CIA ने काला साहूवास गैंग के तीन शार्प शूटर दबोचे, , तीन पिस्टल, कट्टा और 17 कारतूस बरामद
तीनों साथी के इंतजार में नूना माजरा बस स्टैंड पर खडे़ थे, तीन पिस्टल, कट्टा और 17 कारतूस बरामद किए हैं। 7 नवंबर को चरखी दादरी के भागवी गांव में फायरिंग की थी।
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बहादुरगढ़ में पुलिस की अपराध जांच शाखा-1 ने चरखी दादरी में एक युवक पर गोली चलाने के आरोपी बदमाश और उसके दो साथियों को नूना माजरा गांव के बस स्टैंड से गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि तीनों बदमाश काला साहूवास (दादरी) गैंग के शार्प शूटर हैं। ये किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे लेकिन इससे पहले ही इन्हें दबोच लिया गया। इनके पास से तीन पिस्तौल और 17 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से एक को जेल भेज दिया गया। जबकि अन्य दो आरोपियों को न्यायालय ने तीन दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंपा है। दोनों पर आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार 7 नवंबर को चरखी दादरी जिले के गांव भागवी में एक मकान के बाहर गोलियां चली थी।
इसमें गोली लगने से एक युवक घायल हो गया था। गोली मारने का आरोप गांव धर्मेंद्र उर्फ धर्मा सहित कई युवाओं पर लगा था। धर्मेेंद्र गांव का भांजा लगता है। घटना का केस दर्ज किया गया था, लेकिन आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर थे। पुलिस के अनुसार धर्मेंद्र अपने दो साथी मोहित और जतिन के साथ बीती देर सायं यहां गांव नूना माजरा के अड्डे के पास मौजूद था।
तीनों बैठकर अपने एक अन्य साथी का इंतजार कर रहे थे। पुलिस का दावा है कि तीनों बदमाश प्रदीप कासनी गैंग के सदस्य अमित को मारने की फिराक में थे। आरोप है कि बदमाश मोहित ने दादरी के एक व्यापारी से 10 करोड़ रुपये रंगदारी मांगी थी। इस मामले में वह बरी हो चुका हैं।
सीआईए इंस्पेक्टर अशोक दहिया की अगुवाई वाली सीआईए-1 को मंगलवार शाम इन तीनों के नूना माजरा बस स्टैंड पर होने की भनक लगी तो टीम ने घेराबंदी करके दबोच लिया गया। इनमें धर्मेंद्र उर्फ धर्मा निवासी गांव चिडिया जिला चरखी दादरी, मोहित गांव आदमपुर दाढ़ी तथा जतिन भागी गांव का निवासी है। बदमाश चरखी दादरी में सक्रिय काला गैंग के सदस्य हैं। तलाशी में तीनों के पास से तीन पिस्तौल व 17 राउंड बरामद हुए। इनके खिलाफ सदर थाने में आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने भागवी गांव में हुई वारदात का खुलासा कर दिया है। रुपयों के लेनदेन के चलते वह वारदात हुई थी। धर्मेंद्र और मोहित पर लूटपाट, झगड़े समेत आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। यह भी सामने आया है कि ये बदमाश किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
मंसूबों में कामयाब होने से पहले ही पकड़ लिए गए। नूना माजरा में ये किस का इंतजार कर रहे थे, यह अभी जांच का विषय है। बुधवार को पुलिस ने इनको अदालत में पेश किया। जहां से बदमाश जतिन को जेल भेज दिया गया, जबकि धर्मेंद्र और मोहित को तीन दिन के रिमांड पर ले लिया गया। रिमांड अवधि में पुलिस इनसे इनके अन्य साथियों व वारदातों के संबंध में पूछताछ करेगी।