोने की आदत डालने से न केवल नींद बेहतर होगी।
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