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जमाबंदी के नाम पर पटवारी पर वसूली का आरोप
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जमाबंदी के नाम पर पटवारी पर वसूली का आरोप
बहादुरगढ़। बालौर स्थित लघु सचिवालय में तैनात एक पटवारी पर सामाजिक संस्था की महिला ने जमाबंदी के नाम पर वसूली करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसकी शिकायत लिखित रूप से मुख्यमंत्री से कर मामले की निष्पक्षता से जांच की मांग की है।
महिला आर्य समाज परनाला की प्रधान कांता कौशिक के मुताबिक, जमाबंदी के कराने के लिए प्रदेश सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए फ्री टोकन सिस्टम लागू किया है, लेकिन टोकन देने वाला पटवारी अपने निजी कर्मचारी के माध्यम से जमाबंदी कराने वाले लोगों से 100 से 200 तक की वसूली करता है। जिससे जमाबंदी के लिए पहले लाइन में लगा व्यक्ति पीछे व पीछे वाला आगे आ जाता है। उन्होंने सरकार के आदेशों को हवाला देते कहा कि मकान की रजिस्ट्री के साथ इंतकाल की फीस जमा कराने के बाद सप्ताह भर में रजिस्ट्री व इंतकाल मालिक को दे देने के आदेश हैं। इन आदेशों का पटवारी पर कोई असर नहीं दिख रहा। कौशिक ने बताया कि एक व्यक्ति के कागज उन्होंने इंतकाल के लिए दिए थे। इस पर पटवारी ने सत्यापित करने को कहा था। तहसीलदार से सत्यापन के दो माह बाद पटवारी को दोबारा कागज दिए तो उन्होंने वापस लौटा दिया कहा कि अप्रैल के दूसरे सप्ताह में कागज लेकर आना। कई बार पटवारी के दफ्तर के चक्कर लगाने के बाद महिला ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को पत्र लिखकर की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कोट::
सोमवार को सभी पटवारियों की मीटिंग की जाएगी। अगर जमाबंदी के नाम पर वसूली की जा रही है तो बिल्कुल गलत है। इसकी जांच करा करा कर सत्यता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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तरूण पावरिया, एसडीएम, बहादुरगढ़।
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बहादुरगढ़। बालौर स्थित लघु सचिवालय में तैनात एक पटवारी पर सामाजिक संस्था की महिला ने जमाबंदी के नाम पर वसूली करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसकी शिकायत लिखित रूप से मुख्यमंत्री से कर मामले की निष्पक्षता से जांच की मांग की है।
महिला आर्य समाज परनाला की प्रधान कांता कौशिक के मुताबिक, जमाबंदी के कराने के लिए प्रदेश सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए फ्री टोकन सिस्टम लागू किया है, लेकिन टोकन देने वाला पटवारी अपने निजी कर्मचारी के माध्यम से जमाबंदी कराने वाले लोगों से 100 से 200 तक की वसूली करता है। जिससे जमाबंदी के लिए पहले लाइन में लगा व्यक्ति पीछे व पीछे वाला आगे आ जाता है। उन्होंने सरकार के आदेशों को हवाला देते कहा कि मकान की रजिस्ट्री के साथ इंतकाल की फीस जमा कराने के बाद सप्ताह भर में रजिस्ट्री व इंतकाल मालिक को दे देने के आदेश हैं। इन आदेशों का पटवारी पर कोई असर नहीं दिख रहा। कौशिक ने बताया कि एक व्यक्ति के कागज उन्होंने इंतकाल के लिए दिए थे। इस पर पटवारी ने सत्यापित करने को कहा था। तहसीलदार से सत्यापन के दो माह बाद पटवारी को दोबारा कागज दिए तो उन्होंने वापस लौटा दिया कहा कि अप्रैल के दूसरे सप्ताह में कागज लेकर आना। कई बार पटवारी के दफ्तर के चक्कर लगाने के बाद महिला ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को पत्र लिखकर की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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कोट::
सोमवार को सभी पटवारियों की मीटिंग की जाएगी। अगर जमाबंदी के नाम पर वसूली की जा रही है तो बिल्कुल गलत है। इसकी जांच करा करा कर सत्यता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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तरूण पावरिया, एसडीएम, बहादुरगढ़।