{"_id":"431e612022372b9e8f9e029d6687ee3f","slug":"fraud-13-lac-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पड़ोसी ने ही उड़ाए थे खाते से 13.50 लाख, दंपति समेत तीन पर केस ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पड़ोसी ने ही उड़ाए थे खाते से 13.50 लाख, दंपति समेत तीन पर केस
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
Updated Tue, 26 Jan 2016 01:38 AM IST
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गांव दुजाना के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 13.50 लाख रुपये पीड़ित
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के पड़ोसी ने ही उड़ाए थे। पुलिस ने सोमवार को बैंक में जाकर छानबीन की।
बाद में गांव दुजाना के ही मनोज, उसकी पत्नी और भाई के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया। मनोज ने हाल ही में गांव में सरपंची के लिए चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गया था। बैंक में एक उपभोक्ता के खाते में हुई इस गड़बड़ी के बाद हड़कंप है। सोमवार को बैंक खुलते ही अन्य ग्रामीण भी अपनी पासबुक अपडेट करने बैंक पहुंच गए।
दुजाना पुलिस चौकी के प्रभारी राजबीर सिंह लांबा ने सोमवार को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में जाकर 13.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में छानबीन की। बैंक अधिकारी से पूरा रिकार्ड लिया और उस खाते के बारे में सूचना जुटाई जिसमें कि लाखों रुपए ट्रांसफर हुए थे।
कागजातों की छानबीन में पता चला कि पीड़ित नरेश कुमार के खाते से नकदी उड़ाने वाला उसका पड़ोसी ही है। चौकी प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने गांव दुजाना के मनोज कुमार, उसकी पत्नी मनीषा व भाई विनोद के खिलाफ धोखाधड़ी व गबन के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है।
उन्होंने कहा कि मामले में बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। जांच जारी है, इसमें जो दोषी पाया जाएगा, कार्रवाई होगी। बताया गया है कि मनोज दुजाना में सरपंच के चुनाव में खड़ा था, लेकिन चौधर की लड़ाई में मात खा गया। अब धोखाधड़ी के मामले में पुलिस जांच के चक्कर में फंस गया है। चौकी प्रभारी ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
साढ़े 13 लाख रुपये की धोखाधड़ी के शिकार हुए गांव दुजाना निवासी नरेश उर्फ पप्पी ने आरेेप लगाया है कि मामले का रफा-दफा करने के लिए गांव के कुछ लोगों द्वारा उस पर दबाव डाला जा रहा है।
पिछले तीन दिनों से गांव के ही कुछ लोग उस पर जबरदस्ती मामले को वापस लेने और रफा-दफा करने के लिए दबाव बना रहे हंै, जबकि वह चाहते है कि मामले की सच्चाई सामने आए। दुजाना पुलिस ने भी शिकायतकर्ता नरेंश से सोमवार को उसके नमूना हस्ताक्षर लेकर मामले की छानबीन किए जाने की बात कही है।
सीबीआई की गांव दुजाना शाखा में गांव के नरेश कुमार पुत्र नुनी राम का खाता है। उसने 23 मार्च 2015 को अपने अकाउंट में 24 लाख रुपये जमा कराए थे। यह राशि उसकी पत्नी शीला को अपने मायके में जमीन की बिक्री के बाद हिस्से में मिली थी।
शीला का कोई बैंक खाता नहीं था और उसने यह राशि पति नरेश के खाते में डलवा दी। शनिवार को जब उसने अपने अकांउट की राशि की जांच की तो पता चला कि उसमें से 13.50 लाख रुपये कम है। इसके बाद तो दंपति के होश फाख्ता हो गए। दौड़े-दौड़े नरेश ने पुलिस चौकी दुजाना में शिकायत दर्ज करवाई थी।
सेंट्रल बैंक के मैनेजर अमर सिंह फुलिया ने बताया कि सोमवार को पुलिस बैंक में आई थी। जो भी रिकाॅर्ड मांगा, वो पुलिस को उपलब्ध करा दिया गया, जिसे पुलिस साथ ले गई। इस बीच बैंक के आरएम अजीत सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है।
