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चिट फंड कंपनी ने तोड़ी ग्रामीणों की उम्मीद
Updated Sun, 16 Jul 2017 01:34 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बादली।
क्षेत्र में एक चिट फंड कंपनी अच्छा ब्याज देने के नाम पर लोगों के लाखों रुपये ले उड़ी है। कंपनी के कार्यालय की जगह अब एक कंप्यूटर सेंटर खुला हुआ है। जिसे देखकर लोग हैरान हैं। लोगों ने उक्त कंपनी के खिलाफ पुलिस को धोखाखड़ी करने की शिकायत दी है।
जानकारी के अनुसार गत वर्ष बादली क्षेत्र के गांव पेलपा में चिट फंड कंपनी उम्मीद को आपरेशन प्रोड्यूसर कंपनी की ओर से अपना कार्यालय खोला गया। कंपनी के कर्मचारियों ने ग्रामीणों को अच्छा ब्याज देने एवं कई लुभावने सपने दिखाए। ग्रामीण उनकी बातों में आ गए और खाते खुलवा लिए। पेलपा के अलावा बादली, माजरा, गुभाना और निमाना आदि गांवों के काफी लोगों ने खाते खुलवा लिए। समयावधि पूरी होने पर जब लोगों ने कंपनी के कर्मचारियों से संपर्क किया तो बात नहीं हुई।
इस पर लोग पेलपा स्थित कंपनी के ऑफिस पहुंचे। यहां हालात को देखकर लोगों की आंखें खुली रह गई। क्योंकि कंपनी कार्यालय की जगह एक कंप्यूटर सेंटर खुला मिला। बाद में पता चला कि कंपनी तो नवंबर 2016 से ही यहां से रफू चक्कर हो चुकी है। इससे शनिवार को उपभोक्ताओं में रोष पनप गया। ग्रामीण बादली स्थित पुलिस चौकी पहुंचे और उक्त कंपनी की शिकायत दी। लोगों ने कहा कि उक्त कंपनी ने उनके साथ फ्राड किया है। जल्द से जल्द कंपनी चलाने वाले लोगों को गिरफ्तार करके उनका पैसा दिलाया जाए।
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चौकी पहुंचे अनिल ने बताया कि उन्होंने आठ हजार देकर खाता खुलवाया था। कुछ दिन तक तो बैंक में कामकाज भी चलता रहा और उनकी जमा खाता कापी में ब्याज भी चढ़ाया। 40 हजार जमा कराकर खाता खुलवाने वाले बिजेंद्र ने बताया कि अब ऑफिस पर ताला लटका हुआ है। चिट फंड कंपनी की तरफ से जो मोबाइल नंबर जारी किए गए थे, वे भी बंद हैं। कर्मबीर ने बताया कि उसने 18 हजार से खाता खुलवाया था। उनकी आंखे उस समय खुली की खुली रह गई जब कंपनी ऑफिस की जगह एक कंप्यूटर सेंटर मिला। अब उन्हें बैंक से ज्यादा पुलिस पर उम्मीद है कि पुलिस उनके पैसे वापस दिला देगी। सरदारे का कहना है कि उक्त कंपनी की तरफ उनका 75 हजार किराया बकाया है। लेकिन कंपनी के किसी भी व्यक्ति से संपर्क नहीं हो रहा।
ये भी हुए शिकार
गत वर्ष नवंबर में कंपनी सामान को बांधकर भाग गई, जिसमें मकान मालिक का 10 महीने का 75 हजार किराया भी बकाया है। इसके अतिरिक्त जोनी निमाना के 3200, रवि के 10 हजार, कुलदीप के 10 हजार, बलवान गुभाना के 75 हजार, वीरेंद्र के 10 हजार, कृष्णा के 36 हजार, राजेश वर्मा बादली के एक लाख, सुनीता गोरधन के 40 हजार, कमला और राजेंद्र के 10 हजार, हिमांशी गोवर्धन के 10 हजार, लोकेश के 15 हजार सहित कई लोगों को चूना लगाया गया है।
केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी
मामले के जांच अधिकारी श्रवण कुमार ने कहा कि लोगों की शिकायत पर केस दर्ज क लिया गया है। कंपनी के बारे में पता लगाया जाएगा।
