{"_id":"5d190bfc8ebc3e3cee0140fc","slug":"15619225352-charkhidadri-news28","type":"story","status":"publish","title_hn":"डंपर ने मारी टक्कर, सीआरपीएफ जवान की मौत, दो दोस्त घायल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
डंपर ने मारी टक्कर, सीआरपीएफ जवान की मौत, दो दोस्त घायल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चरखी दादरी। दादरी-लोहारू रोड पर गांव बिरही कलां के समीप शनिवार देर रात एक डंपर ने बाइक को टक्कर मार दी। घटना में बाइक सवार दो लोगों सहित सड़क किनारे खड़ा उनका तीसरा साथी भी चपेट में आ गया। हादसे में एक की मौत हो गई जबकि दो गंभीर घायल हो गए। सभी को सिविल अस्पताल से रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। मृतक सीआरपीएफ का जवान है। दोनों घायल रेलवे पुलिस दिल्ली में तैनात हैं। सदर पुलिस ने घायल के बयान और मृतक के परिजनों की शिकायत पर आरोपी चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। आरोपी वाहन सहित मौके से फरार हो गया। रविवार सुबह पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। हादसे का शिकार बने तीनों लोग गांव बिलावल के रहने वाले थे।
जानकारी के अनुसार बिलावल निवासी मृतक सुखबीर (38) सीआरपीएफ में सिपाही था। वह शनिवार शाम बाइक पर सवार होकर घरेलू सामान लेने चरखी दादरी शहर आया था। देर शाम वह रेलवे पुलिस दिल्ली में तैनात गांव निवासी अशोक के साथ बाइक पर सवार होकर वापस अपने गांव बिलावल के लिए दादरी से चला था। सदर थाना के जांच अधिकारी एएसआई जोगेंद्र ने बताया कि बिलावल निवासी जसवंत उन दोनों का बिरही कलां के समीप मैहड़ा मोड़ पर पहले से ही खड़े होकर इंतजार कर रहा था। जसवंत को बैठाने के लिए ज्यों ही सुखबीर ने बाइक रोकी तो पीछे से आ रहे डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी और घटना में जसवंत भी चपेट में आ गया। एएसआई जोगेंद्र ने बताया कि जसवंत भी रेलवे पुलिस में कार्यरत है। वह मैहड़ा मोड़ के समीप सड़क किनारे खड़ा होकर सुखबीर और अशोक के आने का इंतजार कर था। जांच अधिकारी ने बताया कि टक्कर के बाद बाइक सवार सुखबीर, अशोक और सड़क किनारे खड़ा जसवंत गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, हादसे के बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गया। इसके बाद वहां से गुजरने वाले राहगीरों ने तीनों घायलों को संभाला और रोडवेज बस चालक और परिचालक की मदद से तीनों को दादरी सिविल अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने सीआरपीएफ जवान सुखबीर को मृत घोषित कर दिया जबकि अशोक को को प्राथमिक उपचार के तुरंत बाद रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। मामले की सूचना पाकर मृतक के परिजन देर रात सिविल अस्पताल पहुंचे। हादसे की सूचना पाकर सदर थाना पुलिस भी सिविल अस्पताल पहुंची और शव को अपने कब्जे में ले लिया। रविवार सुबह पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी कर शव का पोस्टमार्टम कराया और इस संबंध में अज्ञात चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दो दिन पहले ही छुट्टी लेकर आया था सुखबीर
सिविल अस्पताल पहुंचे मृतक के भाई ने बताया कि सुखबीर 14 साल पहले सीआरपीएफ में बतौर सिपाही भर्ती हुआ था। इस समय उसकी पोस्टिंग हिमाचल के धर्मपुर में थी। मृतक के भाई ने बताया कि सुखबीर दो दिन पहले ही एक सप्ताह की छुट्टी लेकर घर आया था। उसके एक बेटा व एक बेटी है। शनिवार शाम वह दादरी घर के लिए सामान लेने आया था और वापिस लौटते समय यह हादसा हो गया।
विज्ञापन
बस से उतरकर इंतजार कर रहा था जसवंत
एएसआई जोगेंद्र सिंह ने बताया कि बिलावल निवासी जसवंत भी दादरी से गांव की तरफ जा रहा था। जसवंत रेलवे पुलिस में तैनात है और उसकी पोस्टिंग भी दिल्ली में है। उन्होंने बताया कि जसवंत की पीछे आ रहे सुखबीर और अशोक से फोन पर बात हुई थी और इस दौरान उन्होंने उसे मैहड़ा मोड़ पर बस से उतरने की बात कही थी। मैहड़ा मोड़ के समीप जसवंत बस से उतर गया और अशोक व सुखबीर ने जब बाइक रोकने का प्रयास किया तो डंपर ने उन तीनों को चपेट में ले लिया।
डंपर लगातार लील रहे जिंदगियां
एक तरफ जिले में ओवरलोडिंग मंथली का खेल इस समय सुर्खियों में है तो दूसरी ओर डंपरों के चलते लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं। तेज रफ्तार वाहन के चलते जिले में आए दूसरे दिन हादसे हो रहे हैं। पहले की घटनाओं पर नजर डालें तो तेज रफ्तार डंपरों के चलते कई ऐसे हादसे भी हुए हैं जिनमें तीन से चार लोगों को भी जान गंवानी पड़ी है। गत दिनों समसपुर के समीप ट्रक और डंपर में भिंड़त के बाद आग लग गई थी और एक चालक केबिन में जिंदा जल गया था।2019 में अब तक डंपरों के चलते 20 से 25 हादसे हो चुके हैं जिनमें कुछ ने जान गंवाई है तो कई गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।
