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मां बोली दादी ने पटक कर मार डाली बच्ची, दादी ने कहा - खिलाते वक्त हाथ से छूटी
ब्यूरो/अमर उजाला, बहादुरगढ़
Updated Wed, 28 Sep 2016 12:38 AM IST
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बच्ची के दफनाए हुए शव को निकलवाते हुए पुलिस अधिकारी।
- फोटो : bureau
थाना लाइनपार के अधीन रहस्यमयी हालत में घर में ही मौत का ग्रास बनी दो माह की बच्ची के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। बच्ची की मां की शिकायत पर पुलिस ने हत्या और शव को खुर्द-बुर्द करने के अलावा अन्य कई धाराओं के तहत परिवार के तीन सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज किया है। साथ में ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी और फोरेंसिक टीम की निगरानी में एक दिन पहले ही दफनाए गए शव को पुलिस अधिकारियों ने बाहर निकालकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की। बच्ची की मां का आरोप है कि दादी ने पोती को फर्श पर पटक और उसका गला दबाकर मार डाला। वहीं ससुरालियों का कहना है कि बच्ची को खिलाते समय दादी के हाथ से छूट गई और गंभीर रूप से घायल होने पर बाद में उसकी मौत हो गई।
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यहां की एक कॉलोनी में रहने वाले रवि की पत्नी मोनिका ने दो माह पहले ही बेटी को जन्मा था। मोनिका का आरोप है कि उसे शादी के बाद से ही किसी न किसी कारण से भी तंग किया जाता रहा। जब उसने बेटी को जन्म दिया तो उसके बाद से ही उसे पहले से ज्यादा तंग किया जाने लगा। क्योंकि वे बेटे की चाह रखते थे। मोनिका ने आरोप लगाया कि सोमवार को उसकी बेटी को उसकी सास लिए हुए थी। उसे फर्श पर पटकते हुए गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। यही नहीं बाद में पति, ससुर और अन्य परिवार के लोगों ने सलाह-मशविरा करते हुए उसके विरोध के बाद भी बच्ची के शव को दफना दिया। मोनिका ने अपने मायके के लोगों को इस पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया।
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इसके बाद मायके वाले बेटी की ससुराल पहुंचे। उन्होंने बच्ची की हत्या एक पूरी साजिश के तहत किए जाने के आरोप लगाते हुए कड़ा रोष जताया। बच्ची के नाना डॉ. हरकिशन, नानी सिकंदरा देवी, उसके मामा सोनू के अलावा परिवार के कई सदस्यों का कहना है कि जब दिशा ने जन्म लिया तो उसके बाद से ही परिवार के सदस्य मोनिका को पहले से ज्यादा तंग करने लगे थे। वे बेटे की चाह ज्यादा रखते थे, लेकिन घर में नई खुशी आने के बाद भी वे अपनी हरकतों से बाज नहीं आए और आखिरकार मासूम बच्ची की जान ले ली गई। यहां तक कि मोनिका को भी इसके बारे में कुछ नहीं बताया, बल्कि उसे गुमराह करते रहे।
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उधर, इस मामले में बच्ची की दादी और बच्ची के पिता के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों ने कहा कि बच्ची को किसी ने नहीं मारा, बल्कि खिलाते समय दादी के हाथ से बच्ची अचानक छूट गई और नीचे गिर गई। उसे तुरंत इलाज के लिए भी ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। हत्या किए जाने के आरोप बेबुनियाद हैं।
मजिस्ट्रेट और डाक्टर की मौजूदगी में निकाला शव
बच्ची की हत्या किए जाने, चुपचाप शव दबाने को लेकर जब मामला पुलिस स्टेशन तक पहुंचा तो पुलिस ने श्मशान घाट में दफनाए गए शव को बाहर निकाला। यहां पूरी फोटोग्राफी भी हुई। ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार मातूराम और नागरिक अस्पताल के डॉ. संजीव कुक्कल की मौजूदगी और फोरेंसिक टीम की निगरानी में कार्रवाई की गई। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल में भिजवाया गया, लेकिन बाद में यहां से रोहतक पीजीआई भेज दिया।
यह बोले जांच अधिकारी
बच्ची की मौत के मामले में उसके ही परिवार के तीन सदस्यों के खिलाफ हत्या, शव को खुर्द-बुर्द करने के अलावा अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। फिलहाल किसी की कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। फर्श पर पटकने, गला दबाकर मारने का आरोप लगाया है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आता है, उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
-महाबीर सिंह, उप निरीक्षक जांच अधिकारी थाना लाइनपार।