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बीज का सैंपल फेल आने पर जांच की दोबारा दी चुनौती, फेल, अदालत ने लगाया जुर्माना
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
Updated Sat, 28 May 2016 12:57 AM IST
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कीटनाशक का सैंपल फेल आने पर अदालत ने बीज भंडार व फर्म पर 10-10 हजार जुर्माना ठोंका हैं। खास बात यह रही कि सैंपल फेल आने के बाद फिर सैंपल को चुनौती दी गई थी, लेकिन दूसरी जांच में भी सैंपल फेल आने पर अदालत ने जुर्माना लगाया। अदालत के इस फैसले के बाद कीटनाशक तैयार करने वाली फैक्ट्रियों व दूसरे बीज भंडार संचालकों में हड़कंप है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2014 में कृषि विभाग की टीम ने पास के गांव हसनपुर के मैसर्ज सन्नी बीज भंडार से कीटनाशक का सैंपल लिया। यह उत्पाद बायर कॉप साइंस का था। विभाग ने इस प्रोडक्ट के सैंपल टेस्ट कराए तो यह फेल हो गए। जिला गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक बालमुकुंद कौशिक ने बताया कि कंपनी सैंपल रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं थी, लिहाजा केंद्रीय लैब से फिर से सैंपल टेस्ट कराए गए। इस दौरान भी सैंपल फेल आया, लिहाजा मामले के तथ्य अदालत के समक्ष रखे।
अदालत ने इस मामले में बीज भंडार संचालक और निर्माता कंपनी दोनों को ही दोषी मानते हुए 10-10 हजार रुपये जुर्माना किया। वहीं बीज भंडार संचालक का कहना है कि यह नामी कंपनी है, और उनकी ओर से बंद पैकिंग में कीटनाशक भेजा जा रहा था, लिहाजा उनको तकनीकी तौर पर यह नहीं पता था कि कीटनाशक में रसायनों का अनुपात कैसा है। लेकिन इसके बावजूद इस मामले में उनकी भी जिम्मेदारी बनती है। किसान उन्हीं के विश्वास पर बीज व कीटनाशक खरीदते हैं।
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जानकारी के अनुसार वर्ष 2014 में कृषि विभाग की टीम ने पास के गांव हसनपुर के मैसर्ज सन्नी बीज भंडार से कीटनाशक का सैंपल लिया। यह उत्पाद बायर कॉप साइंस का था। विभाग ने इस प्रोडक्ट के सैंपल टेस्ट कराए तो यह फेल हो गए। जिला गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक बालमुकुंद कौशिक ने बताया कि कंपनी सैंपल रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं थी, लिहाजा केंद्रीय लैब से फिर से सैंपल टेस्ट कराए गए। इस दौरान भी सैंपल फेल आया, लिहाजा मामले के तथ्य अदालत के समक्ष रखे।
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अदालत ने इस मामले में बीज भंडार संचालक और निर्माता कंपनी दोनों को ही दोषी मानते हुए 10-10 हजार रुपये जुर्माना किया। वहीं बीज भंडार संचालक का कहना है कि यह नामी कंपनी है, और उनकी ओर से बंद पैकिंग में कीटनाशक भेजा जा रहा था, लिहाजा उनको तकनीकी तौर पर यह नहीं पता था कि कीटनाशक में रसायनों का अनुपात कैसा है। लेकिन इसके बावजूद इस मामले में उनकी भी जिम्मेदारी बनती है। किसान उन्हीं के विश्वास पर बीज व कीटनाशक खरीदते हैं।
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