{"_id":"57d31a2f4f1c1b96793181c8","slug":"jhajjar-crash-parivedana-samiti-jhajjar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध कब्जे के मामले पर पूर्व विधायक राजौरा और कटारिया में तू-तू, मैं-मैं ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अवैध कब्जे के मामले पर पूर्व विधायक राजौरा और कटारिया में तू-तू, मैं-मैं
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
Updated Sat, 10 Sep 2016 01:53 AM IST
विज्ञापन
झगढ़ा
- फोटो : bureau
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंचायत भवन में हुई परिवेदना समिति की बैठक में शुक्रवार को अवैध कब्जे के मामले पर दो भाजपा नेता पूर्व विधायक दरियाव सिंह राजौरा और प्यारे लाल कटारिया भिड़ गए। विभिन्न पार्टियों की टिकट पर विस का चुनाव लड़ चुके प्यारेलाल कटारिया ने किसी अवैध कब्जे को लेकर शुक्रवार को परिवेदना समिति की बैठक बुलाई थी। नेता की मानें तो पिछली बैठक में इसी अवैध कब्जे को हटाने के संबंध में चर्चा भी हुई थी।
लेकिन जब इस पर कोई काम नहीं हुआ तो फिर से प्यारे लाल कटारिया ने इस अवैध कब्जे को लेकर अपनी शिकायत पर विचार करने की बात कही। जिसके बाद बैठक में मौजूद पूर्व विधायक दरियाव सिंह राजौरा काफी उग्र हो गए और उन्होंने रोष जाहिर करते हुए शिकायतकर्ता प्यारेलाल कटारिया को खूब खरी खोटी सुना डाली। इसी बात पर दोनों पक्ष में तू-तू, मैं-मैं होने लगी। मामला बढ़ता देख
बैठक में मौजूद लोक निर्माण मंत्री राव नरवीर ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
बैठक में झज्जर के नागरिक अस्पताल में आउट सोर्सिंग पर लगे कर्मचारी भी पिछले करीब दस माह से वेतन न मिलने पर अपनी नाराजगी जाहिर करने परिवेदना समिति की बैठक में पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी शिकायत मंत्री महोदय को सौंपी। कर्मचारियों ने कहा कि उन्होंने इससे पहले भी परिवेदना समिति की बैठक में मानदेय न मिलने को लेकर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। उस समय परिवेदना समिति की तत्कालीन अध्यक्ष व संसदीय सचिव सीमा त्रिखा ने अस्पताल प्रबंधन को जल्द से जल्द वेतन दिए जाने के आदेश भी दिए थे। लेकिन वह आदेश भी हवा में फुर्र हो गए। आउट सोर्सिंग पर लगे कर्मचारियों की बात सुनने के बाद मंत्री राव नरवीर सिंह ने जल्द से जल्द उनकी समस्या का समाधान होने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
उन्होंने बैठक में जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए एजेंडे में शामिल 16 परिवाद सुने और संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर समाधान के आदेश दिए। लोक निर्माण मंत्री से बुपनिया के ग्रामीण की शिकायत कि, उनके गांव में विभाग द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों में घटिया निर्माण सामग्री लगाई जा रही है। मंत्री ने शिकायत पर तुरंत संज्ञान लेते हुए विकास कार्य में उपयोग हुई और उपयोग हो रही निर्माण सामग्री के सैंपल भरने के आदेश दिए। साथ ही लैब से जांच करवाने को कहा। राव नरवीर ने कहा कि विकास कार्यों में जनता के धन का उपयोग होता है, इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बरतने वालों को माफ नहीं किया जाएगा। बैठक में नेहरू कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने मंत्री के समक्ष बहादुरगढ़ से झज्जर सड़क मार्ग पर सुबह 7 बजे से 9 बजे तक रोडवेज की बस न चलने की शिकायत की। उपायुक्त ने तुरंत जीएम रोडवेज को तलब करते हुए पूछा