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प्रेमी से पति की हत्या करवाने वाली पत्नी को फांसी, प्रेमी को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
Updated Tue, 06 Dec 2016 01:32 AM IST
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court shimla
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरबीर सिंह दहिया की कोर्ट ने सोमवार को प्रेमी से पति की हत्या करवाने वाली पत्नी को फांसी की सजा सुनाई। वहीं हत्या करने वाले आरोपी सुरेंद्र को उम्रकैद के साथ पांच लाख रुपये का जुर्माना भी किया।
बहादुरगढ़ सदर थाने में दर्ज मामले के अनुसार गुभाना गांव निवासी पुष्पा ने अपने प्रेमी सुरेंद्र के साथ मिलकर अपने पति सुरेश की 8 अप्रैल 2013 को हत्या कर दी थी। दोषियों द्वारा अपने कबूलनामे सुरेंद्र के पुष्पा के साथ अवैध संबंध थे, जिनमें सुरेेश रोड़ा बन रहा था। इसलिए सुरेंद्र ने सुरेश को शराब पीने के लिए बुलाया। इसके बाद सुरेश को अधिक शराब पिलाकर सुरेंद्र ने उसका नशा होने तक इंतजार किया।
नशे में होने पर सुरेंद्र ने फरसा मारकर सुरेश की हत्या कर दी। हत्या को सड़क दुर्घटना दिखाने के लिए सुरेंद्र ने गुुभाना-माजरी रोड पर सुरेश के शव को छोड़ दिया। जब मामले का पता मृतक के भाई सूरजमल को लगा तो उसे शक हुआ और उसने सुरेंद्र और पुष्पा के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने तफ्तीश में मामला 120 बी और 302 का पाया।
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सुरेंद्र की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त फरसा भी बरामद कर लिया। कोर्ट में सरकारी वकील के साथ पीड़ित पक्ष का केस लड़ रहे अमर भान दलाल और विनीत बैनीवाल ने बहस के दौरान पक्ष रखा था कि अगर ऐसे ही एक महिला द्वारा किसी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की गई और उसे सख्त सजा नहीं मिली तो सामाजिक ताना-बाना खराब हो जाएगा।
इस पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरबीर सिंह दहिया की कोर्ट ने सोमवार को मामले में पुष्पा को फांसी की सजा सुनाते हुए कॉमेंट दिया कि अगर एक महिला द्वारा किसी दूसरे पुरुष के साथ मिलकर इस तरह का कदम उठाना बहुत ही जघन्य अपराध है। ऐसी घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए इस तरह की सजा जरूरी है। वहीं पुष्पा के प्रेमी सुरेंद्र को कोर्ट ने उम्रकैद के साथ पांच लाख रुपये जुर्माना भी किया।
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बहादुरगढ़ सदर थाने में दर्ज मामले के अनुसार गुभाना गांव निवासी पुष्पा ने अपने प्रेमी सुरेंद्र के साथ मिलकर अपने पति सुरेश की 8 अप्रैल 2013 को हत्या कर दी थी। दोषियों द्वारा अपने कबूलनामे सुरेंद्र के पुष्पा के साथ अवैध संबंध थे, जिनमें सुरेेश रोड़ा बन रहा था। इसलिए सुरेंद्र ने सुरेश को शराब पीने के लिए बुलाया। इसके बाद सुरेश को अधिक शराब पिलाकर सुरेंद्र ने उसका नशा होने तक इंतजार किया।
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नशे में होने पर सुरेंद्र ने फरसा मारकर सुरेश की हत्या कर दी। हत्या को सड़क दुर्घटना दिखाने के लिए सुरेंद्र ने गुुभाना-माजरी रोड पर सुरेश के शव को छोड़ दिया। जब मामले का पता मृतक के भाई सूरजमल को लगा तो उसे शक हुआ और उसने सुरेंद्र और पुष्पा के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने तफ्तीश में मामला 120 बी और 302 का पाया।
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सुरेंद्र की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त फरसा भी बरामद कर लिया। कोर्ट में सरकारी वकील के साथ पीड़ित पक्ष का केस लड़ रहे अमर भान दलाल और विनीत बैनीवाल ने बहस के दौरान पक्ष रखा था कि अगर ऐसे ही एक महिला द्वारा किसी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की गई और उसे सख्त सजा नहीं मिली तो सामाजिक ताना-बाना खराब हो जाएगा।
इस पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरबीर सिंह दहिया की कोर्ट ने सोमवार को मामले में पुष्पा को फांसी की सजा सुनाते हुए कॉमेंट दिया कि अगर एक महिला द्वारा किसी दूसरे पुरुष के साथ मिलकर इस तरह का कदम उठाना बहुत ही जघन्य अपराध है। ऐसी घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए इस तरह की सजा जरूरी है। वहीं पुष्पा के प्रेमी सुरेंद्र को कोर्ट ने उम्रकैद के साथ पांच लाख रुपये जुर्माना भी किया।