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एनएच-152 डी : किसानों का धरना जारी, सोमवार को अवार्ड राशि घोषित होने का इंतजार
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चरखी दादरी। एनएच-152 डी मामले में 18 गांवों के किसानों का धरना शनिवार को भी जारी रहा। हालांकि दिनभर केवल पुरुष ही धरनास्थल पर डटे रहे और महिलाएं वहां नहीं पहुंची। वहीं, किसानों के नरम रवैये को देखकर प्रशासन ने भी धरनास्थल के समीप से पुलिस फोर्स कम कर दी है। किसान नेता रमेश दलाल का कहना है कि उन्हें सोमवार तक नई अवार्ड राशि की घोषणा का आश्वासन डीआरओ ने दिया है। वे प्रशासनिक कमेटी के लगातार संपर्क में है। उन्होंने बताया कि अभी भी किसान एक्शन मोड में ही हैं।
ज्ञात रहे कि संशोधित अवार्ड राशि की मांग कर रहे किसानों ने प्रदेश में रेल रोको आंदोलन करने की चेतावनी सरकार को दे रखी है। वहीं, जिला प्रशासन संशोधित अवार्ड राशि की प्रक्रिया पाइप लाइन में होने का तर्क देकर किसानों से लगातार शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। इन किसानों ने इससे पहले गत 27 जून को रेल रोकने का एलान किया था लेकिन इससे पहले 26 जून को ही उनकी जिला उपायुक्त मुकेश आहूजा से बातचीत हो गई थी। इस बैठक के बाद किसान रेलवे ट्रैक की तरफ तो नहीं बढ़े लेकिन रेल रोको आंदोलन को एक्शन मोड़ में रखे हुए हैं। किसान नेता रमेश दलाल का कहना है कि वो लगातार जींद और चरखी दादरी जिला प्रशासन व सरकार के संपर्क में है और लगातार प्रशासनिक कार्यवाही की अपडेट ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि ज्यादती होने पर किसान कभी भी रेलवे ट्रैक पर उतर सकते हैं।
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ज्ञात रहे कि संशोधित अवार्ड राशि की मांग कर रहे किसानों ने प्रदेश में रेल रोको आंदोलन करने की चेतावनी सरकार को दे रखी है। वहीं, जिला प्रशासन संशोधित अवार्ड राशि की प्रक्रिया पाइप लाइन में होने का तर्क देकर किसानों से लगातार शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। इन किसानों ने इससे पहले गत 27 जून को रेल रोकने का एलान किया था लेकिन इससे पहले 26 जून को ही उनकी जिला उपायुक्त मुकेश आहूजा से बातचीत हो गई थी। इस बैठक के बाद किसान रेलवे ट्रैक की तरफ तो नहीं बढ़े लेकिन रेल रोको आंदोलन को एक्शन मोड़ में रखे हुए हैं। किसान नेता रमेश दलाल का कहना है कि वो लगातार जींद और चरखी दादरी जिला प्रशासन व सरकार के संपर्क में है और लगातार प्रशासनिक कार्यवाही की अपडेट ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि ज्यादती होने पर किसान कभी भी रेलवे ट्रैक पर उतर सकते हैं।
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