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Jhajjar-Bahadurgarh News: बहादुरगढ़ में फिर चलेगा बंदर पकड़ो अभियान, 3 हजार बंदर पकड़ने की तैयारी
Sun, 20 Sep 2026 07:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 20 Sep 2026 07:11 PM IST
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फोटो-65: बहादुरगढ़ के विवेकानंद नगर में घरों की छत पर घूमता बंदरों का झुंड। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। शहर में बंदरों के बढ़ते उत्पात से परेशान लोगों को अब राहत मिलने की उम्मीद जगी है। नगर परिषद ने शहर से करीब तीन हजार बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर लगाया है। करीब एक साल बाद दोबारा बंदर पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा। बंदरों को पकड़ने के बाद कलेसर के जंगल या अरावली क्षेत्र के पहाड़ों में छोड़े जाने की योजना है।
शहर के कई इलाकों में बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। घरों की छतों, गलियों और बाजारों में बंदरों के झुंड दिखाई देते हैं। इनके कारण लोगों को अपने घरों में भी सावधानी बरतनी पड़ती है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को लेकर परिवार चिंतित रहते हैं। कई स्थानों पर बंदरों के उत्पात और लोगों को काटने या घायल करने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
करीब एक सप्ताह पहले सेक्टर छह निवासी पूनम दहिया पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया था। उसे कई जगह से काट लिया था, जिससे वे घायल हो गई थीं। इसके अलावा कुछ माह पहले पुराना शहर में गली में धूप सेंक रही वृद्धा पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया था, जिससे उन्हें काफी चोटें आई थीं।
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टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित एजेंसी को बंदर पकड़ने की जिम्मेदारी दी जाएगी। पकड़े गए बंदरों को शहर से बाहर सुरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र में छोड़ने की योजना है। इसके लिए कलेसर जंगल या अरावली के पहाड़ी क्षेत्र को संभावित स्थान माना जा रहा है। इससे बंदरों को शहर से दूर किया जा सकेगा और लोगों को उनके उत्पात से राहत मिलने की उम्मीद है।
नगर परिषद के सफाई निरीक्षक सुनील हुड्डा के अनुसार अभियान के दौरान बंदरों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने पर जोर रहेगा। शहरवासियों ने भी लंबे समय से बंदरों से निजात दिलाने की मांग की है। अभियान शुरू होने के बाद सबसे अधिक शिकायत वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई किए जाने की उम्मीद है। 10 हेडिंग बनाएं
इंसेट
एक साल पहले पकड़े थे 1500 बंदर
नगर परिषद की ओर से करीब एक साल पहले भी शहर में बंदर पकड़ने का अभियान चलाया गया था। उस दौरान करीब 1500 बंदरों को पकड़ा गया था। अभियान समाप्त होने के बाद कुछ समय तक लोगों को राहत मिली लेकिन बाद में शहर में बंदरों की संख्या फिर बढ़ने लगी। अब नगर परिषद ने दोबारा बड़े स्तर पर अभियान चलाने की तैयारी की है।
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बहादुरगढ़। शहर में बंदरों के बढ़ते उत्पात से परेशान लोगों को अब राहत मिलने की उम्मीद जगी है। नगर परिषद ने शहर से करीब तीन हजार बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर लगाया है। करीब एक साल बाद दोबारा बंदर पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा। बंदरों को पकड़ने के बाद कलेसर के जंगल या अरावली क्षेत्र के पहाड़ों में छोड़े जाने की योजना है।
शहर के कई इलाकों में बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। घरों की छतों, गलियों और बाजारों में बंदरों के झुंड दिखाई देते हैं। इनके कारण लोगों को अपने घरों में भी सावधानी बरतनी पड़ती है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को लेकर परिवार चिंतित रहते हैं। कई स्थानों पर बंदरों के उत्पात और लोगों को काटने या घायल करने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
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करीब एक सप्ताह पहले सेक्टर छह निवासी पूनम दहिया पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया था। उसे कई जगह से काट लिया था, जिससे वे घायल हो गई थीं। इसके अलावा कुछ माह पहले पुराना शहर में गली में धूप सेंक रही वृद्धा पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया था, जिससे उन्हें काफी चोटें आई थीं।
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टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित एजेंसी को बंदर पकड़ने की जिम्मेदारी दी जाएगी। पकड़े गए बंदरों को शहर से बाहर सुरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र में छोड़ने की योजना है। इसके लिए कलेसर जंगल या अरावली के पहाड़ी क्षेत्र को संभावित स्थान माना जा रहा है। इससे बंदरों को शहर से दूर किया जा सकेगा और लोगों को उनके उत्पात से राहत मिलने की उम्मीद है।
नगर परिषद के सफाई निरीक्षक सुनील हुड्डा के अनुसार अभियान के दौरान बंदरों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने पर जोर रहेगा। शहरवासियों ने भी लंबे समय से बंदरों से निजात दिलाने की मांग की है। अभियान शुरू होने के बाद सबसे अधिक शिकायत वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई किए जाने की उम्मीद है। 10 हेडिंग बनाएं
इंसेट
एक साल पहले पकड़े थे 1500 बंदर
नगर परिषद की ओर से करीब एक साल पहले भी शहर में बंदर पकड़ने का अभियान चलाया गया था। उस दौरान करीब 1500 बंदरों को पकड़ा गया था। अभियान समाप्त होने के बाद कुछ समय तक लोगों को राहत मिली लेकिन बाद में शहर में बंदरों की संख्या फिर बढ़ने लगी। अब नगर परिषद ने दोबारा बड़े स्तर पर अभियान चलाने की तैयारी की है।