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चेयरपर्सन का दावा: बैंक की लापरवाही से हुई धोखाधड़ी, नोटिस किया जारी, ब्याज समेत लौटानी होगी राशि
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नगर परिषद के प्रधानमंत्री आवास योजना के खाते से धोखाधड़ी करके 88 लाख 68 हजार रुपये निकाले गए हैं, उसमें पूर्णतया बैंक की लापरवाही सामने आई है। इस बारे में बैंक प्रबंधक को नोटिस जारी किया गया है, अब बैंक को यह राशि ब्याज समेत लौटानी होगी। यह दावा किया है नगर परिषद की चेयरपर्सन शीला राठी ने। वे शुक्रवार को नप कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रही थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक में खाता खोला गया था वह केवल तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी अपूर्व चौधरी के हस्ताक्षरों पर ही खोला गया था। दूसरी बात यह कि बैंक में जो फर्जी चेक लगाकर पैसा निकाला गया, वे बिल्कुल आधुनिक चेक बुक की क्लोनिंग करके तैयार किए गए थे। पुलिस की ओर से ये चेक बरामद किए गए। बैंक ने भी यह मान लिया है कि जिस चेक बुक की क्लोनिंग से फर्जी चेक तैयार किए गए, वैसी चेकबुक नगर परिषद को जारी ही नहीं की गई। इसके बावजूद बैंक द्वारा ऐसे फर्जी चेक क्लियर कर दिए गए, जिन पर फर्जी हस्ताक्षर थे। बैंक द्वारा इतनी राशि चेक के माध्यमों से रिलीज की जाती रही और एक बार भी नगर परिषद को इस बारे में सूचित नहीं किया।
उन्होंने कहा कि इस मामले में कुछ विकास विरोधी लोग लापरवाही और मिलीभगत के आरोप लगाकर जनता की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहे हैं। नगर परिषद ने अपने स्तर पर छानबीन की और पुलिस द्वारा अब तक की जांच से पता चला है कि कई बिंदुओं पर बैंक ने लापरवाही बरती। उधर, नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन रवि खत्री ने कहा कि विपक्षी पार्षदों को चाहिए कि शहर के विकास के लिए नगर परिषद को सहयोग करें। झूठे आरोपों से बचें। इस मौके पर नप के ईओ अतर सिंह, एमई अमन राठी व चेरपर्सन प्रतिनिधि संदीप राठी मौजूद थे।
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उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक में खाता खोला गया था वह केवल तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी अपूर्व चौधरी के हस्ताक्षरों पर ही खोला गया था। दूसरी बात यह कि बैंक में जो फर्जी चेक लगाकर पैसा निकाला गया, वे बिल्कुल आधुनिक चेक बुक की क्लोनिंग करके तैयार किए गए थे। पुलिस की ओर से ये चेक बरामद किए गए। बैंक ने भी यह मान लिया है कि जिस चेक बुक की क्लोनिंग से फर्जी चेक तैयार किए गए, वैसी चेकबुक नगर परिषद को जारी ही नहीं की गई। इसके बावजूद बैंक द्वारा ऐसे फर्जी चेक क्लियर कर दिए गए, जिन पर फर्जी हस्ताक्षर थे। बैंक द्वारा इतनी राशि चेक के माध्यमों से रिलीज की जाती रही और एक बार भी नगर परिषद को इस बारे में सूचित नहीं किया।
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उन्होंने कहा कि इस मामले में कुछ विकास विरोधी लोग लापरवाही और मिलीभगत के आरोप लगाकर जनता की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहे हैं। नगर परिषद ने अपने स्तर पर छानबीन की और पुलिस द्वारा अब तक की जांच से पता चला है कि कई बिंदुओं पर बैंक ने लापरवाही बरती। उधर, नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन रवि खत्री ने कहा कि विपक्षी पार्षदों को चाहिए कि शहर के विकास के लिए नगर परिषद को सहयोग करें। झूठे आरोपों से बचें। इस मौके पर नप के ईओ अतर सिंह, एमई अमन राठी व चेरपर्सन प्रतिनिधि संदीप राठी मौजूद थे।
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