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पाटौदा में जुर्माना किए जाने पर राजपूत समाज हुआ एकजुट
Updated Fri, 16 Feb 2018 01:29 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
गांव पाटौदा के खेल स्टेडियम में लगी राव तुलाराम की प्रतिमा तोड़ने के मामले को लेकर बुधवार को गांव में ही हुई एक पंचायत में राजपूत समाज के हर घर पर एक-एक रुपया जुर्माने के रूप में अदायगी करने का मामला तूल पकड़ने लगा है। इस मामले में जहां जिला यादव सभा ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए इस फैसले पर पुनर्विचार करने की गुहार पंचायत में शामिल 11 सदस्यीय कमेटी से लगाई है। वहीं, मामले में राजपूत समाज के लोगों ने भी एकत्रित होकर न सिर्फ फैसले का बहिष्कार किया है। बल्कि यह भी चेतावनी दी है कि तुगलकी फरमान के इस फैसले को यदि वापस नहीं लिया तो राजपूत समाज अदालत का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होगा।
कुलाना में लिया यह फैसला
गांव कुलाना चौक पर राजपूत समाज के लोगों ने एक बैठक का आयोजन कर न सिर्फ इस फैसले का बहिष्कार किया, बल्कि चेतावनी भी दी कि यदि इस फैसले को वापस नहीं लिया तो राजपूत समाज मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाएगा। बैठक की अध्यक्षता पूर्व सरपंच धर्मपाल ने की। जबकि बैठक में मोहन पाटौदा, सुरेश लुहारी, अमादलपुर के पूर्व सरपंच बेनामी, अमादलपुर के सरपंच बिट्टू, पाटौदा सरपंच प्रतिनिधि बिट्टू, जितेंद्र बराणी व गिजडौद से चेयरमैन रणबीर ने शिरकत की।
जिला यादव सभा ने भी जताई नाराजगी
राजपूत समाज के हर घर पर एक-एक रुपया जुर्माना करने के फैसले पर जिला यादव सभा ने वीरवार को एक बैठक बुलाकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। जिला प्रधान राव धर्मपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता राव उदयभान, विरेंद्र दरोगा, राव दलपत, एडवोकेट बलजीत, पार्षद हरीष, विकास सरपंच, सतीश यादव, रमेश यादव, रण सिंह भिंडावास ने शिरकत की। बैठक में सभी ने एकमत से गांव पाटौदा के यादव समाज व खासकर पंचायत में शामिल रही 11 सदस्यीय कमेटी से अनुरोध किया कि वह इस फैसले पर पुनर्विचार करे। ताकि राजपूत समाज व यादव समाज के बीच चला आ रहा सालों पुराना भाईचारा कायम रह सके।
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अब बोलने से बच रहे यादव समुदाय के लोग
राजपूत समुदाय पर जुर्माना किए जाने के बाद से यादव समाज के लोग मामले पर टिप्पणी करने से बच रहे हैं। समाज के प्रमुख बीर सिंह यादव व अजय पाटौदा से इस बारे में बात करने का प्रयास किया तो दोनों ने ही फोन नहीं उठाया।
यह था मामला
बता दें कि पिछले माह की 26 तारीख को गांव पाटौदा के खेल स्टेडियम में लगी राव तुलाराम की प्रतिमा को खंडित किया गया था। इस मामले में भाईचारा खराब न हो इसी के चलते राजपूत समाज के लोगों ने गांव के जो युवा इस मामले में दोषी थे उन्हें पुलिस को सुपुर्द कर दिया था। बाद में इन आरोपित युवाओं को पुलिस ने अदालत में पेश किया था जिन्हें जेल भेज दिया गया है। लेकिन यादव समाज ने आशंका जताई थी कि मामले में दो नहीं बल्कि कई लोग शामिल हैं। उन सभी की गिरफ्तारी के लिए रविवार को क्षेत्र के एक दर्जन गांवों की पंचायत भी बुलाई गई थी, जिसमें जिला पुलिस प्रशासन को तीन दिनों में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी करने की चेतावनी दी थी। लेकिन यह अवधि पूरी हो पाती इससे पूर्व ही बुधवार को गांव के लोगों ने एक बार फिर से पंचायत बुलाई। हालांकि बुधवार को हुई पंचायत में राजपूत समाज के लोगों ने घटना को लेकर दुख भी जताया था और कहा था कि अदालत इस मामले में जो भी फैसला देगी वह समाज को मान्य होगा। लेकिन इनके बावजूद भी पंचायत में ही एक 11 सदस्यीय कमेटी का गठन कर राजपूत समाज के हर घर पर एक-एक रुपया जुर्माना भरने का तुगलकी फरमान सुना दिया था।
