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साढ़े 19 लाख के लेनदेन पर महिला सरपंच के घर में घुसकर की फायरिंग, पति बाल-बाल बचा
Updated Wed, 21 Nov 2018 01:15 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। करीब साढ़े 19 लाख के लेन-देन पर फतेहगढ़ महिला सरपंच के घर में घुसकर फायरिंग करने का मामला प्रकाश में आया है। घटना में सरपंच प्रतिनिधि बाल-बाल बच गया। मामले की शिकायत सदर पुलिस को सौंपी गई। इसके आधार पर पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने इस संबंध में एक नंबरदार सहित दो पर केस दर्ज किया है। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
पुलिस को दी शिकायत में सरपंच प्रतिनिधि नरेंद्र डुडी ने बताया कि 18 नवंबर की रात करीब पौने 11 बजे वह घर में सो रहा था। इसी दौरान उनके घर का किसी ने मेन गेट खटखटाया। आवाज सुनकर वह गेट खोलने पहुंचा तो उसने देखा कि बाहर गाड़ी में इमलोटा निवासी एक नंबरदार बैठा हुआ था। जब उसने गेट खटखटाने का कारण पूछा तो अचानक पीछे से उस पर किसी ने गोली चला दी। सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि फायरिंग में वह बच गया और गोली पड़ोसियों की दीवार में जा घुसी। नरेंद्र ने बताया कि फायरिंग के दौरान ही एक युवक दीवार फांदकर घर के अंदर घुसा, जब उसने मुड़कर पीछे देखा तो उस उक्त वह हाथ में हथियार लिए था। वह कुछ समझ पाता इससे पहले ही युवक ने उस पर एक और फायर कर दिया। गनीमत यह रही कि यह गोली भी उसे नहीं लगी।
इसी दौरान फायरिंग सुनकर सरपंच एवं उसकी पत्नी सुमन और अन्य परिजन भी वहां पहुंच गए। इस पर आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। वहीं, आरोपियों के जाने के बाद मामले की सूचना सदर थाना पुलिस को दी गई। इसके तुरंत बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच की। इस दौरान पुलिस को वहां से एक कारतूस भी बरामद हुआ। सदर थाना पुलिस ने इसके तुरंत बाद फिंगर प्रिंट और एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया। दोनों टीमों न मौके से सबूत जुटाने का प्रयास भी किया। इसके बाद सरपंच प्रतिनिधि ने मामले की लिखित शिकायत सदर थाना पुलिस को सौंपी जिसके आधार पर पुलिस ने गांव निवासी आशीष और संजय नंबरदार पर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया।
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पार्टनरशिप में लिए डंपरों पर चल रहा था विवाद
सरपंच प्रतिनिधि नरेंद्र डुडी ने बताया कि करीब साढ़े तीन साल पहले उसने गांव निवासी आशीष के साथ पार्टनरशिप में पांच डंपर लिए थे। ये डंपर एक-एक कर लिए गए थे। सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि सभी डंपर उसने आशीष के नाम निकलवाए थे। पार्टनरशिप खत्म करने की बात कहते हुए उसने आशीष से अपने करीब साढ़े 19 लाख रुपये वापस मांगे थे लेकिन आशीष ने देने से इंकार कर दिया था। सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि करीब छह माह पहले भी उसे जान से मारने की धमकी दी गई थी। सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि करीब साढ़े छह माह पहले गली में खड़ी उसकी गाड़ी भी अज्ञात व्यक्ति ने तोड़ दी थी। उसने इसकी शिकायत सदर थाना पुलिस को दी थी और इस संबंध में अज्ञात पर केस दर्ज किया गया था। अब तक आरोपी का पता नहीं लग पाया है।
वर्जन::
सरपंच प्रतिनिधि की शिकायत पर पुलिस ने संजय नंबरदार और आशीष के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को मौके से एक कारतूस भी बरामद हुआ है। जगराम, सदर थाना प्रभारी
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चरखी दादरी। करीब साढ़े 19 लाख के लेन-देन पर फतेहगढ़ महिला सरपंच के घर में घुसकर फायरिंग करने का मामला प्रकाश में आया है। घटना में सरपंच प्रतिनिधि बाल-बाल बच गया। मामले की शिकायत सदर पुलिस को सौंपी गई। इसके आधार पर पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने इस संबंध में एक नंबरदार सहित दो पर केस दर्ज किया है। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
पुलिस को दी शिकायत में सरपंच प्रतिनिधि नरेंद्र डुडी ने बताया कि 18 नवंबर की रात करीब पौने 11 बजे वह घर में सो रहा था। इसी दौरान उनके घर का किसी ने मेन गेट खटखटाया। आवाज सुनकर वह गेट खोलने पहुंचा तो उसने देखा कि बाहर गाड़ी में इमलोटा निवासी एक नंबरदार बैठा हुआ था। जब उसने गेट खटखटाने का कारण पूछा तो अचानक पीछे से उस पर किसी ने गोली चला दी। सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि फायरिंग में वह बच गया और गोली पड़ोसियों की दीवार में जा घुसी। नरेंद्र ने बताया कि फायरिंग के दौरान ही एक युवक दीवार फांदकर घर के अंदर घुसा, जब उसने मुड़कर पीछे देखा तो उस उक्त वह हाथ में हथियार लिए था। वह कुछ समझ पाता इससे पहले ही युवक ने उस पर एक और फायर कर दिया। गनीमत यह रही कि यह गोली भी उसे नहीं लगी।
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इसी दौरान फायरिंग सुनकर सरपंच एवं उसकी पत्नी सुमन और अन्य परिजन भी वहां पहुंच गए। इस पर आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। वहीं, आरोपियों के जाने के बाद मामले की सूचना सदर थाना पुलिस को दी गई। इसके तुरंत बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच की। इस दौरान पुलिस को वहां से एक कारतूस भी बरामद हुआ। सदर थाना पुलिस ने इसके तुरंत बाद फिंगर प्रिंट और एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया। दोनों टीमों न मौके से सबूत जुटाने का प्रयास भी किया। इसके बाद सरपंच प्रतिनिधि ने मामले की लिखित शिकायत सदर थाना पुलिस को सौंपी जिसके आधार पर पुलिस ने गांव निवासी आशीष और संजय नंबरदार पर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया।
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पार्टनरशिप में लिए डंपरों पर चल रहा था विवाद
सरपंच प्रतिनिधि नरेंद्र डुडी ने बताया कि करीब साढ़े तीन साल पहले उसने गांव निवासी आशीष के साथ पार्टनरशिप में पांच डंपर लिए थे। ये डंपर एक-एक कर लिए गए थे। सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि सभी डंपर उसने आशीष के नाम निकलवाए थे। पार्टनरशिप खत्म करने की बात कहते हुए उसने आशीष से अपने करीब साढ़े 19 लाख रुपये वापस मांगे थे लेकिन आशीष ने देने से इंकार कर दिया था। सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि करीब छह माह पहले भी उसे जान से मारने की धमकी दी गई थी। सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि करीब साढ़े छह माह पहले गली में खड़ी उसकी गाड़ी भी अज्ञात व्यक्ति ने तोड़ दी थी। उसने इसकी शिकायत सदर थाना पुलिस को दी थी और इस संबंध में अज्ञात पर केस दर्ज किया गया था। अब तक आरोपी का पता नहीं लग पाया है।
वर्जन::
सरपंच प्रतिनिधि की शिकायत पर पुलिस ने संजय नंबरदार और आशीष के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को मौके से एक कारतूस भी बरामद हुआ है। जगराम, सदर थाना प्रभारी