मृतक सीआरपीएफ जवान सुखबीर का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने आरोपी चालक पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सुखबीर और अशोक बाइक पर सवार थे जबकि जसवंत मैहड़ा मोड़ पर उतरने के बाद उनका इंतजार कर रहा था।
जोगेंद्र सिंह, एएसआई, सदर थाना
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार बिलावल निवासी मृतक सुखबीर (38) सीआरपीएफ में सिपाही था। वह शनिवार शाम बाइक पर सवार होकर घरेलू सामान लेने चरखी दादरी शहर आया था। देर शाम वह रेलवे पुलिस दिल्ली में तैनात गांव निवासी अशोक के साथ बाइक पर सवार होकर वापस अपने गांव बिलावल के लिए दादरी से चला था। सदर थाना के जांच अधिकारी एएसआई जोगेंद्र ने बताया कि बिलावल निवासी जसवंत उन दोनों का बिरही कलां के समीप मैहड़ा मोड़ पर पहले से ही खड़े होकर इंतजार कर रहा था। जसवंत को बैठाने के लिए ज्यों ही सुखबीर ने बाइक रोकी तो पीछे से आ रहे डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी और घटना में जसवंत भी चपेट में आ गया। एएसआई जोगेंद्र ने बताया कि जसवंत भी रेलवे पुलिस में कार्यरत है। वह मैहड़ा मोड़ के समीप सड़क किनारे खड़ा होकर सुखबीर और अशोक के आने का इंतजार कर था। जांच अधिकारी ने बताया कि टक्कर के बाद बाइक सवार सुखबीर, अशोक और सड़क किनारे खड़ा जसवंत गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, हादसे के बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गया। इसके बाद वहां से गुजरने वाले राहगीरों ने तीनों घायलों को संभाला और रोडवेज बस चालक और परिचालक की मदद से तीनों को दादरी सिविल अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने सीआरपीएफ जवान सुखबीर को मृत घोषित कर दिया जबकि अशोक को को प्राथमिक उपचार के तुरंत बाद रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। मामले की सूचना पाकर मृतक के परिजन देर रात सिविल अस्पताल पहुंचे। हादसे की सूचना पाकर सदर थाना पुलिस भी सिविल अस्पताल पहुंची और शव को अपने कब्जे में ले लिया। रविवार सुबह पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी कर शव का पोस्टमार्टम कराया और इस संबंध में अज्ञात चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
दो दिन पहले ही छुट्टी लेकर आया था सुखबीर
सिविल अस्पताल पहुंचे मृतक के भाई ने बताया कि सुखबीर 14 साल पहले सीआरपीएफ में बतौर सिपाही भर्ती हुआ था। इस समय उसकी पोस्टिंग हिमाचल के धर्मपुर में थी। मृतक के भाई ने बताया कि सुखबीर दो दिन पहले ही एक सप्ताह की छुट्टी लेकर घर आया था। उसके एक बेटा व एक बेटी है। शनिवार शाम वह दादरी घर के लिए सामान लेने आया था और वापिस लौटते समय यह हादसा हो गया।
विज्ञापन
बस से उतरकर इंतजार कर रहा था जसवंत
एएसआई जोगेंद्र सिंह ने बताया कि बिलावल निवासी जसवंत भी दादरी से गांव की तरफ जा रहा था। जसवंत रेलवे पुलिस में तैनात है और उसकी पोस्टिंग भी दिल्ली में है। उन्होंने बताया कि जसवंत की पीछे आ रहे सुखबीर और अशोक से फोन पर बात हुई थी और इस दौरान उन्होंने उसे मैहड़ा मोड़ पर बस से उतरने की बात कही थी। मैहड़ा मोड़ के समीप जसवंत बस से उतर गया और अशोक व सुखबीर ने जब बाइक रोकने का प्रयास किया तो डंपर ने उन तीनों को चपेट में ले लिया।
डंपर लगातार लील रहे जिंदगियां
एक तरफ जिले में ओवरलोडिंग मंथली का खेल इस समय सुर्खियों में है तो दूसरी ओर डंपरों के चलते लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं। तेज रफ्तार वाहन के चलते जिले में आए दूसरे दिन हादसे हो रहे हैं। पहले की घटनाओं पर नजर डालें तो तेज रफ्तार डंपरों के चलते कई ऐसे हादसे भी हुए हैं जिनमें तीन से चार लोगों को भी जान गंवानी पड़ी है। गत दिनों समसपुर के समीप ट्रक और डंपर में भिंड़त के बाद आग लग गई थी और एक चालक केबिन में जिंदा जल गया था।2019 में अब तक डंपरों के चलते 20 से 25 हादसे हो चुके हैं जिनमें कुछ ने जान गंवाई है तो कई गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।
मृतक सीआरपीएफ जवान सुखबीर का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने आरोपी चालक पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सुखबीर और अशोक बाइक पर सवार थे जबकि जसवंत मैहड़ा मोड़ पर उतरने के बाद उनका इंतजार कर रहा था।
जोगेंद्र सिंह, एएसआई, सदर थाना