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झज्जर।
गांव पाटौदा के खेल स्टेडियम में लगी राव तुलाराम की प्रतिमा तोड़ने के मामले को लेकर बुधवार को गांव में ही हुई एक पंचायत में राजपूत समाज के हर घर पर एक-एक रुपया जुर्माने के रूप में अदायगी करने का मामला तूल पकड़ने लगा है। इस मामले में जहां जिला यादव सभा ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए इस फैसले पर पुनर्विचार करने की गुहार पंचायत में शामिल 11 सदस्यीय कमेटी से लगाई है। वहीं, मामले में राजपूत समाज के लोगों ने भी एकत्रित होकर न सिर्फ फैसले का बहिष्कार किया है। बल्कि यह भी चेतावनी दी है कि तुगलकी फरमान के इस फैसले को यदि वापस नहीं लिया तो राजपूत समाज अदालत का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होगा।
कुलाना में लिया यह फैसला
गांव कुलाना चौक पर राजपूत समाज के लोगों ने एक बैठक का आयोजन कर न सिर्फ इस फैसले का बहिष्कार किया, बल्कि चेतावनी भी दी कि यदि इस फैसले को वापस नहीं लिया तो राजपूत समाज मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाएगा। बैठक की अध्यक्षता पूर्व सरपंच धर्मपाल ने की। जबकि बैठक में मोहन पाटौदा, सुरेश लुहारी, अमादलपुर के पूर्व सरपंच बेनामी, अमादलपुर के सरपंच बिट्टू, पाटौदा सरपंच प्रतिनिधि बिट्टू, जितेंद्र बराणी व गिजडौद से चेयरमैन रणबीर ने शिरकत की।
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जिला यादव सभा ने भी जताई नाराजगी
राजपूत समाज के हर घर पर एक-एक रुपया जुर्माना करने के फैसले पर जिला यादव सभा ने वीरवार को एक बैठक बुलाकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। जिला प्रधान राव धर्मपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता राव उदयभान, विरेंद्र दरोगा, राव दलपत, एडवोकेट बलजीत, पार्षद हरीष, विकास सरपंच, सतीश यादव, रमेश यादव, रण सिंह भिंडावास ने शिरकत की। बैठक में सभी ने एकमत से गांव पाटौदा के यादव समाज व खासकर पंचायत में शामिल रही 11 सदस्यीय कमेटी से अनुरोध किया कि वह इस फैसले पर पुनर्विचार करे। ताकि राजपूत समाज व यादव समाज के बीच चला आ रहा सालों पुराना भाईचारा कायम रह सके।
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अब बोलने से बच रहे यादव समुदाय के लोग
राजपूत समुदाय पर जुर्माना किए जाने के बाद से यादव समाज के लोग मामले पर टिप्पणी करने से बच रहे हैं। समाज के प्रमुख बीर सिंह यादव व अजय पाटौदा से इस बारे में बात करने का प्रयास किया तो दोनों ने ही फोन नहीं उठाया।
यह था मामला
बता दें कि पिछले माह की 26 तारीख को गांव पाटौदा के खेल स्टेडियम में लगी राव तुलाराम की प्रतिमा को खंडित किया गया था। इस मामले में भाईचारा खराब न हो इसी के चलते राजपूत समाज के लोगों ने गांव के जो युवा इस मामले में दोषी थे उन्हें पुलिस को सुपुर्द कर दिया था। बाद में इन आरोपित युवाओं को पुलिस ने अदालत में पेश किया था जिन्हें जेल भेज दिया गया है। लेकिन यादव समाज ने आशंका जताई थी कि मामले में दो नहीं बल्कि कई लोग शामिल हैं। उन सभी की गिरफ्तारी के लिए रविवार को क्षेत्र के एक दर्जन गांवों की पंचायत भी बुलाई गई थी, जिसमें जिला पुलिस प्रशासन को तीन दिनों में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी करने की चेतावनी दी थी। लेकिन यह अवधि पूरी हो पाती इससे पूर्व ही बुधवार को गांव के लोगों ने एक बार फिर से पंचायत बुलाई। हालांकि बुधवार को हुई पंचायत में राजपूत समाज के लोगों ने घटना को लेकर दुख भी जताया था और कहा था कि अदालत इस मामले में जो भी फैसला देगी वह समाज को मान्य होगा। लेकिन इनके बावजूद भी पंचायत में ही एक 11 सदस्यीय कमेटी का गठन कर राजपूत समाज के हर घर पर एक-एक रुपया जुर्माना भरने का तुगलकी फरमान सुना दिया था।