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झूठे जाति प्रमाण पत्र से बने सरपंच, पुष्टि हुई तो डीसी ने किए सस्पेंड
Updated Wed, 20 Dec 2017 01:29 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
जाति के झूठे प्रमाण-पत्र के जरिये अनुसूचित जाति की सीट पर सरपंच का चुनाव लगने वाले गांव कोट उखलचना के सरपंच को जिला प्रशासन ने पद से हटा दिया है। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी विशाल कुमार ने बताया कि पिछड़ा वर्ग में शामिल बंजारा गवारिया जाति का अनुसूचित जाति से प्रमाण-पत्र बनवाकर सरपंच बने उखलचना के सुंदरलाल को पद से हटाया गया है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की ओर से सरपंच के खिलाफ शिकायत दी गई थी, जिसकी जांच कराई गई तो जांच में बंजारा गवारिया जाति पिछड़ा वर्ग ए श्रेणी में पाई गई। जबकि सरपंच सुंदरलाल द्वारा चुनाव लड़ने के दौरान बंजारा जाति को अनुसूचित जाति में शामिल दिखाकर गलत जाति प्रमाण-पत्र देते हुए अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट पर सरपंच का चुनाव लड़कर सरपंच बन गया। जाति प्रमाण-पत्र गलत पाए जाने के बाद सरपंच सुंदरलाल को जिला उपायुक्त द्वारा पद से हटा दिया है। वहीं, मुनीमपुर गांव के सरपंच को भी सस्पेंड किया गया है।
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झज्जर।
जाति के झूठे प्रमाण-पत्र के जरिये अनुसूचित जाति की सीट पर सरपंच का चुनाव लगने वाले गांव कोट उखलचना के सरपंच को जिला प्रशासन ने पद से हटा दिया है। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी विशाल कुमार ने बताया कि पिछड़ा वर्ग में शामिल बंजारा गवारिया जाति का अनुसूचित जाति से प्रमाण-पत्र बनवाकर सरपंच बने उखलचना के सुंदरलाल को पद से हटाया गया है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की ओर से सरपंच के खिलाफ शिकायत दी गई थी, जिसकी जांच कराई गई तो जांच में बंजारा गवारिया जाति पिछड़ा वर्ग ए श्रेणी में पाई गई। जबकि सरपंच सुंदरलाल द्वारा चुनाव लड़ने के दौरान बंजारा जाति को अनुसूचित जाति में शामिल दिखाकर गलत जाति प्रमाण-पत्र देते हुए अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट पर सरपंच का चुनाव लड़कर सरपंच बन गया। जाति प्रमाण-पत्र गलत पाए जाने के बाद सरपंच सुंदरलाल को जिला उपायुक्त द्वारा पद से हटा दिया है। वहीं, मुनीमपुर गांव के सरपंच को भी सस्पेंड किया गया है।
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