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कृषि कानून वापसी की मांग बदल सकती है सरकार की गद्दी वापसी में : टिकैत

Tue, 05 Jan 2021 11:20 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 05 Jan 2021 11:20 PM IST
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Demand for withdrawal of agricultural law may change in the return of the throne of the government: Tikait
किसानों को संबोधित करते किसान नेता राकेश टिकैत। - फोटो : Bahadurgarh
कृषि कानूनों को साथ लिए बिना किसान घर वापसी नहीं करेगा। आंदोलन को लंबा होने के बाद भी किसानों के जोश और उत्साह में कमी नहीं आएगी। हर हाल में कानून निरस्त करवाए जाएंगे। ढांसा बॉर्डर पर विनोद गुलिया के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि सरकार तीनों कानूनों को वापस लेगी। किसान अब सरकार की किसी भी कार्रवाई से नहीं डरने वाले हैं।
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टिकैत ने कहा कि अभी किसान केवल तीनों कानूनों को वापस करने की मांग कर रहे हैं। सरकार ने अगर मांगों को पूरा नहीं किया तो गद्दी वापसी के लिए भी आंदोलन शुरू हो सकता है। ऐसे में सरकार को सत्ता बचाए रखनी है तो कानूनों को निरस्त करते हुए किसानों को घर वापसी के दरवाजे खोल दे। अभी किसान नरम व्यवहार अपना रहा है, जबकि किसानों के पास कड़ा व्यवहार भी है। लेकिन किसान चाहते हैं कि शांतिपूर्वक तरीके से कानूनों को निरस्त किया जाए।
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आंसू गैस के गोले छोड़ना गलत
टिकैत ने कहा कि सरकार ने किसानों पर आंसू गैस के गोले दागकर किसान विरोधी होने का प्रमाण दिया है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि आंसू गैस के गोलों का सामना करने के लिए तैयार रहें, क्योंकि भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई की आशंका है।
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हरियाणा से नाता है उनका
टिकैत ने कहा कि उन्हें बार-बार उत्तर प्रदेश का बताया जा रहा है, लेकिन उनका मूल पारिवारिक नाता सोनीपत जिले के मल्हाणा से हैं। यहीं से निकलकर उत्तर प्रदेश गए थे। ऐसे में उनका हरियाणा से पुराना पारिवारिक नाता है। अब वह अपने परिवार के किसानों की समस्या को देखते हुए तीनों कानूनों के खिलाफ खड़े हुए हैं।

दोनों सरकारों का दी चेतावनी
कृषि संबंधी तीनों कानूनों को निरस्त करवाने के बाद पंजाब और हरियाणा की सरकारों के खिलाफ भी बिगुल बजाया जाएगा। अगला निशाना चंडीगढ़ है, जहां पंजाब और हरियाणा सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू होगा। पंजाब की कांग्रेस ने किसानों के कर्ज माफ करने की बात की थी, लेकिन कोई कर्ज माफ नहीं किया गया। वहीं हरियाणा की भाजपा सरकार ने किसानों के रास्ते रोकने का प्रयास किया, जोकि गलत रहा। ऐसे में दोनों सरकार के खिलाफ पुरजोर अभियान की शुरुआत चंडीगढ़ से होगी।
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