कोई भी कर्मचारी या फिर बाहर का व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ बैंक भी मामला दर्ज कराएगा। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में उन्हें जो सूचना बैंक से मिली है, उसमे सामने यही आया है कि गांव का ही एक अन्य व्यक्ति जोकि शिकायतकर्ता का पड़ोसी भी है, उसने ही यह धोखाधड़ी की है।
खाते से लाखों रुपये कैसे उड़ाए गए, उसके लिए कौन सा तरीका इस्तेमाल किया गया। इसको लेकर पुलिस और बैंक प्रबंधन पूरी जानकारी जुटाने में लगा है।
बाद में गांव दुजाना के ही मनोज, उसकी पत्नी और भाई के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया। मनोज ने हाल ही में गांव में सरपंची के लिए चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गया था। बैंक में एक उपभोक्ता के खाते में हुई इस गड़बड़ी के बाद हड़कंप है। सोमवार को बैंक खुलते ही अन्य ग्रामीण भी अपनी पासबुक अपडेट करने बैंक पहुंच गए।
दुजाना पुलिस चौकी के प्रभारी राजबीर सिंह लांबा ने सोमवार को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में जाकर 13.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में छानबीन की। बैंक अधिकारी से पूरा रिकार्ड लिया और उस खाते के बारे में सूचना जुटाई जिसमें कि लाखों रुपए ट्रांसफर हुए थे।
कागजातों की छानबीन में पता चला कि पीड़ित नरेश कुमार के खाते से नकदी उड़ाने वाला उसका पड़ोसी ही है। चौकी प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने गांव दुजाना के मनोज कुमार, उसकी पत्नी मनीषा व भाई विनोद के खिलाफ धोखाधड़ी व गबन के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है।
उन्होंने कहा कि मामले में बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। जांच जारी है, इसमें जो दोषी पाया जाएगा, कार्रवाई होगी। बताया गया है कि मनोज दुजाना में सरपंच के चुनाव में खड़ा था, लेकिन चौधर की लड़ाई में मात खा गया। अब धोखाधड़ी के मामले में पुलिस जांच के चक्कर में फंस गया है। चौकी प्रभारी ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
साढ़े 13 लाख रुपये की धोखाधड़ी के शिकार हुए गांव दुजाना निवासी नरेश उर्फ पप्पी ने आरेेप लगाया है कि मामले का रफा-दफा करने के लिए गांव के कुछ लोगों द्वारा उस पर दबाव डाला जा रहा है।
पिछले तीन दिनों से गांव के ही कुछ लोग उस पर जबरदस्ती मामले को वापस लेने और रफा-दफा करने के लिए दबाव बना रहे हंै, जबकि वह चाहते है कि मामले की सच्चाई सामने आए। दुजाना पुलिस ने भी शिकायतकर्ता नरेंश से सोमवार को उसके नमूना हस्ताक्षर लेकर मामले की छानबीन किए जाने की बात कही है।
सीबीआई की गांव दुजाना शाखा में गांव के नरेश कुमार पुत्र नुनी राम का खाता है। उसने 23 मार्च 2015 को अपने अकाउंट में 24 लाख रुपये जमा कराए थे। यह राशि उसकी पत्नी शीला को अपने मायके में जमीन की बिक्री के बाद हिस्से में मिली थी।
शीला का कोई बैंक खाता नहीं था और उसने यह राशि पति नरेश के खाते में डलवा दी। शनिवार को जब उसने अपने अकांउट की राशि की जांच की तो पता चला कि उसमें से 13.50 लाख रुपये कम है। इसके बाद तो दंपति के होश फाख्ता हो गए। दौड़े-दौड़े नरेश ने पुलिस चौकी दुजाना में शिकायत दर्ज करवाई थी।
सेंट्रल बैंक के मैनेजर अमर सिंह फुलिया ने बताया कि सोमवार को पुलिस बैंक में आई थी। जो भी रिकाॅर्ड मांगा, वो पुलिस को उपलब्ध करा दिया गया, जिसे पुलिस साथ ले गई। इस बीच बैंक के आरएम अजीत सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है।
कोई भी कर्मचारी या फिर बाहर का व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ बैंक भी मामला दर्ज कराएगा। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में उन्हें जो सूचना बैंक से मिली है, उसमे सामने यही आया है कि गांव का ही एक अन्य व्यक्ति जोकि शिकायतकर्ता का पड़ोसी भी है, उसने ही यह धोखाधड़ी की है।
खाते से लाखों रुपये कैसे उड़ाए गए, उसके लिए कौन सा तरीका इस्तेमाल किया गया। इसको लेकर पुलिस और बैंक प्रबंधन पूरी जानकारी जुटाने में लगा है।