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झज्जर: स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गाजियाबाद में किया अंतर्राज्यीय भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़
Wed, 19 Oct 2022 10:33 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 19 Oct 2022 10:33 PM IST
सार
सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने जानकारी दी है। पुलिस ने मामला दर्ज किया है। एजेंट से पूछताछ में कई जिलों में सक्रिय लिंग जांच गिरोह के सदस्यों की पहचान होगी।
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अंतर्राज्यीय भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के संकल्प पर आगे बढ़ते हुए हरियाणा के झज्जर जिले की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में भ्रूण लिंग जांच अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह के एजेंट झज्जर के साथ-साथ रेवाड़ी, रोहतक व सोनीपत आदि जिलों में भी सक्रिय थे। इस कार्रवाई के दौरान रेवाड़ी से लिंग जांच के लिए पहुंचे एक दंपती की भी पहचान कर ली गई है। जिले के स्वास्थ्य विभाग की दो महीनों में लिंग जांच करने वालों के खिलाफ छठी कार्रवाई थी।
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सिविल सर्जन डॉ. ब्रहमदीप सिंह ने बताया कि उनके विभाग के इंटेलिजेंस नेटवर्क को जानकारी मिली कि एक व्यक्ति झज्जर के आसपास भ्रूण लिंग जांच करने की गतिविधियों में संलिप्त है। जिसके बाद पीसी पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. शैलेंद्र डोगरा, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. ममता वर्मा, एएमओ डॉ. रवि गोदारा, विभाग के अन्य कर्मियों व पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। इस टीम ने एक गर्भवती महिला को डिकोए के रूप में तैयार करते हुए संबंधित व्यक्ति से संपर्क किया। आरोपी ने 30 हजार रुपये में भ्रूण लिंग जांच करने का सौदा तय किया।
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सिविल सर्जन ने बताया कि आरोपी ने डिकोए को गाजियाबाद में बुलाया और वहां एक ऑटो में बिठा दिया। उस ऑटो में एक महिला पहले से बैठी हुई थी। ऑटो चालक आरोपी व दोनों महिलाओं को गाजियाबाद के बाहर भोपुरा गांव में डी-मार्ट के साथ एक सुनसान सड़क पर ले गया।
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इसी दौरान एक गाड़ी आती है और उसमें मौजूद चालक व एक अन्य व्यक्ति छोटी पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन लेकर आया। महिलाओं का गाड़ी में बिठाकर अल्ट्रासाउंड किया गया। चलती गाड़ी में अल्ट्रासाउंड करने के उपरांत डिकोए व दूसरी महिला को वापस ऑटो में बिठाकर गाजियाबाद बस स्टैंड भेज दिया गया।
डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने बताया कि गैंग का नेटवर्क बहुत तेज था जिसमें ऑटो चालक से लेकर फल विक्रेता आदि शामिल थे। अल्ट्रासाउंड के दौरान महिलाओं के मोबाइल फोन भी ले लिए गए थे। यहां तक की मोबाइल फोन के साइज की पोर्टेबल मशीन का इस्तेमाल किया गया था।
डिकोए के अल्ट्रासाउंड की जांच का रिजल्ट भी आरोपित ने केएमपी एक्सप्रेस वे पर आकर बताया। केएमपी पर सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आरोपी को धर दबोचा। आरोपी की पहचान प्रमोद के रूप में हुई और प्रमोद ने पूछताछ में खुलासा किया चार महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया गया था। पुलिस ने आरोपी से डिकोए से मिले 21500 रुपये भी बरामद किए। आरोपी के खिलाफ बादली पुलिस थाना में एफआईआर संख्या 338 दर्ज की गई है। इस मामले में अभी अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।
सिविल सर्जन के साथ पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. शैलेंद्र डोगरा व डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. ममता भी मौजूद रहे। बीते दो महीने के दौरान एमटीपी की एक व पीएनडीटी की छह सफल रेड की गई है। डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने इस उपलब्धि के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम की सराहना की है।