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Jhajjar-Bahadurgarh News: सांग में उमड़ रही भीड़, सुनाया भगत पूर्ण मल का किस्सा
Sat, 08 Nov 2025 02:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sat, 08 Nov 2025 02:31 AM IST
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-फोटो 60 : कार्यक्रम में पहुंचे अतिथि। विज्ञप्ति
बहादुरगढ़। लाइनपार स्थित सूर्य कवि पंडित लखमीचंद धर्मशाला में शुक्रवार को पंडित लखमीचंद के पौत्र प्रसिद्ध सांगी पंडित विष्णुदत्त ने तीसरे दिन भगत पूर्णमल के किस्से को मंचित किया।
मार्केट कमेटी चेयरमैन विनोद कौशिक, वाईस चेयरमैन प्रदीप गुप्ता, मनोनीत पार्षद अमित कौशिक, भीम सिंह प्रणामी, राजबाला, मंडल अध्यक्ष महाबीर दलाल आदि को धर्मशाला समिति के संरक्षक पालेराम शर्मा, प्रधान प्रवीण व महासचिव सतीश ने शाल व स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया।
पंडित विष्णु दत्त ने बताया कि गुरु गोरखनाथ के वरदान से सियालकोट के राजा सुलेमान की पत्नी ने पूर्ण मल को जन्म दिया। बाद में पूर्णमल शादी से इंकार कर देता है और पिता से कहता है कि वह तपस्या करेगा। वह एक दिन अपनी मौसी नूणादे से मिलने महल में जाता है। रागिनी बेटे की सुण भाजी आई दस पंदरा डंग धरके रागिनी के माध्यम से दर्शकों का मन मोह लिया। पूर्णमल पर झूठा आरोप लगा देती है। राजा बेटे पूर्णमल की हत्या का आदेश देता है।
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जल्लाद पूर्णमल को अंधे कुंए में फेंककर चले आते हैं। कई वर्षों बाद गुरु गोरखनाथ ने कुंए से पूर्णमल को बाहर निकाला। पूर्णमल अपनी भक्ति, शक्ति व चरित्र की वजह से प्रसिद्ध हुए। मुख्य अतिथि विधानसभा संयोजक दिनेश कौशिक ने शिरकत की इस अवसर पर बलराम गौतम, हरिओम मुदगिल, हरिओम हरितश, रमेश शर्मा, मंजीत पाराशर, बिल्लू पंडित, मामनराम उपस्थित रहे।
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मार्केट कमेटी चेयरमैन विनोद कौशिक, वाईस चेयरमैन प्रदीप गुप्ता, मनोनीत पार्षद अमित कौशिक, भीम सिंह प्रणामी, राजबाला, मंडल अध्यक्ष महाबीर दलाल आदि को धर्मशाला समिति के संरक्षक पालेराम शर्मा, प्रधान प्रवीण व महासचिव सतीश ने शाल व स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया।
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पंडित विष्णु दत्त ने बताया कि गुरु गोरखनाथ के वरदान से सियालकोट के राजा सुलेमान की पत्नी ने पूर्ण मल को जन्म दिया। बाद में पूर्णमल शादी से इंकार कर देता है और पिता से कहता है कि वह तपस्या करेगा। वह एक दिन अपनी मौसी नूणादे से मिलने महल में जाता है। रागिनी बेटे की सुण भाजी आई दस पंदरा डंग धरके रागिनी के माध्यम से दर्शकों का मन मोह लिया। पूर्णमल पर झूठा आरोप लगा देती है। राजा बेटे पूर्णमल की हत्या का आदेश देता है।
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जल्लाद पूर्णमल को अंधे कुंए में फेंककर चले आते हैं। कई वर्षों बाद गुरु गोरखनाथ ने कुंए से पूर्णमल को बाहर निकाला। पूर्णमल अपनी भक्ति, शक्ति व चरित्र की वजह से प्रसिद्ध हुए। मुख्य अतिथि विधानसभा संयोजक दिनेश कौशिक ने शिरकत की इस अवसर पर बलराम गौतम, हरिओम मुदगिल, हरिओम हरितश, रमेश शर्मा, मंजीत पाराशर, बिल्लू पंडित, मामनराम उपस्थित रहे।