क्या बात है। जीएम रोडवेज ने कहा कि कल से बस चला देंगे। मंत्री ने छात्रों से समय पूछा किस-किस समय बस चाहिए। छात्रों ने सुबह आठ बजे बहादुरगढ़ से झज्जर और दो बजे झज्जर से बहादुरगढ़ सड़क मार्ग पर रोडवेज बस चलाने की बात कही। मंत्री ने जीएम रोडवेज को आदेश देते हुए कहा कि तुरंत बस सेवा शुरू करें, ताकि छात्रों को आवागमन में कोई परेशानी न हो। उपायुक्त ने जीएम रोडवेज को कल से ही छात्रों की मांग पर बस सेवा शुरू करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
लेकिन जब इस पर कोई काम नहीं हुआ तो फिर से प्यारे लाल कटारिया ने इस अवैध कब्जे को लेकर अपनी शिकायत पर विचार करने की बात कही। जिसके बाद बैठक में मौजूद पूर्व विधायक दरियाव सिंह राजौरा काफी उग्र हो गए और उन्होंने रोष जाहिर करते हुए शिकायतकर्ता प्यारेलाल कटारिया को खूब खरी खोटी सुना डाली। इसी बात पर दोनों पक्ष में तू-तू, मैं-मैं होने लगी। मामला बढ़ता देख
विज्ञापन
बैठक में मौजूद लोक निर्माण मंत्री राव नरवीर ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
बैठक में झज्जर के नागरिक अस्पताल में आउट सोर्सिंग पर लगे कर्मचारी भी पिछले करीब दस माह से वेतन न मिलने पर अपनी नाराजगी जाहिर करने परिवेदना समिति की बैठक में पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी शिकायत मंत्री महोदय को सौंपी। कर्मचारियों ने कहा कि उन्होंने इससे पहले भी परिवेदना समिति की बैठक में मानदेय न मिलने को लेकर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। उस समय परिवेदना समिति की तत्कालीन अध्यक्ष व संसदीय सचिव सीमा त्रिखा ने अस्पताल प्रबंधन को जल्द से जल्द वेतन दिए जाने के आदेश भी दिए थे। लेकिन वह आदेश भी हवा में फुर्र हो गए। आउट सोर्सिंग पर लगे कर्मचारियों की बात सुनने के बाद मंत्री राव नरवीर सिंह ने जल्द से जल्द उनकी समस्या का समाधान होने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
उन्होंने बैठक में जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए एजेंडे में शामिल 16 परिवाद सुने और संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर समाधान के आदेश दिए। लोक निर्माण मंत्री से बुपनिया के ग्रामीण की शिकायत कि, उनके गांव में विभाग द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों में घटिया निर्माण सामग्री लगाई जा रही है। मंत्री ने शिकायत पर तुरंत संज्ञान लेते हुए विकास कार्य में उपयोग हुई और उपयोग हो रही निर्माण सामग्री के सैंपल भरने के आदेश दिए। साथ ही लैब से जांच करवाने को कहा। राव नरवीर ने कहा कि विकास कार्यों में जनता के धन का उपयोग होता है, इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बरतने वालों को माफ नहीं किया जाएगा। बैठक में नेहरू कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने मंत्री के समक्ष बहादुरगढ़ से झज्जर सड़क मार्ग पर सुबह 7 बजे से 9 बजे तक रोडवेज की बस न चलने की शिकायत की। उपायुक्त ने तुरंत जीएम रोडवेज को तलब करते हुए पूछा क्या बात है। जीएम रोडवेज ने कहा कि कल से बस चला देंगे। मंत्री ने छात्रों से समय पूछा किस-किस समय बस चाहिए। छात्रों ने सुबह आठ बजे बहादुरगढ़ से झज्जर और दो बजे झज्जर से बहादुरगढ़ सड़क मार्ग पर रोडवेज बस चलाने की बात कही। मंत्री ने जीएम रोडवेज को आदेश देते हुए कहा कि तुरंत बस सेवा शुरू करें, ताकि छात्रों को आवागमन में कोई परेशानी न हो। उपायुक्त ने जीएम रोडवेज को कल से ही छात्रों की मांग पर बस सेवा शुरू करने के निर्देश दिए।