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एससीएसटी एक्ट में बदलाव को लेकर दलित समुदाय उतरा सड़कों पर
Updated Sat, 31 Mar 2018 02:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
एससी-एसटी एक्ट में किए गए बदलाव को लेकर लगातार दलित समुदाय के लोगों में रोष बना हुआ है। इस फैसले के बाद से दलित समुदाय के लोग पूरे प्रदेश में प्रदर्शन कर रहा है। मौजूदा सरकार का हितैषी कहा जाने वाला दलित समाज इस फैसले के बाद सरकार बिल्कुल निराश दिखाई दे रहा है।
समाज के लोगों ने महिलाओं सहित शुक्रवार को शहर की सड़कों पर अपने हाथों में काले झंडे लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करते हुए समाज के लोग झज्जर के लघु सचिवालय के बाहर पहुंचे। यहां भी उन्होंने जमकर नारेबाजी करते हुए सरकार विरोधी नारे लगाए। बाद में इन सभी ने भारत के प्रधानमंत्री के नाम जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। दलित समाज के इस प्रदर्शन में शहर के सफाई कर्मचारियों ने भी खुलकर समर्थन दिया। उन्होंने मांगें न माने जाने की सूरत में दो अप्रैल को सफाई न करने की चेतावनी भी दी।
दलित समाज से जुड़े लोगों ने कहा कि सरकार से जिस हस्तक्षेप की उम्मीद थी, सरकार दूर दूर तक इस फैसले के बाद दलितों के साथ खड़ी नजर नहीं आई। समाज के ही मनीष सुरलिया का कहना था कि वर्षों पुराने इस एक्ट को खत्म करने से उन पर अत्याचार और ज्यादा बढे़ंगे और वह खुली हवा में सांस तक नही ले पाऐेंगे। ऐसे में सरकार को तुरंत प्रभाव इस फैसले में हस्तक्षेप करते हुए वापस कराना चाहिए। अन्यथा दलित समाज जल्द बड़ा आंदोलन करेगा। प्रदर्शनकारियों ने आगामी चुनाव में खुलकर बीजेपी का विरोध करने व बहिष्कार करने की भी चेतावनी दी। इस मौके पर मनीष, अंजीत कबलाना, मिंटू, चीनू, राहुल किरार, राजेश सहित तमाम पदाधिकारी व समाज के लोग एकत्रित रहे।
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झज्जर।
एससी-एसटी एक्ट में किए गए बदलाव को लेकर लगातार दलित समुदाय के लोगों में रोष बना हुआ है। इस फैसले के बाद से दलित समुदाय के लोग पूरे प्रदेश में प्रदर्शन कर रहा है। मौजूदा सरकार का हितैषी कहा जाने वाला दलित समाज इस फैसले के बाद सरकार बिल्कुल निराश दिखाई दे रहा है।
समाज के लोगों ने महिलाओं सहित शुक्रवार को शहर की सड़कों पर अपने हाथों में काले झंडे लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करते हुए समाज के लोग झज्जर के लघु सचिवालय के बाहर पहुंचे। यहां भी उन्होंने जमकर नारेबाजी करते हुए सरकार विरोधी नारे लगाए। बाद में इन सभी ने भारत के प्रधानमंत्री के नाम जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। दलित समाज के इस प्रदर्शन में शहर के सफाई कर्मचारियों ने भी खुलकर समर्थन दिया। उन्होंने मांगें न माने जाने की सूरत में दो अप्रैल को सफाई न करने की चेतावनी भी दी।
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दलित समाज से जुड़े लोगों ने कहा कि सरकार से जिस हस्तक्षेप की उम्मीद थी, सरकार दूर दूर तक इस फैसले के बाद दलितों के साथ खड़ी नजर नहीं आई। समाज के ही मनीष सुरलिया का कहना था कि वर्षों पुराने इस एक्ट को खत्म करने से उन पर अत्याचार और ज्यादा बढे़ंगे और वह खुली हवा में सांस तक नही ले पाऐेंगे। ऐसे में सरकार को तुरंत प्रभाव इस फैसले में हस्तक्षेप करते हुए वापस कराना चाहिए। अन्यथा दलित समाज जल्द बड़ा आंदोलन करेगा। प्रदर्शनकारियों ने आगामी चुनाव में खुलकर बीजेपी का विरोध करने व बहिष्कार करने की भी चेतावनी दी। इस मौके पर मनीष, अंजीत कबलाना, मिंटू, चीनू, राहुल किरार, राजेश सहित तमाम पदाधिकारी व समाज के लोग एकत्रित रहे।
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