{"_id":"5877dcb54f1c1bab78ba99bf","slug":"delhi-police-murdered-bodies-dumped-jhajjar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली पुलिस के जवान की हत्या कर फेंका शव ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली पुलिस के जवान की हत्या कर फेंका शव
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
Updated Fri, 13 Jan 2017 01:14 AM IST
विज्ञापन
झज्जर। खेड़ी आसरा गांव निवासी दिल्ली पुलिस के जवान सुखबीर की हत्या कर बुधवार रात को झज्जर के बादली बाईपास पर शव को फेंक दिया। गश्त पर तैनात पुलिस ने देखा तो, सामान्य अस्पताल पर लेकर आई। डैड बॉडी के पास से मिले कागजात से शव की शिनाख्त हुई तो इसकी सूचना परिजनों को दी गई। उनके पहुंचने पर पोस्टमार्टम करवा शव उन्हें सौंप दिया गया। मृतक के चाचा सुरेंद्र के बयान पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस में दिए गए बयान के अनुसार मृतक सुखबीर के चाचा सुरेंद्र व सुखबीर के स्टाफ सदस्य ने बताया कि सुखबीर दिल्ली पुलिस में बतौर सिपाही के पद पर कार्यरत था। बुधवार को वह घर आ रहा था। गांव भदानी तक उसके साथी उसे गाड़ी में छोड़कर गए। भदानी चौक पर सुखबीर अपनी बाइक लेकर घर लौट रहा था कि रास्ते में उसके साथ यह घटनाक्रम हुआ। गश्त के दौरान पुलिस को बादली बाईपास के पास शव पड़ा हुआ मिला। पास में ही बाइक भी पड़ी हुई थी। पुलिस शव को लेकर अस्पताल पहुंची। शव के पास मिले कागजों के आधार पर ही शव की पहचान हुई। मृतक के सिर व चेहरे पर तेजधार हथियार के निशान मिले, जिनसे मृतक के सिर को पूरी तरह से खोखला किया गया था। मृतक की छाती और गले पर भी हल्के जले के निशान पाए गए हैं। देखने पर लगता है कि किसी ने हत्या के समय उसके शरीर पर सिगरेट बुझाई गई है। वहीं पुलिस इस मामले को सड़क एक्सीडेंट से जोड़कर देख रही है लेकिन फिलहाल परिजनों के बयान पर मर्डर का मामला दर्ज कर लिया गया है।
बच्चों को टूर पर ले जाने का था कार्यक्रम
2009 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए सुखबीर की करीब आठ साल पहले शादी हुई थी। अब उसके पास एक लड़का और एक लड़की दो छोटे बच्चों की जिम्मेवारी भी थी। जो हमेशा कहते थे कि पापा अब की बार आओगे तो कहीं बाहर घूमने चलेंगे लेकिन अब कुदरत को कुछ और ही मंजूर था कि दोनों बच्चों के सिर से उनके बाप का साया ही उठ गया।
विज्ञापन
परिवार के गुजर बसर का सहारा था सुखबीर
गांव खेड़ी आसरा निवासी मृतक सुखबीर परिवार के गुजर बसर का सहारा था। परिवार के पालन पोषण की पूरी जिम्मेवारी उसी के कंधों पर ही थी। सुखबीर के परिवार में पिता रोशनलाल, माता रमेश देवी, पत्नी, दो बच्चे, एक छोटा भाई संजीव और गीता व पिंकी दो बड़ी बहनें हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सुखबीर बेहद शरीफ और होनहार लड़का था। परिवार के हर प्रकार के लेनदेन की जिम्मेवारी भी वही संभलता था। इस घटनाक्रम के कारण पूरा परिवार बेहद ही सकते में है।
वर्जन
घटना को देखते हुए लग रहा है कि मामला दुर्घटना का है लेकिन परिवार के द्वारा हत्या की आशंका जताई गई है, जिसके चलते मर्डर का मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है, जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।
सुरेंद्र, एसएचओ, सदर थाना
विज्ञापन
पुलिस में दिए गए बयान के अनुसार मृतक सुखबीर के चाचा सुरेंद्र व सुखबीर के स्टाफ सदस्य ने बताया कि सुखबीर दिल्ली पुलिस में बतौर सिपाही के पद पर कार्यरत था। बुधवार को वह घर आ रहा था। गांव भदानी तक उसके साथी उसे गाड़ी में छोड़कर गए। भदानी चौक पर सुखबीर अपनी बाइक लेकर घर लौट रहा था कि रास्ते में उसके साथ यह घटनाक्रम हुआ। गश्त के दौरान पुलिस को बादली बाईपास के पास शव पड़ा हुआ मिला। पास में ही बाइक भी पड़ी हुई थी। पुलिस शव को लेकर अस्पताल पहुंची। शव के पास मिले कागजों के आधार पर ही शव की पहचान हुई। मृतक के सिर व चेहरे पर तेजधार हथियार के निशान मिले, जिनसे मृतक के सिर को पूरी तरह से खोखला किया गया था। मृतक की छाती और गले पर भी हल्के जले के निशान पाए गए हैं। देखने पर लगता है कि किसी ने हत्या के समय उसके शरीर पर सिगरेट बुझाई गई है। वहीं पुलिस इस मामले को सड़क एक्सीडेंट से जोड़कर देख रही है लेकिन फिलहाल परिजनों के बयान पर मर्डर का मामला दर्ज कर लिया गया है।
विज्ञापन
बच्चों को टूर पर ले जाने का था कार्यक्रम
2009 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए सुखबीर की करीब आठ साल पहले शादी हुई थी। अब उसके पास एक लड़का और एक लड़की दो छोटे बच्चों की जिम्मेवारी भी थी। जो हमेशा कहते थे कि पापा अब की बार आओगे तो कहीं बाहर घूमने चलेंगे लेकिन अब कुदरत को कुछ और ही मंजूर था कि दोनों बच्चों के सिर से उनके बाप का साया ही उठ गया।
विज्ञापन
परिवार के गुजर बसर का सहारा था सुखबीर
गांव खेड़ी आसरा निवासी मृतक सुखबीर परिवार के गुजर बसर का सहारा था। परिवार के पालन पोषण की पूरी जिम्मेवारी उसी के कंधों पर ही थी। सुखबीर के परिवार में पिता रोशनलाल, माता रमेश देवी, पत्नी, दो बच्चे, एक छोटा भाई संजीव और गीता व पिंकी दो बड़ी बहनें हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सुखबीर बेहद शरीफ और होनहार लड़का था। परिवार के हर प्रकार के लेनदेन की जिम्मेवारी भी वही संभलता था। इस घटनाक्रम के कारण पूरा परिवार बेहद ही सकते में है।
वर्जन
घटना को देखते हुए लग रहा है कि मामला दुर्घटना का है लेकिन परिवार के द्वारा हत्या की आशंका जताई गई है, जिसके चलते मर्डर का मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है, जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।
सुरेंद्र, एसएचओ, सदर थाना