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Mathura News: कारीगर से कारोबारी बनने के लिए चुनी अपराध की राह
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मथुरा। कोसीकलां में जुगल किशोर अमित कुमार ज्वैलर्स से करोड़ों की चोरी करने वाला मुख्य आरोपी विष्णु उर्फ पप्पू सोनी कारीगर से कारोबारी बनने के लिए अपराध की राह पर चल पड़ा।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी अपने भाई के साथ मिलकर अन्य सराफा कारोबारियों से भी ढलाई के लिए सोना-चांदी के आभूषण लेता था। ढलाई के दौरान बचने वाले सोने-चांदी के एक हिस्से को वह हड़प लेता था और बाकी माल व्यापारियों को वापस कर देता था। व्यापारी जब शिकायत करते तो आरोपी उन्हें टालमटोल कर बाद में माल लौटाने का भरोसा देता था। व्यापारी ऋषभ के यहां से आरोपी करीब 15 किलो चांदी ढलाई के लिए लेकर गया था। इसमें से करीब 10 किलो चांदी वापस कर दी थी, जबकि पांच किलो चांदी वापस नहीं की। व्यापारी ने कई बार अपने माल के संबंध में शिकायत की, लेकिन आरोपी हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर उसे टालता रहा। इसी तरह व्यापारी राहुल वर्मा के साथ भी आरोपी ने धोखाधड़ी की।
राहुल के यहां से भी विष्णु सोने-चांदी के आभूषण ढलाई के लिए ले गया। ढलाई के बाद तैयार ईंट या सिल व्यापारियों को लौटा दी, लेकिन उसका वजन दिए गए माल की तुलना में कम था। वजन में अंतर को लेकर व्यापारी ने आपत्ति जताई तो आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। लगातार शिकायतों और माल में वजन की गड़बड़ी के बाद व्यापारियों ने विष्णु को सोना-चांदी देना बंद कर दिया। इसके बाद उसने कारीगरी के बजाय सीधे बड़ा कारोबार खड़ा करने की योजना बनाई। जुगल किशोर अमित कुमार ज्वैलर्स में पहले काम करने के कारण उसे शोरूम की अंदरूनी व्यवस्था, सुरक्षा और लॉकर आदि की जानकारी थी। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने अपने भाई के साथ मिलकर करीब 12 करोड़ रुपये के आभूषण चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
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पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी अपने भाई के साथ मिलकर अन्य सराफा कारोबारियों से भी ढलाई के लिए सोना-चांदी के आभूषण लेता था। ढलाई के दौरान बचने वाले सोने-चांदी के एक हिस्से को वह हड़प लेता था और बाकी माल व्यापारियों को वापस कर देता था। व्यापारी जब शिकायत करते तो आरोपी उन्हें टालमटोल कर बाद में माल लौटाने का भरोसा देता था। व्यापारी ऋषभ के यहां से आरोपी करीब 15 किलो चांदी ढलाई के लिए लेकर गया था। इसमें से करीब 10 किलो चांदी वापस कर दी थी, जबकि पांच किलो चांदी वापस नहीं की। व्यापारी ने कई बार अपने माल के संबंध में शिकायत की, लेकिन आरोपी हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर उसे टालता रहा। इसी तरह व्यापारी राहुल वर्मा के साथ भी आरोपी ने धोखाधड़ी की।
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राहुल के यहां से भी विष्णु सोने-चांदी के आभूषण ढलाई के लिए ले गया। ढलाई के बाद तैयार ईंट या सिल व्यापारियों को लौटा दी, लेकिन उसका वजन दिए गए माल की तुलना में कम था। वजन में अंतर को लेकर व्यापारी ने आपत्ति जताई तो आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। लगातार शिकायतों और माल में वजन की गड़बड़ी के बाद व्यापारियों ने विष्णु को सोना-चांदी देना बंद कर दिया। इसके बाद उसने कारीगरी के बजाय सीधे बड़ा कारोबार खड़ा करने की योजना बनाई। जुगल किशोर अमित कुमार ज्वैलर्स में पहले काम करने के कारण उसे शोरूम की अंदरूनी व्यवस्था, सुरक्षा और लॉकर आदि की जानकारी थी। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने अपने भाई के साथ मिलकर करीब 12 करोड़ रुपये के आभूषण चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
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