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पीएमआर में खुलासा: दोनों मृतकों को सटा कर मारी गई है गोली
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। पुलिस मुठभेड़ में मरे नीमली गांव के दोनों युवकों के शवों का पोस्टमार्टम बोर्ड द्वारा किया गया। इसमें खुलासा हुआ है कि दोनों मृतकों को गोली सटाकर मारी गई है। ऐसे में संभव है कि दोनों ने खुद को ही गोली मार ली हो लेकिन परिजनों को पुलिस की यह कहानी हजम नहीं हो रही। क्योंकि दोनों हार्डकोर क्रिमिनल नहीं थे कि इतना बड़ा कदम उठाते। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि दोनों को केवल एक-एक गोली ही लगी है। सचिन के छाती में तथा साहिल के माथे में गोली लगने से मौत हुई है। वहीं सचिन के शव में ही गोली मिली है तथा साहिल के गोली आर-पार हो गई थी। वहीं पुलिस जांच में सामने आया है कि जब साहिल व सचिन कार लेकर माजरा पहुंचे तो उनके पास तेल के भी पैसे नहीं थे। उन्होंने माजरा निवासी अनुज से तेल के लिए 500 रुपये लिए थे। वहीं क्विड कार से पकड़े गए तीनों आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया है कि साहिल व सचिन ने कार की टक्कर होते ही कहा था कि पुलिस की गोली से नहीं मरना। गमले के पास कार फंसने के बाद पुलिस से घिरे तो दोनों ने खुद को गोली मार ली थी।
तीनों की दिखाई गिरफ्तारी
पुलिस ने क्विड कार से काबू किए गए तीनों युवकों की गिरफ्तारी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर खबर प्रकाशित होने के बाद दिखा दी है, पहले पुलिस ऐसी गिरफ्तारी से इनकार कर रही थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों की पहचान
भिवानी जिले के नीमड़ी गांव निवासी दीपक पुत्र सतबीर सिंह, दादरी जिले के मालपोष गांव निवासी नरबीर पुुत्र अनार सिंह तथा माजरा गांव निवासी अनुज पुत्र बलजीत के तौर पर हुई है।
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पांचों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
बेरी थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 353, 186, 307, 511, 309 तथा आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज किया है। तीनों को बेरी थाना पुलिस ने बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से पूछताछ के लिए दो दिन के रिमांड पर लिया गया है।
दो दिन से साथ मालपोष का नरबीर
मालपोष गांव निवासी नरबीर, सचिन व साहिल के साथ दो दिन से घूम रहा था। सीआईए की टीम ने रेड मारी तो आरोपी नरबीर क्विड में ही सवार था। जिसके पास से पुलिस ने देसी कट्टा बरामद किया। बेरी थाना पुलिस ने तीन देसी कट्टे बरामद किए हैं।
डीसी से मिले मृतकों के परिजन
बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाए जाने की मांग को लेकर दोनों मृतकों के परिजन बुधवार सुबह डीसी संजय जून से मिलने पहुंचे। जहां से उन्हें आश्वासन दिया गया कि बोर्ड से ही पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पोस्टमार्टम होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। शव लेकर परिजन देर शाम करीब साढे़ चार बजे गांव के लिए रवाना हुए। वहीं परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने दोनों को गोली मारकर शव कार में रखे थे। टक्कर मारकर मंदिर तक कैमरे के लिए ले जाया गया है ताकि पुलिस मामले में बचकर साफ निकल जाए।
आरोपियों के खिलाफ 353, 186, 307, 511, 309 तथा आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। आरोपी नरबीर व दोनों मृतकों के पास तीन 315 बोर के देसी कट्टे बरामद किए गए हैं। आरोपियों ने बताया कि साहिल व सचिन कह रहे थे कि पुलिस की गोली से नहीं मरना, इसलिए खुद ही गोली मार ली।
नरसिंह, थाना प्रभारी, बेरी।
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झज्जर। पुलिस मुठभेड़ में मरे नीमली गांव के दोनों युवकों के शवों का पोस्टमार्टम बोर्ड द्वारा किया गया। इसमें खुलासा हुआ है कि दोनों मृतकों को गोली सटाकर मारी गई है। ऐसे में संभव है कि दोनों ने खुद को ही गोली मार ली हो लेकिन परिजनों को पुलिस की यह कहानी हजम नहीं हो रही। क्योंकि दोनों हार्डकोर क्रिमिनल नहीं थे कि इतना बड़ा कदम उठाते। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि दोनों को केवल एक-एक गोली ही लगी है। सचिन के छाती में तथा साहिल के माथे में गोली लगने से मौत हुई है। वहीं सचिन के शव में ही गोली मिली है तथा साहिल के गोली आर-पार हो गई थी। वहीं पुलिस जांच में सामने आया है कि जब साहिल व सचिन कार लेकर माजरा पहुंचे तो उनके पास तेल के भी पैसे नहीं थे। उन्होंने माजरा निवासी अनुज से तेल के लिए 500 रुपये लिए थे। वहीं क्विड कार से पकड़े गए तीनों आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया है कि साहिल व सचिन ने कार की टक्कर होते ही कहा था कि पुलिस की गोली से नहीं मरना। गमले के पास कार फंसने के बाद पुलिस से घिरे तो दोनों ने खुद को गोली मार ली थी।
तीनों की दिखाई गिरफ्तारी
पुलिस ने क्विड कार से काबू किए गए तीनों युवकों की गिरफ्तारी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर खबर प्रकाशित होने के बाद दिखा दी है, पहले पुलिस ऐसी गिरफ्तारी से इनकार कर रही थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों की पहचान
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भिवानी जिले के नीमड़ी गांव निवासी दीपक पुत्र सतबीर सिंह, दादरी जिले के मालपोष गांव निवासी नरबीर पुुत्र अनार सिंह तथा माजरा गांव निवासी अनुज पुत्र बलजीत के तौर पर हुई है।
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पांचों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
बेरी थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 353, 186, 307, 511, 309 तथा आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज किया है। तीनों को बेरी थाना पुलिस ने बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से पूछताछ के लिए दो दिन के रिमांड पर लिया गया है।
दो दिन से साथ मालपोष का नरबीर
मालपोष गांव निवासी नरबीर, सचिन व साहिल के साथ दो दिन से घूम रहा था। सीआईए की टीम ने रेड मारी तो आरोपी नरबीर क्विड में ही सवार था। जिसके पास से पुलिस ने देसी कट्टा बरामद किया। बेरी थाना पुलिस ने तीन देसी कट्टे बरामद किए हैं।
डीसी से मिले मृतकों के परिजन
बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाए जाने की मांग को लेकर दोनों मृतकों के परिजन बुधवार सुबह डीसी संजय जून से मिलने पहुंचे। जहां से उन्हें आश्वासन दिया गया कि बोर्ड से ही पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पोस्टमार्टम होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। शव लेकर परिजन देर शाम करीब साढे़ चार बजे गांव के लिए रवाना हुए। वहीं परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने दोनों को गोली मारकर शव कार में रखे थे। टक्कर मारकर मंदिर तक कैमरे के लिए ले जाया गया है ताकि पुलिस मामले में बचकर साफ निकल जाए।
आरोपियों के खिलाफ 353, 186, 307, 511, 309 तथा आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। आरोपी नरबीर व दोनों मृतकों के पास तीन 315 बोर के देसी कट्टे बरामद किए गए हैं। आरोपियों ने बताया कि साहिल व सचिन कह रहे थे कि पुलिस की गोली से नहीं मरना, इसलिए खुद ही गोली मार ली।
नरसिंह, थाना प्रभारी, बेरी।