{"_id":"5e331deb8ebc3e4b4c4399b8","slug":"delhi-rohtak-road-lightining-bahadurgarh-news-rtk539829840","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली-रोहतक रोड को जगमग करने की तैयारी, फिर से लगाया टेंडर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली-रोहतक रोड को जगमग करने की तैयारी, फिर से लगाया टेंडर
विज्ञापन
delhi rohtak road lightining
- फोटो : Bahadurgarh
शहर से गुजरने वाले दिल्ली-रोहतक रोड को भी अब नगर परिषद ने जगमग करने की तैयारी कर ली है। इस मार्ग पर लगीं पुरानी स्ट्रीट लाइटों के स्थान पर एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। इसके लिए 70 लाख रुपये का टेंडर एक बार फिर से लगा दिया गया है। पहले यहां पर सात मीटर पोल के साथ डिवाइडर पर 732 स्ट्रीट लाइटें पटेल नगर तीसरी पुलिया से लेकर टीकरी बार्डर तक लगाई जानी थी लेकिन अब इसमें बदलाव करते हुए पुराने पोलों पर ही 341 एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाने का निर्णय लिया गया है। ये लाइटें 120 वाट की होंगी।
बता दें कि रोहतक-दिल्ली रोड पर पिछले कई साल पहले डिवाइडर पर सोडियम की लाइटें लगाई गई थीं। मेट्रो का काम शुरू होने पर इन लाइटों को डिवाइडर से हटाकर सड़क के किनारे शिफ्ट कर दिया गया था। तब से यह लाइटें अक्सर खराब ही रहीं। खराब लाइटों को सही करवाने के लिए समाज के कई लोगों ने नगर परिषद में भी गुहार लगाई थी, जिसके चलते इस काम तेजी भी लाई गई है। हालांकि इन खराब लाइटों को जलाने को नगर परिषद के अधिकारियों ने कोशिश भी की लेकिन बिजली केबल खराब हो जाने की वजह से अधिकांश लाइटें खराब ही रहीं। सड़के किनार लगी सभी सोडियम की लाइटें लगभग तीन से बंद ही पड़ी हैं। नगर परिषद ने अब सोडियम की लाइट हटाकर एलईडी लाइटें लगाने का फैसला लिया है।
अंधेरा का फायदा उठाते थे चोर
शहर के अंदर से निकलने वाले दिल्ली-रोहतक लगी लाइटें न जलने की वजह से अक्सर चोर और लुटेरे इसका फायदा भी उठाते थे। इस मार्ग कुछ स्थानों पर बिजली के खंभों पर भी लाइटें लगाई गई है। जिसकी वजह से शहर में पर्याप्त रोशनी नहीं हो पाती थी। जिसका फायदा चोर व लुटेरे उठाते थे। लाइटों के लगने के बाद से इस रोड पर होने वाली आपराधिक घटनाओं में भी कमी आएगी।
विज्ञापन
70 लाख का लगाया गया है टेंडर : एमई
रोहतक-दिल्ली रोड कई सालों से अंधेरे में डूबा हुआ है। इस रोड को रोशन करने के लिए करीब 70 लाख रुपये की लागत से 341 स्ट्रीट लाइटें लगाने का टेंडर लगा दिया गया है। पुराने पोलों पर ही यह लाइटें लगाई जाएंगी।
-ओमदत्त, नगर अभियंता, नगर परिषद, बहादुरगढ़।
विज्ञापन
बता दें कि रोहतक-दिल्ली रोड पर पिछले कई साल पहले डिवाइडर पर सोडियम की लाइटें लगाई गई थीं। मेट्रो का काम शुरू होने पर इन लाइटों को डिवाइडर से हटाकर सड़क के किनारे शिफ्ट कर दिया गया था। तब से यह लाइटें अक्सर खराब ही रहीं। खराब लाइटों को सही करवाने के लिए समाज के कई लोगों ने नगर परिषद में भी गुहार लगाई थी, जिसके चलते इस काम तेजी भी लाई गई है। हालांकि इन खराब लाइटों को जलाने को नगर परिषद के अधिकारियों ने कोशिश भी की लेकिन बिजली केबल खराब हो जाने की वजह से अधिकांश लाइटें खराब ही रहीं। सड़के किनार लगी सभी सोडियम की लाइटें लगभग तीन से बंद ही पड़ी हैं। नगर परिषद ने अब सोडियम की लाइट हटाकर एलईडी लाइटें लगाने का फैसला लिया है।
विज्ञापन
अंधेरा का फायदा उठाते थे चोर
शहर के अंदर से निकलने वाले दिल्ली-रोहतक लगी लाइटें न जलने की वजह से अक्सर चोर और लुटेरे इसका फायदा भी उठाते थे। इस मार्ग कुछ स्थानों पर बिजली के खंभों पर भी लाइटें लगाई गई है। जिसकी वजह से शहर में पर्याप्त रोशनी नहीं हो पाती थी। जिसका फायदा चोर व लुटेरे उठाते थे। लाइटों के लगने के बाद से इस रोड पर होने वाली आपराधिक घटनाओं में भी कमी आएगी।
विज्ञापन
70 लाख का लगाया गया है टेंडर : एमई
रोहतक-दिल्ली रोड कई सालों से अंधेरे में डूबा हुआ है। इस रोड को रोशन करने के लिए करीब 70 लाख रुपये की लागत से 341 स्ट्रीट लाइटें लगाने का टेंडर लगा दिया गया है। पुराने पोलों पर ही यह लाइटें लगाई जाएंगी।
-ओमदत्त, नगर अभियंता, नगर परिषद, बहादुरगढ़।