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बादली।
क्षेत्र में एक चिट फंड कंपनी अच्छा ब्याज देने के नाम पर लोगों के लाखों रुपये ले उड़ी है। कंपनी के कार्यालय की जगह अब एक कंप्यूटर सेंटर खुला हुआ है। जिसे देखकर लोग हैरान हैं। लोगों ने उक्त कंपनी के खिलाफ पुलिस को धोखाखड़ी करने की शिकायत दी है।
जानकारी के अनुसार गत वर्ष बादली क्षेत्र के गांव पेलपा में चिट फंड कंपनी उम्मीद को आपरेशन प्रोड्यूसर कंपनी की ओर से अपना कार्यालय खोला गया। कंपनी के कर्मचारियों ने ग्रामीणों को अच्छा ब्याज देने एवं कई लुभावने सपने दिखाए। ग्रामीण उनकी बातों में आ गए और खाते खुलवा लिए। पेलपा के अलावा बादली, माजरा, गुभाना और निमाना आदि गांवों के काफी लोगों ने खाते खुलवा लिए। समयावधि पूरी होने पर जब लोगों ने कंपनी के कर्मचारियों से संपर्क किया तो बात नहीं हुई।
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इस पर लोग पेलपा स्थित कंपनी के ऑफिस पहुंचे। यहां हालात को देखकर लोगों की आंखें खुली रह गई। क्योंकि कंपनी कार्यालय की जगह एक कंप्यूटर सेंटर खुला मिला। बाद में पता चला कि कंपनी तो नवंबर 2016 से ही यहां से रफू चक्कर हो चुकी है। इससे शनिवार को उपभोक्ताओं में रोष पनप गया। ग्रामीण बादली स्थित पुलिस चौकी पहुंचे और उक्त कंपनी की शिकायत दी। लोगों ने कहा कि उक्त कंपनी ने उनके साथ फ्राड किया है। जल्द से जल्द कंपनी चलाने वाले लोगों को गिरफ्तार करके उनका पैसा दिलाया जाए।
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चौकी पहुंचे अनिल ने बताया कि उन्होंने आठ हजार देकर खाता खुलवाया था। कुछ दिन तक तो बैंक में कामकाज भी चलता रहा और उनकी जमा खाता कापी में ब्याज भी चढ़ाया। 40 हजार जमा कराकर खाता खुलवाने वाले बिजेंद्र ने बताया कि अब ऑफिस पर ताला लटका हुआ है। चिट फंड कंपनी की तरफ से जो मोबाइल नंबर जारी किए गए थे, वे भी बंद हैं। कर्मबीर ने बताया कि उसने 18 हजार से खाता खुलवाया था। उनकी आंखे उस समय खुली की खुली रह गई जब कंपनी ऑफिस की जगह एक कंप्यूटर सेंटर मिला। अब उन्हें बैंक से ज्यादा पुलिस पर उम्मीद है कि पुलिस उनके पैसे वापस दिला देगी। सरदारे का कहना है कि उक्त कंपनी की तरफ उनका 75 हजार किराया बकाया है। लेकिन कंपनी के किसी भी व्यक्ति से संपर्क नहीं हो रहा।
ये भी हुए शिकार
गत वर्ष नवंबर में कंपनी सामान को बांधकर भाग गई, जिसमें मकान मालिक का 10 महीने का 75 हजार किराया भी बकाया है। इसके अतिरिक्त जोनी निमाना के 3200, रवि के 10 हजार, कुलदीप के 10 हजार, बलवान गुभाना के 75 हजार, वीरेंद्र के 10 हजार, कृष्णा के 36 हजार, राजेश वर्मा बादली के एक लाख, सुनीता गोरधन के 40 हजार, कमला और राजेंद्र के 10 हजार, हिमांशी गोवर्धन के 10 हजार, लोकेश के 15 हजार सहित कई लोगों को चूना लगाया गया है।
केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी
मामले के जांच अधिकारी श्रवण कुमार ने कहा कि लोगों की शिकायत पर केस दर्ज क लिया गया है। कंपनी के बारे में पता लगाया जाएगा।